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आज के दौर में जहां लोग घरों की सुरक्षा के लिए कई तरह के लॉक और कैमरे लगाते हैं, वहीं महाराष्ट्र का एक गांव ऐसा भी है जहां आज तक घरों में ताले लगाने की परंपरा नहीं है. लोगों का मानना है कि यहां स्वयं शनिदेव गांव की रक्षा करते हैं, इसलिए चोरी का डर नहीं रहता.
आज के समय में जहां लोग अपने घरों की सुरक्षा के लिए कई तरह के लॉक, कैमरे और सिक्योरिटी सिस्टम लगाते हैं, वहीं भारत में एक ऐसा गांव भी है जहां आज तक घरों में ताले लगाने की परंपरा नहीं है. यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर गांव अपनी इसी अनोखी मान्यता की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां रहने वाले लोग मानते हैं कि गांव की रक्षा स्वयं भगवान शनिदेव करते हैं, इसलिए चोरी या अपराध का डर नहीं रहता. यही वजह है कि यहां कई घरों में दरवाजे तक नहीं होते और अगर होते भी हैं तो उनमें ताले नहीं लगाए जाते.
शनि शिंगणापुर गांव महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है. यह जगह खासतौर पर शनिदेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां शनिदेव की मूर्ति किसी छत के नीचे नहीं बल्कि खुले आसमान के नीचे स्थापित है. गांव के लोगों का मानना है कि शनिदेव हर व्यक्ति के कर्मों पर नजर रखते हैं और गलत काम करने वालों को तुरंत सजा देते हैं. इसी विश्वास के कारण लोग अपने घरों और दुकानों में ताले लगाने की जरूरत महसूस नहीं करते.
घरों में दरवाजे तक नहीं लगाने की परंपरा
इस गांव की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां कई घरों में पारंपरिक दरवाजे तक नहीं बने होते. कुछ लोग सिर्फ पर्दे या लकड़ी के साधारण पैनल का इस्तेमाल करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई चोरी करने की कोशिश करता है तो उसे शनिदेव के प्रकोप का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि वर्षों से यहां विश्वास और आस्था की यह परंपरा चली आ रही है. हालांकि अब समय के साथ कुछ आधुनिक बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन आज भी गांव की पहचान बिना ताले वाले घरों से ही होती है.
बैंक भी बना था बिना ताले के
कुछ साल पहले इस गांव में एक बैंक की शाखा भी चर्चा में आई थी क्योंकि वहां पारंपरिक ताला नहीं लगाया गया था. यह खबर देशभर में सुर्खियों में रही थी. हालांकि सुरक्षा नियमों के चलते बाद में कुछ आधुनिक व्यवस्थाएं जोड़ी गईं, लेकिन यह उदाहरण गांव की अनोखी मान्यता को दिखाता है. यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु इस परंपरा को करीब से देखने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं.
आस्था और विश्वास का अनोखा उदाहरण
शनि शिंगणापुर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है. यहां पहुंचने वाले कई लोग इस गांव की सादगी और अलग जीवनशैली को देखकर हैरान रह जाते हैं. गांव के लोग मानते हैं कि ईमानदारी और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है. यही वजह है कि यह जगह भारत के सबसे अनोखे गांवों में गिनी जाती है.
पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बन चुका है गांव
आज शनि शिंगणापुर धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है. महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां घूमने और मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते हैं. गांव की बिना ताले वाली परंपरा लोगों के बीच हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है. यही अनोखापन इसे बाकी जगहों से अलग बनाता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें





