Trump Pentagon Drone Deal Donald Backlash : ईरान जंग में खूब माल कूट रही ट्रंप के बेटों की ड्रोन कंपनी, अपने ही देश की काटी जेब, खाड़ी देशों पर भी प्र


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जंग में खूब माल कूट रही ट्रंप के बेटों की ड्रोन कंपनी, अपने ही देश की काटी जेब

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ईरान जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप के परिवार पर जंग के जरिए मुनाफा कमाने के आरोप लग रहे हैं. ट्रंप के बेटों, डोनाल्ड जूनियर और एरिक की एक साल पुरानी कंपनी ‘पावरस’ ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ Guardian-2 इंटरसेप्टर ड्रोन्स की एक बड़ी डील की है. जिसमें भारी संख्या में ड्रोन्स खरीदे गए हैं. अब कंपनी नेपोटिज्म पर सफाई देती फिर रही है लेकिन चिंगारी तो लग चुकी है.

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ईरान जंग में ट्रंप ने बेटों की कंपनी को पहुंचाया फायदा

वॉशिंगटन: ईरान जंग के दौरान अमेरिका की डिफेंस तिजोरी खाली हो गई है. हथियारों से लेकर कैश तक सबकुछ जंग के मैदान में खर्च हो गया है. अमेरिका में पेट्रोल के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं. जहां एक तरफ जंग का खामियाजा आम अमेरिकी नागरिक अपनी जेब से भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपने देश की जनता के बीच हाहाकार मचाकर ट्रंप जमकर माल कूट रहे हैं. मिडिल ईस्ट में जंग की आड़ में ट्रंप ने अपने बेटे की ड्रोन कंपनी का इतना गजब का फायदा करवाया है, जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान रह गया.

ट्रंप के बेटों की कंपनी को ईरान जंग में फायदा

असली खेल तब शुरू हुआ जब ट्रंप के बेटों, डोनाल्ड जूनियर और एरिक ने अपनी एक गोल्फ क्लब कंपनी का मर्जर ड्रोन बनाने वाली कंपनी पावरस (Powerus) में किया. वेस्ट पाम बीच स्थित इस कंपनी से ट्रंप परिवार का नाम जुड़ते ही इसे जबरदस्त फायदा मिला है. ट्रंप के दोनों बेटे इस कंपनी के बोर्ड मेंबर्स हैं और आरोप लगाया जा रहा है कि इसी वजह से ट्रंप की इस कंपनी में खास दिलचस्पी है. उन्होंने ‘पावरस’ को अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन से बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिलवाया है.

हैरानी की बात यह है कि Powerus को शुरू हुए अभी सिर्फ एक साल हुआ है. इतने कम समय में कंपनी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उसने पेंटागन को भारी संख्या में ‘इंटरसेप्टर ड्रोन’ बेचे हैं. हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह राज ही रखा है कि बेचे गए ड्रोन्स की संख्या कितनी है?

ड्रोन कंपनी देती फिर रही नेपोटिज्म पर सफाई

कंपनी के अनाउंसमेंट के बाद जब इस डील पर सवाल उठने लगे तो कंपनी के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट ब्रेट वेलिकोविच ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनके ड्रोन्स किसी के नाम या रसूख की वजह से नहीं, बल्कि ‘मेरिट’ के आधार पर चुने गए हैं. उन्होंने ब्लूमबर्ग से बातचीत में कहा ‘सेना सप्लायर इस आधार पर नहीं चुनती कि इन्वेस्टर लिस्ट में कौन-कौन है, बल्कि वो हमें इसलिए चुन रहे हैं क्योंकि आज देश को हमारे ड्रोन्स की जरूरत है’.

अमेरिका के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

द बीस्ट वेबसाइट के मुताबिक जॉर्ज डब्ल्यू बुश के समय व्हाइट हाउस के एथिक्स वकील रह चुके रिचर्ड पेंटर ने इस ड्रोन कांड पर एक और बड़ा खुलासा किया है. उनका दावा है कि ट्रंप खुद इस कंपनी के सेल्समैन बन गए हैं और खाड़ी देशों पर भी इस कंपनी से ड्रोन्स खरीदने का प्रेशर बना रहे हैं. रिचर्ड पेंटर ने कहा है कि ‘ये इतिहास में पहली बार होगा जब किसी राष्ट्रपति का परिवार उस जंग से जमकर पैसा कूट रहा है, जिसके लिए कांग्रेस से मंजूरी तक नहीं ली गई’.

इस ड्रोन में ऐसा क्या खास है?

‘पावरस’ कंपनी ने पेंटागन को Guardian-2 ड्रोन दिए हैं. ये एक सस्ता, हाई-स्पीड और सेमी-ऑटोनॉमस ड्रोन है. इसे खास तौर पर मिडिल ईस्ट में ईरान के शाहेद ड्रोन्स का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है. ये दुश्मन के छोटे ड्रोन्स को डिटेक्ट करता है, ट्रैक करता और उन्हें हवा में उड़ा देता है.

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Utkarsha Srivastava

Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें





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