बाद में बुधवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान फिलहाल “समझौते और युद्ध के बीच की सीमा” पर खड़े हैं।
कनेक्टिकट स्थित कोस्ट गार्ड अकादमी से वाशिंगटन लौटने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “स्थिति बिल्कुल निर्णायक मोड़ पर है। अगर हमें सही जवाब नहीं मिले तो हालात बहुत तेजी से बदल सकते हैं। हम पूरी तरह तैयार हैं। हमें संतोषजनक जवाब चाहिए।”
‘सीएनएन’ ने एक इजराइली सूत्र के हवाले से अपनी खबर में कहा कि इजराइल सरकार दोबारा सैन्य कार्रवाई चाहती है। साथ ही इस बात को लेकर तल्खी भी बढ़ रही है कि ट्रंप प्रशासन, इजराइल के मुताबिक ‘‘बातचीत को जानबूझकर लंबा खींचने’ की ईरान की कूटनीति को जारी रहने दे रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि नेतन्याहू “ईरान के मामले में वही करेंगे, जो मैं चाहूंगा,’’।
वहीं ईरान ने पुष्टि की है कि वह संशोधित प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी ओर से किसी नरमी के संकेत नहीं मिले हैं।





