धरती की ओर गिर रही है नासा की भारी-भरकम दूरबीन, एजेंसी ने बचाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का मिशन शुरू किया


नासा ने इस मिशन के लिए अमेरिका की स्पेस कंपनी कैटलिस्ट स्पेस को चुना है। कंपनी का छोटा स्पेसक्राफ्ट स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी तक पहुंचेगा और रोबोटिक आर्म्स की मदद से उसे पकड़कर धीरे-धीरे ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश करेगा।

धरती की ओर गिर रही है नासा की भारी-भरकम दूरबीन, बचाने के लिए स्पेस एजेंसी ने शुरू किया मिशन

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नासा का करीब 22 साल पुराना स्विप्ट ऑब्जर्वेटरी स्पेस टेलीस्कोप अंतरिक्ष से तेज गति से धरती की ओर गिर रहा है। यह टेलीस्कोप साल के आखिर तक पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर जलकर खत्म हो सकता है। इसे बचाने के लिए नासा ने स्विफ्ट बूस्ट मिशन लॉन्च किया है। अगर यह मिशन सफल रहा, तो अंतरिक्ष इतिहास में पहली बार किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप की कक्षा बढ़ाकर उसकी उम्र बढ़ाई जाएगी।

मिशन के तहत नासा ने शुक्रवार को तीन भुजाओं वाला एक अंतरिक्ष यान कक्षा में भेजा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की उस दूरबीन को बचाना है, जिसके पृथ्वी पर वापस गिरकर नष्ट होने का खतरा है। मिशन के तहत अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी ‘नॉर्थ्रॉप ग्रुमन’ ने प्रशांत महासागर में मार्शल आइलैंड से ‘कैटलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज’ का ‘लिंक’ अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया। पेगासस रॉकेट ने एक विमान के निचले हिस्से से उड़ान भरी और ‘लिंक’ को नासा की ‘स्विफ्ट ऑब्ज़र्वेटरी’ तक पहुंचने और उसे पकड़ने के रास्ते पर डाल दिया, जिसमें लगभग एक महीने का समय लगेगा।

नासा ने इस मिशन के लिए करीब तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर का बजट रखा है। भारतीय करेंसी यह रकम लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है। नासा ने इस मिशन के लिए अमेरिका की स्पेस कंपनी कैटलिस्ट स्पेस को चुना है। कंपनी का छोटा स्पेसक्राफ्ट स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी तक पहुंचेगा और रोबोटिक आर्म्स की मदद से उसे पकड़कर धीरे-धीरे ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहा तो स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा।।

स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी को नासा ने साल 2004 में लॉन्च किया था। इसकी मूल मिशन अवधि सिर्फ दो साल थी, लेकिन यह पिछले दो दशकों से लगातार काम कर रहा है। यह टेलीस्कोप गामा-रे बर्स्ट जैसी बेहद पावरफुल कॉस्मिक घटनाओं का पता लगाने के लिए जाना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि स्विफ्ट आज भी पूरी तरह काम कर रहा है और लगातार ब्रह्मांड की अहम जानकारी भेज रहा है। इसलिए इसे बचाना नासा की प्राथमिकता बन गया है।

नासा का कहना है कि स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी कुछ ही मिनटों में नए स्पेस इवेंट की ओर खुद को घुमा सकता है, जबकि दूसरे बड़े स्पेस टेलीस्कोप्स को इसमें काफी ज्यादा समय लग सकता है। साथ ही इस दूरबीन से ब्रह्मांड में होने वाले कुछ सबसे बड़े धमाकों, जैसे ‘गामा-रे बर्स्ट’ और तारों के फटने की घटनाओं पर नजर बरकरार रखी जा सकेगी। यदि सबकुछ ठीक रहा, तो ‘स्विफ्ट’ सितंबर तक फिर से ब्रह्मांड की पड़ताल करना शुरू कर सकती है।

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