Curd vs Buttermilk Health Benefits: गर्मियों के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए दही और छाछ दोनों ही लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन बात जब ये चुनने की आती है कि इनमें से ज़्यादा बेहतर क्या है, तो जवाब आपकी ज़रूरत पर टिका है. जहाँ एक तरफ दही कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स का गाढ़ा खज़ाना है, वहीं छाछ में 90% पानी होता है, जो शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. चाहे बात डाइजेशन सुधारने की हो या फिर बढ़ते वजन को कंट्रोल करने की, इन दोनों के अपने-अपने जबरदस्त फायदे हैं. तो चलिए, समझते हैं कि आपकी बॉडी टाइप और इस मौसम के हिसाब से आपके लिए दही बेहतर है या छाछ.
दही और छाछ में क्या है बेहतर?
दही: पोषक तत्वों का पावरहाउस
दही को एक ‘कम्पलीट फूड’ माना जाता है क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की सघनता अधिक होती है.
- प्रोबायोटिक्स की प्रचुरता: दही में छाछ के मुकाबले जीवित बैक्टीरिया (Probiotics) की सांद्रता अधिक होती है, जो आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं.
- हड्डियों के लिए अमृत: इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करती है.
- शारीरिक विकास: जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर हैं या वजन बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए दही एक बेहतरीन ऊर्जा स्रोत है.
छाछ: गर्मियों का नेचुरल कूलर
जब बात पाचन और हाइड्रेशन की आती है, तो छाछ का कोई मुकाबला नहीं है. इसे दही को मथकर और उसमें पानी मिलाकर तैयार किया जाता है.
बेहतरीन हाइड्रेशन: छाछ में लगभग 90% पानी होता है, जो गर्मियों में शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है.
पाचन में हल्का: आयुर्वेद के अनुसार, भारी भोजन के बाद छाछ पीना सबसे अच्छा है क्योंकि यह एसिडिटी को शांत करती है और पाचन तंत्र को सक्रिय करती है.
वेट लॉस के लिए बेहतर: इसमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, जो इसे वजन घटाने वालों के लिए एक आदर्श ड्रिंक बनाती है.
तो क्या चुनें अपने लिये-
इन दोनों के बीच चुनाव करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- दही तुलना में पचने में भारी होता है, जबकि छाछ बहुत हल्की होती है और तुरंत पच जाती है.
- वजन कम करने के लिए छाछ और वजन बढ़ाने या मांसपेशियों के निर्माण के लिए दही बेहतर है.
- गर्मियों और उमस भरे मौसम में छाछ शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है.
इन बातों का रखें ख्याल-
आयुर्वेद के अनुसार, दोपहर के भोजन के साथ छाछ का सेवन अमृत के समान माना गया है. हालांकि, रात के समय दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह कफ की समस्या बढ़ा सकता है.
अगर आप पेट की ठंडक और हल्कापन चाहते हैं, तो छाछ चुनें. लेकिन अगर आपकी प्राथमिकता हड्डियों की मजबूती और अधिक पोषण है, तो दही आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





