Iran US truce Talk : Trump Final Warning to Iran | ट्रंप ने पकड़ ली ईरान की न्यूक्लियर वाली चालाकी


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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता विफल रही, तो अमेरिकी युद्धपोत ‘सबसे बेहतरीन हथियारों’ के साथ हमला करने को तैयार हैं. ट्रंप ने ईरान के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और यूरेनियम सौंपना समझौते के लिए सबसे जरूरी है.अब पूरी दुनिया की नजरें अगले 24 घंटों पर हैं, जो यह तय करेंगे कि युद्ध होगा या शांति.

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ईरान को ट्रंप की फाइनल वॉर्निंग

वॉशिंगटन: पाकिस्तान में शनिवार को होने वाली शांति-वर्ता से पहले अमेरिका और ईरान दोनों के बीच माइंड गेम्स चल रहे हैं. जहां ईरान की तरफ से बागेर कालीबाफ ने पीस-टॉक में नई शर्तें जोड़ दी हैं. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने लास्ट वॉर्निंग जारी कर दी है. उन्होंने जेडी वेंस के पाकिस्तान में पांव धरने से पहले जहाजों नें हथियार भरने शुरू कर दिए हैं. ट्रंप तैयार बैठे हैं कि यहां बातचीत फेल हो और वहां अमेरिकी सेना धड़ाधड़ बम फोड़ना शुरू कर दे. उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि ‘अमेरिका तबाही मचाने को तैयार है’.

ट्रंप का ‘एक्शन प्लान’: हथियारों से लैस अमेरिकी बेड़ा

‘द पोस्ट’ को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. ट्रंप की चेतावनी दी है कि ‘हम अपने युद्धपोतों को दुनिया के सबसे बेहतरीन हथियारों और गोला-बारूद से लैस कर रहे हैं. ये पहले से भी ज्यादा खतरनाक हैं, जिनसे हमने पिछली बार उन्हें ईरान को धूल चटाई थी’.
ट्रंप के मुताबिक अगले 24 घंटों में तस्वीर साफ हो जाएगी, ‘अगर डील नहीं हुई, तो हम इन हथियारों का इस्तेमाल करेंगे और बहुत ही प्रभावी तरीके से करेंगे’.

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे चेहरे पर कुछ और बोलते हैं और प्रेस में कुछ और, वो हमारे सामने कहते हैं कि वे परमाणु हथियार खत्म कर देंगे, लेकिन बाहर जाकर कहते हैं कि वे यूरेनियम इनरिचमेंट करेंगे’.

शांति वार्ता की मेज पर क्या हैं सबसे बड़े मुद्दे?

होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: ट्रंप के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोलना है. जब से अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं.

ईरान की क्या है सबसे बड़ी शर्तें

ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालिबाफ मोर्चा संभाल रहे हैं. अरागची ने वार्ता से पहले ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि यूरेनियम इनरिचमेंट ईरान का ‘अटूट अधिकार’ है. इसके साथ ही ईरान ने लेबनान में सीजफायर और अपने फ्रीज किए गए फंड को रिहा करने की शर्त भी मेज पर रख दी है.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 11 years of extensive experience in digital media, she has…और पढ़ें





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