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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर 60 दिनों के अंदर ईरान के साथ अंतिम शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका खुद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (टोल) लगा सकता है. इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की तकनीकी वार्ता शुरू हो रही है, जहां पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप.
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दांव चल दिया है. ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका खुद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूल सकता है. हैरानी वाली बात है कि ट्रंप पहले कहते थे कि होर्मुज एकदम फ्री रहेगा. वह ईरान की तरफ से टोल वसूलने के भी खिलाफ थे. लेकिन अब अचानक ट्रंप ने ही कह दिया है कि वह टोल वसूलेंगे.
कैंप डेविड से जारी अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल 60 दिनों तक जहाजों से कोई फीस नहीं लिया जाएगा. लेकिन अगर इस समय में स्थायी समझौता नहीं हो पाया तो अमेरिका समुद्री सुरक्षा पर हुए अपने खर्च की भरपाई के लिए खुद फीस लगाने पर विचार करेगा. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना पश्चिम एशिया के देशों के लिए ‘गार्जियन एंजेल’ की तरह काम कर रही है और उसकी कीमत भी चुकानी होगी.
स्विट्जरलैंड में शुरू हो रही बातचीत
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज
बातचीत से पहले ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा कर दी. तेहरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) की शर्तों का उल्लंघन किया है. खासतौर पर लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को ईरान समझौते का उल्लंघन बता रहा है. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अमेरिकी नौसेना पूरे इलाके में सुरक्षा बनाए हुए है.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…और पढ़ें




