वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद दुनिया भर में उनकी सेहत को लेकर नई बहस छिड़ गई है. आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस के डॉक्टर ने भले ही उन्हें ‘चकाचक’ और देश संभालने के लिए पूरी तरह फिट घोषित कर दिया हो, लेकिन एक जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट ने इस रिपोर्ट के एक खास हिस्से को रेड फ्लैग बताया है. एक्सपर्ट का कहना है कि ट्रंप की रिपोर्ट में जो उनका बढ़ा हुआ वजन दिखाया गया है, उसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. 79 साल की उम्र में ट्रंप का वजन अब 108 किलोग्राम तक पहुंच चुका है, जो उनके पिछले चेकअप के मुकाबले पूरे 6-7 किलो ज्यादा है. इसी को लेकर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति इस वक्त ‘आग से खेल रहे हैं’.
व्हाइट हाउस ने कहा ‘ऑल इज वेल’ लेकिन…
मैरीलैंड के वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में 22 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की निगरानी में राष्ट्रपति ट्रंप का एक बेहद लंबा-चौड़ा मेडिकल चेकअप हुआ था. इसके बाद व्हाइट हाउस के फिजिशियन डॉ सीन बारबाबेला ने बकायदा लिखित में दिया कि ट्रंप का ‘कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस’ यानी दिमागी और शारीरिक क्षमता एकदम शानदार है और वो पूरी तरह फिट हैं.
लेकिन इस सरकारी दावे के ठीक बाद, एक पूर्व इमरजेंसी रूम (ER) डॉक्टर और जाने-माने फिजिशियन डॉ. स्टुअर्ट फिशर ने ‘डेली मेल’ से बात करते हुए इस रिपोर्ट के पीछे की एक डरावनी सच्चाई की तरफ इशारा किया. फिशर का कहना है कि पब्लिक के सामने जो रिपोर्ट रखी गई है, उसमें इतनी बारीकी नहीं है कि बाहर से कोई डॉक्टर सटीक मूल्यांकन कर सके लेकिन जो बात साफ-साफ दिख रही है, वो यो है कि साफ बात है कि ट्रंप अचानक बढ़ा वजन,उस पर तुरंत और गहरा ध्यान देने की सख्त जरूरत है.
हार्ट फेलियर का शुरुआती संकेत?
डॉ. स्टुअर्ट फिशर ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस उम्र में बिना किसी साफ वजह के अचानक वजन का बढ़ना सीधे तौर पर ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी गंभीर बीमारियों या फिर ‘कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, दिल का धीरे-धीरे काम करना बंद करना ये सब डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. उन्होंने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए ‘सर्कुलेटरी प्रॉब्लम का एक मैलिनेंट यानी बेहद घातक रूप’ करार दिया.
डॉक्टर का साफ कहना है कि अगर इस वजन को और इससे जुड़े खतरों को नजरअंदाज किया गया, तो यह राष्ट्रपति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. हालांकि, उन्होंने यह बात भी जोड़ी कि सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि ट्रंप इस वक्त हार्ट फेलियर या किसी गंभीर दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन फिर भी इस अचानक बढ़े वजन की बारीकी से जांच होनी चाहिए.
दिमाग सुपरफास्ट: कॉग्निटिव टेस्ट में मारे 30 में से 30 नंबर
इस वजन के विवाद को छोड़ दें, तो रिपोर्ट के बाकी हिस्से वाकई हैरान करने वाले हैं. इस उम्र में भी ट्रंप के दिल, फेफड़ों और नसों से जुड़ी जांच में कोई बड़ी गड़बड़ी या खराबी नहीं पाई गई है. डॉक्टरों ने उनके कई तरह के एडवांस टेस्ट किए, जिसमें हार्ट इमेजिंग, सीटी स्कैन और कैंसर स्क्रीनिंग शामिल थे, और ये सब बिल्कुल नॉर्मल आए हैं.
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने दिमागी क्षमता को जांचने वाले मशहूर ‘मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट’ (MoCA) टेस्ट में 30 में से 30 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है. ये टेस्ट याददाश्त, ध्यान और मानसिक सजगता को मापने के लिए किया जाता है, जिसमें ट्रंप ने साबित किया कि उनका दिमाग युवाओं की तरह दौड़ रहा है. इसके अलावा, उनकी पुरानी बीमारी ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ में भी पहले से काफी सुधार देखा गया है. पर अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप डॉक्टरों की इस वजन वाली वॉर्निंग को गंभीरता से लेते हैं या हमेशा की तरह इसे भी अपनी चिर-परिचित शैली में हवा में उड़ा देते हैं.




