क्या फूड पॉइजनिंग से हुई प्रतीक की मौत? कब जानलेवा बन जाती है फूड पॉइजनिंग? इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज


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Prateek Yadav death Reason: महज 38 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए प्रतीक की मौत की शुरुआती वजह ‘सस्पेक्टेड पॉइजनिंग’ बताई जा रही है. इस घटना के बाद हर कोई जानना चाहता है कि क्या मामूली दिखने वाली फूड पॉइजनिंग जानलेवा हो सकती है? चलिए जानें कि कब दूषित खाना शरीर के लिए जहर बन जाता है, इसके गंभीर संकेत क्या हैं और किन स्थितियों में यह स्थिति घातक साबित हो सकती है.

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जब आप ऐसा खाना या पानी पीते हैं जो कीटाणुओं (जैसे बैक्टीरिया, वायरस) या टॉक्सिन्स से दूषित हो, तो फूड पॉइजनिंग होती है.

Food poisoning symptoms and signs : समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के पति, प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में निधन(Prateek Yadav death news) हो गया है. फिटनेस के प्रति समर्पित और लाइमलाइट से दूर रहने वाले प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने सबको स्तब्ध कर दिया है. प्रतीक यादव की मौत की वजह फिलहाल रहस्य बनी हुई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसे ‘सस्पेक्टेड पॉइजनिंग’ (संदिग्ध जहर या फूड पॉइजनिंग) का मामला बताया है. हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी. परिवार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

जब आप ऐसा खाना या पानी पीते हैं जो कीटाणुओं (जैसे बैक्टीरिया, वायरस) या टॉक्सिन्स से दूषित हो, तो फूड पॉइजनिंग होती है.
1. फूड पॉइजनिंग क्या है और यह क्यों होती है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, आप ऐसा खाना या पानी पीते हैं जो कीटाणुओं (जैसे बैक्टीरिया, वायरस) या टॉक्सिन्स से दूषित हो, तो फूड पॉइजनिंग होती है. आपका शरीर इन जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए उल्टी या दस्त जैसी प्रतिक्रिया देता है.

2. इसके मुख्य लक्षण क्या हैं और ये कब दिखाई देते हैं?
इसके सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • दस्त (Diarrhea)
  • बुखार और सिरदर्द
  • जी मिचलाना और उल्टी
  • पेट में दर्द
    ये लक्षण दूषित भोजन खाने के 2 से 6 घंटे के भीतर शुरू हो सकते हैं, हालांकि यह कीटाणु के प्रकार पर निर्भर करता है.

3. क्या फूड पॉइजनिंग जानलेवा हो सकती है?
हाँ, हालांकि इसके गंभीर परिणाम दुर्लभ हैं, लेकिन यह घातक भी हो सकते हैं. इसके कुछ गंभीर खतरे इस प्रकार हैं:

  • डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): यह सबसे आम और गंभीर समस्या है.
  • किडनी को नुकसान: E. coli जैसे बैक्टीरिया किडनी फेलियर का कारण बन सकते हैं.
  • दिमाग और तंत्रिका तंत्र: कुछ बैक्टीरिया मस्तिष्क में संक्रमण (मेनिन्जाइटिस) या ‘गुइलेन-बैरे सिंड्रोम’ जैसी तंत्रिका संबंधी बीमारियां पैदा कर सकते हैं.
  • गर्भावस्था में खतरा: Listeria संक्रमण से गर्भपात या मृत शिशु का जन्म (Stillbirth) हो सकता है.

4. किन लोगों को इससे सबसे ज्यादा खतरा है?
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को गंभीर रिएक्शन का खतरा अधिक होता है, जैसे:

  • 5 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग.
    गर्भवती महिलाएं.
  • पुरानी बीमारियों (कैंसर, ऑटोइम्यून डिजीज) से जूझ रहे लोग.

5. डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • 102°F (38.9°C) से अधिक तेज बुखार.
  • उल्टी या दस्त में खून आना.
  • पेशाब न आना या गहरे रंग का पेशाब होना (डिहाइड्रेशन का संकेत).
  • धुंधला दिखना, चक्कर आना या भ्रम (Confusion) की स्थिति होना.

6. घर पर इससे बचाव और उपचार कैसे करें?
हाइड्रेशन
: सबसे जरूरी है कि आप ओआरएस (ORS) या हाइड्रेशन फॉर्मूला पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
सावधानी: कच्चा मांस और अंडे अलग रखें, फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोएं और बचा हुआ खाना 2 घंटे के भीतर फ्रिज में रखें.
दवाई: दस्त रोकने वाली दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के न लें, क्योंकि ये कीटाणुओं को शरीर में अधिक समय तक रोक सकती हैं.

याद रखें, समय पर पहचान और तत्काल चिकित्सा सहायता ही इस स्थिति में जान बचा सकती है.

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Pranaty Tiwary

मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें



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