कैल्शियम की कमी से बढ़ रही हड्डियों की बीमारी, जानिए सही इलाज और आयुर्वेदिक उपाय


अंबाला: बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. दरअसल, विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं और हर दिन जांच कराने आने वाले कई मरीजों में यह कमी पाई जा रही है. इसके साथ ही हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है. इसका मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन और पौष्टिक आहार की कमी बताया जा रहा है. ऐसे में लोग अक्सर कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए घर पर ही स्वयं उपचार करने लगते हैं, जिसमें कैल्शियम की गोलियों का सेवन काफी हानिकारक हो सकता है.

कैल्शियम सप्लीमेंट का अत्यधिक उपयोग किडनी के लिए घातक

वहीं, इस बारे में Local18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मानव शरीर में पोषण तत्वों का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी अंग मिलकर कार्य करते हैं. यदि फिर भी किसी मरीज में कैल्शियम की कमी हो, तो वह डॉक्टर की सलाह से ही अतिरिक्त कैल्शियम का सेवन कर सकता है. उन्होंने कहा कि यदि शरीर में किसी भी पोषण तत्व की कमी नहीं है, तो कैल्शियम सप्लीमेंट का अत्यधिक उपयोग किडनी के लिए घातक साबित हो सकता है.

कैल्शियम की कमी से शरीर को नुकसान

उन्होंने यह भी बताया कि सामान्यतः भोजन के माध्यम से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिल जाता है. बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम सप्लीमेंट का उपयोग हानिकारक हो सकता है. कैल्शियम की कमी से न केवल हड्डियां कमजोर होती हैं, बल्कि मांसपेशियों में ऐंठन, दांतों की कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स (बच्चों में) और हाइपोकैल्सीमिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

कैल्शियम की कमी को पूरा कैसे करें

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में कैल्शियम की पूर्ति के लिए अर्जुन की छाल को बहुत फायदेमंद माना गया है. इसके लिए 5 किलो आटे में 50 ग्राम अर्जुन की छाल का पाउडर मिलाकर उसकी रोटी बनाकर सेवन करने से लाभ मिल सकता है.

इसके अलावा, आयुर्वेद में मोरिंगा को भी काफी फायदेमंद माना गया है. इसमें विटामिन K, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यदि नियमित रूप से सीमित मात्रा में मोरिंगा पाउडर का सेवन किया जाए, तो यह हड्डियों के खनिज घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है और कैल्शियम की कमी की संभावना को कम करता है.

मोरिंगा की पत्तियों का पाउडर बनाकर इसे रोजाना आटे या सब्जियों में मसाले की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अच्छा लाभ मिलता है.

दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत

उन्होंने यह भी बताया कि दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है. यदि इसमें अश्वगंधा मिलाकर सेवन किया जाए, तो यह और अधिक लाभकारी हो जाता है. इससे शरीर की शक्ति बढ़ती है और हड्डियों को मजबूती मिलती है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img