Why it is raining in March Month | rain in Delhi | What Cause rain in March IMD | मार्च में क्यों हो रही झमाझम बारिश? IMD ने खोला आसमान का सीक्रेट


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मार्च में क्यों हो रही बारिश? IMD ने खोले राज, दिल्ली से बिहार तक कैसा मौसम

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मार्च के पहले दो हफ्ते भीषण गर्मी फिर अब तीन दिनों से बारिश. अचानक बारिश ने सबको चौंका दिया. आखिर क्या वजह है कि मार्च में ही इतनी बारिश सात में आंधी और तूफान भी चलने लगे हैं. मौसम विभाग के वैज्ञानिक ने इसके बारे में बात की है. उन्होंने बताया है कि ऐसे कौन से मौसमी प्रणाली हैं, जिनकी वजह से बारिश हो रही है और ये दौर कब तक चलेगा?

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मार्च में बारिश क्यों हो रही है. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मार्च का महीना आते ही लोग गर्म कपड़े पैक कर कूलर-पंखे साफ करने लगते हैं, लेकिन इस बार आसमान से बरसती बूंदों और ठंडी हवाओं ने सबको हैरान कर दिया है। आखिर तपती धूप वाले इस महीने में यह बारिश क्यों हो रही है? क्या यह जलवायु परिवर्तन का कोई खतरनाक रूप है? मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव और मौसम विशेषज्ञों ने इस ‘बेमौसम’ बरसात की पूरी साइंस डिकोड कर दी है।

IMD वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के मुताबिक, वर्तमान में उत्तर पाकिस्तान से लेकर दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है. दिल्ली-NCR में शुक्रवार शाम तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, लेकिन कल से मौसम साफ होने लगेगा. जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आज भारी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है. उत्तराखंड और हिमाचल में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में आज बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश की पूरी संभावना है.

आखिर मार्च में क्यों बरस रहा है पानी?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसे कोई ‘रेयर फेनोमेना’ (दुर्लभ घटना) नहीं कहा जा सकता। प्री-मानसून सीज़न में ऐसा होना सामान्य है। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हैं:-

  1. पहाड़ों पर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ
  2. हरियाणा के ऊपर बना इंड्यूस्ड साइक्लोनिक सर्कुलेशन
  3. दक्षिण भारत तक जा रही एक गहरी ट्रफ (Trough) रेखा, जिसके आसपास घने बादल बन रहे हैं.

क्या होता है यह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)?

भूमध्य सागर (Mediterranean Sea), काला सागर और कैस्पियन सागर से उठने वाले बादल ‘वेस्टरली जेट स्ट्रीम’ (पछुआ हवाओं) के साथ पश्चिम से पूर्व की ओर उड़ते हैं. जब ये बादल भारत की तरफ आते हैं, तो विशालकाय हिमालय पर्वतमाला इनका रास्ता रोक लेती है. इसी रुकावट के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश होती है. आमतौर पर यह घटना नवंबर से फरवरी के बीच होती है, लेकिन कभी-कभी मार्च में भी इसका असर दिख जाता है. वर्तमान में 200 हेक्टा पास्कल की ऊंचाई पर हवाएं उल्टी दिशा में घूम रही हैं, जिससे एक गहरी ‘ट्रफ’ बन गई है.

दिल्ली के लिए गुड न्यूज

दिल्ली के लिए गुड न्यूज़ ये है कि आने वाले दिनों में धूप तो खिलेगी पर कुछ दिनों तक ठंडक बरकरार रहेगी. यह गहरी ट्रफ और बादलों की लाइन अब धीरे-धीरे पूर्व दिशा की ओर खिसक रही है. पश्चिमी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में आज शाम तक मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा.

बिहार-बंगाल को राहत नहीं

21 मार्च की शाम तक बारिश का यह सिस्टम पूरी तरह से पूर्वी भारत यानी कि बिहार, बंगाल और ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत की ओर शिफ्ट हो जाएगा. दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ होगा और चटक धूप निकलेगी. लेकिन ध्यान रहे, पहाड़ों पर हुई ताजा बर्फबारी के कारण वहां से आने वाली बर्फीली उत्तरी हवाएं तापमान को फिर से गिरा देंगी. यानी धूप में खड़े होने पर भी आपको हल्की ठंड का खुशनुमा अहसास होता रहेगा.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें



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