ईरान संकट के बीच सरकार का नया आदेश, तेल-गैस का यूज करने वाली कंपनियों को देना होगा एक-एक बूंद का हिसाब


Last Updated:

New Rule on Oil-Gas : सरकार ने देश में कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के उपाय करने के बाद अब तेल और गैस के उत्‍पादन, विपणन व निर्यात से जुड़ी कंपनियों को भी रियल टाइम में डाटा उपलब्‍ध कराने का आदेश दिया है. इसके लिए आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम के तहत बाकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इसका उल्‍लंघन करने वालों को जेल भी हो सकती है.

Zoom

सरकार ने कंपनियों से तेल और गैस का रियल टाइम डाटा देने के लिए कहा है.

नई दिल्‍ली. पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण चल रही वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया है. इसके तहत अब उन सभी संस्थाओं को अपना डाटा शेयर करना होगा, जो पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के उत्पादन, प्रसंस्करण, शोधन, भंडारण, परिवहन, आयात, निर्यात, विपणन, वितरण और उपभोग में लगी हैं. इन कंपनियों को हर आंकड़े की जानकारी पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) को देना अनिवार्य कर दिया गया है.

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 के तहत गजट अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें कहा गया है कि पीपीएसी को जानकारी के संग्रह, संकलन, रखरखाव और विश्लेषण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पीपीएसी तेल मंत्रालय का डेटा संरक्षक है और अब सभी कंपनियों को अपने इस्‍तेमाल या निर्यात की जानकारी साझा करनी होगी.

क्‍यों जारी किया गया ऐसा आदेश
पीपीएसी का काम वैसे भी तेल और गैस क्षेत्र से जुड़े आंकड़े जुटाना है, लेकिन सरकार की हालिया अधिसूचना के बाद अब उसे रियल टाइम में डाटा एकत्र करने का अधिकार मिल गया है. इन आंकड़ों से सरकार को आपात स्थिति में अपनी योजना बनाने में मदद मिलेगी. अधिसूचना में कहा गया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 के तहत जारी आदेश का कोई भी उल्लंघन आपराधिक श्रेणी में माना जाएगा और इसके लिए जेल भी हो सकती है.

पीएनजी पर शिफ्ट हो रहे ग्राहक
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव ने बताया कि पेट्रोलियम नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की सप्लाई 100% जारी है. कॉमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) कंपनियों के जरिए प्रोत्साहन और त्वरित कनेक्शन देकर पीएनजी पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार के प्रयासों के चलते पिछले दो हफ्तों में करीब 1,25,000 नए घरेलू और कॉमर्शियल पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन दिए गए हैं. पिछले तीन दिनों में 5,600 से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं.

कतर पर हमले ने बढ़ा दिया संकट
ईरान की ओर से कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में ऊर्जा ढांचे पर हमला भारत की मुसीबतें बढ़ाने वाला है. भारत का कतर के साथ एलएनजी और एलपीजी की बड़ी और दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते हैं. भारत अपनी कुल प्राकृतिक गैस आयात का लगभग 47% कतर से प्राप्त करता है. भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति की कमी को मुख्य रूप से पश्चिम एशिया से पूरा कर रहा है. फिलहाल वह लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिनमें वेनेजुएला, रूस और अमेरिका शामिल हैं. भारत प्राकृतिक गैस भी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे और रूस से आयात करता है. संयुक्‍त सचिव ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राज्यों और स्थानीय प्रशासन को शामिल किया गया है. राज्यों ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और छापेमारी तेज कर दी है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img