मां मैं आ रहा हूं! स्टेट ऑफ होर्मुज में जहाज पर से जमशेदपुर के अंश ने मां को किया फोन, फिर….


Last Updated:

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. एलपीजी से भरा विशाल टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है. इस जहाज के सुरक्षित आगमन के साथ ही देश में गैस आपूर्ति को लेकर चल रही चिंता कुछ हद तक कम हो गई है.

जमशेदपुर. एलपीजी से भरा विशाल टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है. इस जहाज पर लगभग 46,000 मीट्रिक टन रसोई गैस (एलपीजी) लदी हुई थी, जो भारत के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई की जाएगी. लेकिन इस खबर का सबसे भावुक पहलू जुड़ा है जमशेदपुर के युवा इंजीनियर अंश त्रिपाठी से, जो इस जहाज का हिस्सा थे. जैसे ही जहाज भारतीय सीमा में पहुंचा, अंश ने सबसे पहले अपनी मां को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी दी.

बताया जा रहा है कि अंश पिछले कई दिनों से समुद्र में चुनौतीपूर्ण हालात का सामना कर रहे थे. परिवार वालों के लिए हर पल चिंता भरा था. जैसे ही फोन आया और अंश की आवाज सुनाई दी, घर का माहौल भावुक हो उठा. उनकी मां की आंखों में खुशी के आंसू थे, वहीं पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी गर्व और राहत महसूस कर रहे थे.

नीरज कुमार और कैप्टन अभिषेक समेत पूरी टीम का किया गया स्वागत
मुंद्रा पोर्ट पर जहाज के पहुंचने के बाद उसका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान कैप्टन नीरज कुमार और कैप्टन अभिषेक समेत पूरी टीम की सराहना की गई, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया.

वहीं दूसरी ओर, समुद्री सुरक्षा को लेकर भी भारत पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. जानकारी के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोत समुद्री मार्गों की सुरक्षा में तैनात हैं, ताकि तेल और गैस जैसे जरूरी संसाधनों की सप्लाई में कोई बाधा न आए. हाल के दिनों में समुद्री इलाकों में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है.

गैस की सप्लाई जल्द सामान्य करने की कोशिश
इसी के साथ, जहाज से एलपीजी उतारने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू कर दी गई है, जिससे देश के अलग-अलग राज्यों में गैस की सप्लाई जल्द सामान्य हो सके. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं.

अंश त्रिपाठी की यह सुरक्षित वापसी न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण बन गई है. यह कहानी सिर्फ एक जहाज के पहुंचने की नहीं, बल्कि साहस, जिम्मेदारी और परिवार के भावनात्मक जुड़ाव की भी है, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया है.

About the Author

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img