250 साल का अमेरिका, नई उड़ान वाला भारत; ट्रंप को संदेश भेज PM मोदी ने दुनिया को दिया संकेत


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250 साल का अमेरिका; डोनाल्ड ट्रंप को संदेश भेज PM मोदी ने दुनिया को दिया संकेत

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अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने न केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का भी स्पष्ट संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल रक्षा, व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं.

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पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को दी अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के नागरिकों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं.”

उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं. उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई.

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं. वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है.

भारतीय नौसेना ने कहा कि समुद्री अभियान लोकायन-26 के तहत आईएनएस सुदर्शिनी न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई है. यह अभियान भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग, सद्भावना तथा आपसी विश्वास को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी पिछले सप्ताह बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंची थी. यह पोत 26 जून को वर्जीनिया के नॉरफॉक से रवाना होकर ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होते हुए बाल्टीमोर पहुंचा. इससे पहले 19 से 23 जून तक आईएनएस सुदर्शिनी ने नॉरफॉक में आयोजित सेल 250 वर्जिनिया समारोह में भी भाग लिया, जहां उसने दुनिया के विभिन्न देशों के पारंपरिक नौकायन जहाजों के साथ परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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