Last Updated:
नारियल पानी को अक्सर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन हर उम्र के लिए यह समान रूप से सुरक्षित नहीं होता. खासकर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में इसका अधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है. इसलिए बुजुर्गों को इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है.
उम्र के साथ शरीर का मैकेनिज्म धीमा हो जाता है और कुछ भी खाने-पीने पर असर डाल सकता है. खासकर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में, जब अंग पहले की तुलना में कम सक्रिय हो जाते हैं, तब नारियल पानी में मौजूद तत्वों का असंतुलन पैदा हो सकता है.

नारियल पानी में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के लिए अहम है. हालांकि, बुजुर्गों के लिए नारियल पानी ‘हाइपरकलेमिया’ का कारण बन सकता है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खून में पोटैशियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है. बुजुर्गों का मेटाबॉलिज्म सुस्त होने के चलते शरीर अतिरिक्त पोटैशियम को जल्दी प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे हृदय की गति अनियमित हो सकती है और मांसपेशियों में अचानक कमजोरी महसूस हो सकती है.

उम्र बढ़ने के साथ किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिससे शरीर से अतिरिक्त खनिज और टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते हैं. ऐसे में नारियल पानी किडनी की सेहत पर असर डाल सकता है. अगर कोई बुजुर्ग किडनी से संबंधित किसी समस्या से जूझ रहा है, तो नारियल पानी का सेवन उनकी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. इससे शरीर में पोटैशियम और सोडियम का संतुलन बिगड़ सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

ब्लड प्रेशर के मैनेजमेंट में भी नारियल पानी दोधारी तलवार की तरह काम करता है. जहां यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक माना जाता है, वहीं लो ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे बुजुर्गों के लिए यह खतरनाक हो सकता है. नारियल पानी पीने से बीपी और ज्यादा गिर सकता है, जिससे अचानक चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो गिरने या चोट लगने का जोखिम बढ़ा देती हैं.

डॉ. सिराज सिद्दीकी के अनुसार, डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को भी इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए. नारियल पानी में नेचुरल शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं. हालांकि यह कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में बेहतर है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा सकता है. बुजुर्गों के शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता कम होने के कारण वे इस ग्लूकोज लोड को अच्छे ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाते हैं.

पाचन तंत्र पर भी इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. कई बुजुर्गों में नारियल पानी पीने के बाद गैस, पेट दर्द या दस्त जैसी शिकायतें देखी गई हैं. नारियल पानी में मौजूद नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स संवेदनशील पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं, खासतौर पर खाली पेट या रात के वक्त इसे पीना पाचन संबंधी परेशानियों को बढ़ा सकता है.

अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाने के बजाय नारियल पानी को सिर्फ विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखना चाहिए. डॉ. सिद्दीकी का कहना है कि अगर कोई बुजुर्ग कड़ी धूप में बाहर गया है या शरीर में पानी की बहुत कमी है, तो सीमित मात्रा में इसे लिया जा सकता है, लेकिन इसे नियमित ‘हेल्थ ड्रिंक’ की तरह इस्तेमाल करना, खासकर हृदय या गुर्दे के मरीजों के लिए सही नहीं है.





