जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बेतहाशा बेरोजगारी बढ़ाने में धुरंधर मोदी सरकार। कोई ताज्जुब नहीं होता जब प्रधानमंत्री अपने चुनावी भाषणों में युवाओं द्वारा रील बनाने को अपनी सरकार की मुख्य उपलब्धि के तौर पर गिनाते हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास इसके अलावा कोई चारा भी नहीं है, क्योंकि भारत में पढ़े-लिखे, डिग्रीधारी युवाओं में बेरोजगारी के जो आंकड़े लगातार सामने आ रहे हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं, इसलिए उनमें साहस नहीं है कि वह रोजगार पर बात कर लें।





