नई दिल्ली. अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत के एक अहम फैसले से भारत के निर्यातकों को बड़ी राहत मिल सकती है. अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए कई ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया. वहीं, ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अजय श्रीवास्तव ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस फैसले के बाद अमेरिका को जाने वाले भारत के करीब 55% निर्यात अब 18% ड्यूटी फ्री हो सकते हैं.
यह करीब 48 अरब डॉलर के सामान पर लागू होता है, जिन पर सितंबर 2025 से अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था. अब इन प्रोडक्ट्स पर केवल सामान्य एमएफएन टैरिफ (मोस्ट फेवर्ड नेशन) लगेगा, जो औसतन लगभग 2.8% से 3.3% के बीच रहता है.
स्टील, एल्युमिनियम और कुछ ऑटो पार्ट्स पर राहत नहीं
हालांकि सभी सेक्टर को राहत नहीं मिलेगी. स्टील और एल्युमिनियम पर 50% और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25% तक का टैरिफ अभी भी लागू रहेगा. ये टैरिफ अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत लगाए गए हैं, इसलिए अदालत के फैसले से इन पर असर नहीं पड़ा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सकती है. साथ ही जिन कंपनियों ने पहले टैरिफ दिया है, वे रिफंड की मांग भी कर सकती हैं, हालांकि इसका तरीका और समय अभी साफ नहीं है.
भारत का बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है अमेरिका
भारत और अमेरिका के बीच फिलहाल एक अंतरिम ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है, जिसे आगे चलकर एक बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट में बदला जा सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि अदालत का यह फैसला भारत की बातचीत की स्थिति को और मजबूत कर सकता है. अमेरिका भारत का बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. साल 2024-25 में भारत का अमेरिका को निर्यात 86 अरब डॉलर से ज्यादा रहा था.
जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया फैसला
कोर्ट के फैसले पर बोले ट्रंप- बैकअप प्लान तैयार
व्हाइट हाउस में अमेरिकी गवर्नरों के साथ नाश्ते के दौरान ट्रंप ने टैरिफ को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि उनके पास टैरिफ के लिए एक बैकअप प्लान है.
ट्रंप ने टैरिफ को बनाया था हथियार
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. उसके बाद से ही ट्रंप ने ग्लोबल ट्रेड में दबाव बनाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. उन्होंने लगभग सभी प्रमुख ट्रेड पार्टनर्स देशों पर टैरिफ लागू किया. उनका तर्क था कि कई देशों में अमेरिकी सामान पर भारी टैरिफ लगाया जाता है, जबकि वहां अमेरिकी प्रोडक्ट आसानी से सस्ते या बिना टैरिफ के बिक जाते हैं.
3 फरवरी को भारत को टैरिफ में मिली थी राहत
गौरतलब है अमेरिका ने भारत पर सबसे ज्यादा 50% तक का टैरिफ लगाया था, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर 25% का अतिरिक्त पेनाल्टी टैरिफ भी शामिल था. लेकिन 3 फरवरी, 2026 को ट्रंप ने भारत पर यह टैरिफ घटाकर 18% करने की घोषणा की थी. साथ ही रूस से तेल पर लगाया गया 25% का टैरिफ भी हटा लिया गया. उन्होंने भारत के साथ एक अंतरिम ट्रेड डील का भी ऐलान किया था.





