वॉशिंगटन : ट्रंप जहां एक तरफ अपने नागरिकों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ बचाने के नाम पर प्रवासियों पर टॉर्चर कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ कई अमेरिकी नागरिक अपना घर छोड़ कर हमेशा के लिए भाग रहे हैं. दुनिया के सबसे पावरफुल देश की इमेज भी उन्हें रोक नहीं पा रही है. ये लोग अमेरिका के ही बगल में एक छोटे से देश की नागरिकता लेने के लिए लाइन लगाए हुए हैं. ये वही देश है, जिसका ट्रंप जमकर मजाक उड़ाते रहे हैं और इसे अमेरिका का 51 राज्य बनाने का सपना देख रहे हैं. यानी कनाडा, इसके पीछे का कारण इस देश में बदले गए नागरिकता के नियम हैं.
अमेरिका से कनाडा क्यों भाग रहे लोग?
कनाडा ने अपने सिटीजनशिप रूल अमेरिकियों को छोटा सा कानूनी बदलाव किया है. जिसने उन अमेरिकियों के लिए ‘सिल्वर लाइनिंग’ का काम किया है जिनकी जड़ें कहीं न कहीं कनाडा से जुड़ी हैं. दरअसल, कनाडा ने हाल ही में अपने नागरिकता कानून में एक बड़ा और ऐतिहासिक संशोधन किया है. पहले कनाडा में ‘सेकंड जनरेशन कट-ऑफ’ नाम का एक सख्त नियम था. इसके तहत, अगर कोई कनाडाई नागरिक विदेश में पैदा हुआ है तो वो अपनी नागरिकता अपने उन बच्चों को नहीं दे सकता था जो खुद कनाडा से बाहर पैदा हुए हों. यानी, विदेश में पैदा हुई दूसरी पीढ़ी के लिए कनाडा के दरवाजे बंद थे.
कनाडा में कौन सा नागरिकता नियम बदला?
अब कनाडा सरकार ने इस ‘कट-ऑफ’ नियम को खत्म कर दिया है. नए कानून के तहत, विदेश में पैदा हुए माता-पिता भी अपने बच्चों को कनाडाई नागरिकता दिला सकते हैं, बशर्ते वे ये साबित कर दें कि उनका कनाडा से एक ‘मजबूत संबंध’ रहा है. इसके लिए उन्हें केवल यह दिखाना होगा कि वे अपने जीवनकाल में कम से कम 1,095 दिन कनाडा में रहे हैं.
ट्रंप का डर या भविष्य की प्लानिंग?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक कागजी बदलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी जियो-पॉलिटिकल वजहें हैं. अमेरिका में बढ़ता पोलराइजेशन, वेस्ट एशिया में जारी तनाव और घरेलू अस्थिरता ने अमेरिकियों को ‘प्लान-बी’ सोचने पर मजबूर कर दिया है.
जब से ट्रंप प्रशासन ने अपनी सख्त नीतियों के संकेत दिए हैं, तब से अमेरिकी प्रोफेशनल्स और छात्र कनाडा की राजनीतिक स्थिरता और वहां की सामाजिक सुरक्षा की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. ट्रंप राज में जिस तरह की अनिश्चितता का माहौल बना है, उसमें कनाडा की नागरिकता एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह नजर आ रही है.
‘खोए हुए कनाडाई’ और विरासत की वापसी
अमेरिका के बड़े शहरों में काम करने वाली कानूनी फर्मों का कहना है कि उनके पास नागरिकता के आवेदनों की बाढ़ आ गई है. कई ऐसे परिवार हैं जिनके दादा-दादी या माता-पिता कभी कनाडा में रहते थे, लेकिन वे अपनी नागरिकता खो चुके थे. अब उन्हें अपनी विरासत को फिर से पाने का मौका मिल गया है. इसे ‘लॉस्ट कनाडियन’ की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है.
कनाडा की इकोनॉमी को लगेगा ‘बूस्टर डोज’
अमेरिका से आने वाले ये नागरिक कोई साधारण शरणार्थी नहीं हैं, बल्कि ये हाई-स्किल वाले प्रोफेशनल्स हैं जैसे डॉक्टर, इंजीनियर. इनके आने से कनाडा की इकोनॉमी को भी जबरदस्त फायदा होगा. कनाडा सरकार इस मौके का इस्तेमाल अपनी वर्कफोर्स को मजबूत करने के लिए कर रही है.





