Last Updated:
Who is New US Health Chief Jay Bhattacharya: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ नीति पर झटका मिलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है. भारतीय मूल के डॉ जय भट्टाचार्य को अमेरिका की दो सबसे बड़ी स्वास्थ्य एजेंसियों की कमान सौंप दी गई है. यह पहली बार है जब NIH और CDC दोनों का नेतृत्व एक ही व्यक्ति करेगा. इससे अमेरिकी स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
ट्रंप ने टैरिफ विवाद के बीच भारतीय मूल के डॉ जय भट्टाचार्य को NIH और CDC की संयुक्त जिम्मेदारी दी. (फोटो Reuters)
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार टैरिफ विवाद से घिरी ट्रंप सरकार अब नीतिगत फोकस बदलती दिखाई दे रही है. आर्थिक फैसलों पर न्यायिक झटके के बाद ट्रंप ने हेल्थ सिस्टम में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय मूल के डॉ जय भट्टाचार्य को ऐसी जिम्मेदारी दी है जो अमेरिकी इतिहास में पहली बार किसी एक व्यक्ति को मिली है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में वैज्ञानिक संस्थानों, वैक्सीन नीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल को लेकर तीखी बहस चल रही है. ट्रंप प्रशासन इसे सिस्टम सुधार का कदम बता रहा है जबकि आलोचक इसे राजनीतिक एजेंडा से जोड़कर देख रहे हैं.
पहली बार एक व्यक्ति के हाथ में दो सबसे बड़ी स्वास्थ्य एजेंसियों की कमान
ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक और अर्थशास्त्री डॉ जय भट्टाचार्य को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के साथ-साथ सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) का प्रमुख नियुक्त किया है. अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है जब किसी एक व्यक्ति को देश की प्रमुख मेडिकल रिसर्च एजेंसी और सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी दोनों की जिम्मेदारी एक साथ सौंपी गई है. व्हाइट हाउस का कहना है कि इससे रिसर्च और पब्लिक हेल्थ नीति के बीच तालमेल बेहतर होगा.
डॉ जय भट्टाचार्य
कौन हैं डॉ जय भट्टाचार्य?
- डॉ जय भट्टाचार्य 57 साल के डॉक्टर और हेल्थ इकोनॉमिस्ट हैं. उनका लंबा शैक्षणिक करियर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ा रहा है. कोलकाता में जन्मे भट्टाचार्य बचपन में अमेरिका चले गए थे और वहीं से उन्होंने मेडिसिन और इकॉनमी में हायर एजुकेशन हासिल की. उनका रिसर्च मुख्य रूप से बुजुर्ग आबादी, क्रॉनिक बीमारियों और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभाव पर केंद्रित रहा है.
- कोविड-19 महामारी के दौरान ‘ग्रेट बैरिंगटन डिक्लेरेशन’ के सह-लेखक के रूप में उन्होंने लॉकडाउन का विरोध किया था और ‘फोकस्ड प्रोटेक्शन’ की नीति का समर्थन किया था. इसी रुख ने उन्हें अमेरिकी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया और बाद में ट्रंप समर्थक धड़े के करीब माना जाने लगा.
डॉ जय भट्टाचार्य की नियुक्ति इतनी अहम क्यों मानी जा रही है?
यह नियुक्ति इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार NIH और CDC जैसी दो शक्तिशाली संस्थाओं का नेतृत्व एक ही व्यक्ति करेगा. NIH मेडिकल रिसर्च का केंद्र है जबकि CDC सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को लागू करता है. दोनों संस्थानों की संयुक्त कमान से स्वास्थ्य नीति में तेजी और एकरूपता लाने की कोशिश की जा रही है.
ट्रंप ने यह फैसला टैरिफ झटके के बाद क्यों लिया?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आर्थिक एजेंडा कमजोर पड़ने के बाद ट्रंप प्रशासन ने स्वास्थ्य नीति को नया राजनीतिक नैरेटिव बनाने की रणनीति अपनाई है. यह कदम प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने और संस्थागत सुधार का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है.
क्या इस नियुक्ति को लेकर विवाद भी है?
हां, आलोचकों का कहना है कि भट्टाचार्य के कोविड नीतियों पर पुराने विचार और वैक्सीन बहस से जुड़ी राय सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित कर सकती है. वहीं समर्थकों का दावा है कि यह ‘मेडिकल फ्रीडम’ और संस्थागत पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है.
चुनौतियां भी कम नहीं
नई जिम्मेदारी के साथ डॉ भट्टाचार्य के सामने बड़ी प्रशासनिक और नीतिगत चुनौतियां होंगी. उन्हें करीब 50 अरब डॉलर के NIH बजट और अटलांटा स्थित CDC के हजारों कर्मचारियों के संचालन की जिम्मेदारी संभालनी होगी. आलोचकों का मानना है कि यह बदलाव अमेरिकी स्वास्थ्य नीति को अधिक विकेंद्रीकृत और व्यक्तिगत विकल्पों पर आधारित मॉडल की ओर ले जा सकता है लेकिन इसके परिणाम आने वाला समय ही तय करेगा.
About the Author

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें





