उन्होंने कहा कि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि सांसदों को अधिक समय मिलना चाहिए ताकि गरीबों, कमजोर वर्गों, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके। कई बार जब हम ये मुद्दे उठाते हैं, तो उन्हें आलोचना समझ लिया जाता है, जबकि सरकार को जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। सीमित समय में भी सांसद अपनी महत्वपूर्ण बातें रखते हैं, इसलिए आवश्यक है कि उन्हें पूरा अवसर मिले, ताकि यह सदन अपनी गरिमा और प्रभावशीलता को और बढ़ा सके।
खड़गे ने सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों के लिए एक शेर पढ़ा, ‘विदाई तो है दस्तूर जमाने का पुराना, पर जहां भी जाना, अपनी छाप कुछ ऐसे छोड़ जाना, कि हर कोई गुनगुनाए तुम्हारे ही तराना।’ उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर, भाईचारे की भावना के साथ, देशहित में कार्य करते रहेंगे।
आईएएनएस के इनपुट के साथ





