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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में स्वास्थ्य सेवाओं की मदद के लिए अस्पताल जहाज भेज रहा है. यह मिशन लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ मिलकर चलाया जा रहा है. हाल में ग्रीनलैंड को लेकर कूटनीतिक हलचल के बीच इस कदम को अहम माना जा रहा है.
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ग्रीनलैंड की ओर एक जहाज भेजा है. हालांकि यह कोई जंगी जहाज नहीं है, बल्कि एक हॉस्पिटल जहाज है. हुए कहा कि अमेरिका ने ग्रीनलैंड के लिए एक अस्पताल जहाज रवाना कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक यह जहाज वहां के लोगों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए भेजा गया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वे लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ मिलकर इस मिशन पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में कई लोग बीमार हैं और उन्हें सही इलाज नहीं मिल पा रहा. इसी वजह से एक बड़ा अस्पताल जहाज वहां भेजा जा रहा है और वह रास्ते में है.
ग्रीनलैंड को लेकर चल रहा है तनाव?
ट्रंप की पोस्ट के साथ अमेरिकी नौसेना के अस्पताल जहाज USNS मर्सी की तस्वीर भी साझा की गई. यह जहाज आमतौर पर युद्ध या मानवीय संकट के समय चिकित्सा सहायता देने के लिए इस्तेमाल होता है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच पहले से ही कूटनीतिक चर्चा चल रही है. दिसंबर में ट्रंप ने गवर्नर जेफ लैंड्री को आर्कटिक क्षेत्र के लिए विशेष दूत नियुक्त किया था. इसे ग्रीनलैंड में अमेरिकी रुचि का संकेत माना गया था. गवर्नर लैंड्री ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस अहम मुद्दे पर राष्ट्रपति के साथ काम करने पर गर्व महसूस कर रहे हैं.
ग्रीनलैंड में कौन सा स्वास्थ्य संकट?
हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि ग्रीनलैंड में किस तरह का स्वास्थ्य संकट है या इस मिशन का दायरा कितना बड़ा होगा. पेंटागन, अमेरिकी नौसेना, नॉर्थकॉम और डेनमार्क दूतावास से संपर्क किया गया है, लेकिन विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. पिछले महीने ट्रंप ने यह भी कहा था कि उन्होंने नाटो प्रमुख से बातचीत के दौरान ग्रीनलैंड को लेकर एक संभावित भविष्य समझौते की रूपरेखा बनाई है. ग्रीनलैंड डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है और आर्कटिक में रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है. ट्रंप की ओर से अस्पताल जहाज भेजने का फैसला मानवीय मदद के तौर पर पेश किया गया है, लेकिन इसे आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिकी सक्रियता के बढ़ते संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





