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Bali Island: इस धरती पर सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है इंडोनेशिया. लेकिन यहां के एक द्वीप बाली में 90 फीसदी आबादी हिन्दुओं की है. बाली को देवताओं का द्वीप कहा जाता है जहां असंख्य मंदिरों की रहस्यमयी दुनिया बसती है. बाली अपने अंडमान निकोबार द्वीप समूह से नजदीक है. यहां कुदरत का अनमोल करिश्मा बसता है. आपको यहां इतने नजारे दिखेंगे कि शायद ही आप कहीं अन्य जगहों पर इतनी चीजें देखें होंगे. इंडोनेशिया के बाली द्वीप के बारे में जानिए सब कुछ.
बाली जाने का लेखा-जोखा. Photo: AI
Bali Tourism: आप सोच रहे होंगे कि भारत और नेपाल के अलावा इतनी संख्या में और कहां मंदिर हो सकते हैं. थोड़ा अचरच लग रहा होगा. लेकिन यह बात सोलहो आने सच है. इस पृथ्वी पर सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है इंडोनेशिया. लेकिन इंडोनेशिया के मुख्य भूभाग से अलग बाली ऐसा द्वीप है जहां करीब 90 प्रतिशत आबादी हिन्दुओं की है. ये हिन्दू पूरी तरह से अपनी सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को सदियों से जीवंत रखे हुआ है. यहां हर घर में मंदिर बने हुए हैं. इसके साथ ही हजारों मंदिर सदियों पुराने हैं. बाली द्वीप को देवताओं का द्वीप कहा जाता है. जो लोग विदेश घूमने जाते हैं, उनमें से अधिकांश बाली द्वीप जरूर जाते हैं. बाली द्वीप में कुदरत का अनमोल नजारा देखने को मिलता है. इसलिए दुनिया भर के टूरिस्ट यहां हॉनीमुन मनाने भी आते हैं. भारत से बाली जाने का क्या-क्या खर्चा है और कहां-कहां यहां घूमना चाहिए, इसके बारे में पूरा डिटेल की जानकारी आप यहां से ले सकते हैं.
बाली द्वीप है कहां
बाली द्वीप इंडोनेशिया के मुख्य भाग से अलग है. यह दक्षिण-पूर्व एशिया के इंडोनेशिया देश के सुंडा द्वीप समूह के बीच स्थित है. पश्चिम में बाली बाली जलडमरूमध्य इंडोनेशिया के मुख्य भूभाग जावा द्वीप से अलग होता है वहीं दक्षिण में यह विशाल हिन्द महासागर से जुड़ा हुआ है. बाली द्वीप ज्वालामुखी के उदगार से बना था जिसके मध्य में ऊंचे पर्वत मौजूद है. अंडमान निकोबार से बाली द्वीप की दूरी 3000 किलोमीटर के आसपास है. पहले के जमाने में भारत के लोग कोलकाता या मद्रास से बाली और इंडोनेशिया की यात्रा पर जाते थे. स्टीमर से इंडोनेशिया के मुख्य बंदरगाहों तक पहुंचने में कुल मिलाकर लगभग 5 से 10 दिन का समय लगता था.
भारत से बाली कैसे जाएं
अब जहाज से जाने का समय नहीं है. अब लोग भारत से हवाई मार्ग से बाली की यात्रा करते हैं. दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई से बाली जाना आसान होता है. नई दिल्ली से रोजाना डायरेक्ट फ्लाइट है. बाली की राजधानी डेनपसार में नूराह राय इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. दूसरा लोंपोक एयरपोर्ट भी है लेकिन यहां कभी-कभार ही भारत से फ्लाइट होती हैं. भारत से बाली जाने में करीब 7 घंटे का समय लगता है. वैसे आमतौर पर भारत से लोग मलेशिया या सिंगापुर के रास्ते बाली जाते हैं. मलेशिया और सिंगापुर से आसानी से डायरेक्ट फ्लाइट है और पैसे की भी बचत होती है. कुछ लोग इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता जाते हैं और वहां से बाली जाते हैं. हालांकि यह लंबा पड़ जाता है क्योंकि जकार्ता से बाली की हवाई दूरी 1000 किलोमीटर के आसपास है.
Photo: www.indonesia.travel/ से साभार
जाने का हवाई खर्च कितना है
भारत के किसी भी हवाई अड्डे से अगर आप सीधे बाली जाना चाहते हैं तो इसमें औसतन 15-20 हजार का खर्चा एक तरफ का आएगा. यानी 30 से 40 हजार रुपये आपको किराए में लग जाएगा. हालांकि कभी-कभी एयर टिकट सस्ता भी हो जाता है. अगर आप मलेशिया और सिंगापुर में नई फ्लाइट लेकर जाना चाहते हैं तो इसमें थोड़ी और बचत हो सकती है लेकिन इसमें कई दिनों तक रिसर्च करने की जरूरत है.
होटल और खाने का कितना खर्चा आएगा
बाली में 1500 रुपये तक ठीक-ठाक होटल मिल जाता है. थोड़ा बेहतर लेंगे तो 2 से 3 हजार में मिड रेंज का होटल मिल जाएगा. अगर आप दो लोगों के साथ जा रहे हैं तो प्रति व्यक्ति 1500 प्रतिदिन में बहुत अच्छा होटल मिल जाएगा. खाने में कम से कम 500 रुपये का खर्च आएगा. अगर आप 4 नाइट का प्लान बना रहे हैं तो मान के चलिए कि आपको कुल पांच दिन में 10 हजार रुपये होटल का खर्च और 5000 रुपये खाने का खर्च एक आदमी का आएगा.
घूमने में कितना खर्चा आएगा
बाली में चार दिनों के दौरान आप पहले दिन उबुद के प्रसिद्ध मंकी फॉरेस्ट, तेगाललालांग राइस टेरेस और कला बाजार देख सकते हैं. दूसरे दिन माउंट बातुर या उलुवातु मंदिर व कैचान डांस का आनंद ले सकते हैं. इसके बाद तीसरे दिन मशहूर धान लॉट और बेडुलुक में उलु दातू बेरतन मंदिर घूम सकते हैं. चौथे दिन नूसा दुआ या सेमिन्याक के खूबसूरत बीच पर समय बिता सकते हैं. इन चार दिनों में घूमने के लिए यदि आप टैक्सी या कार ड्राइवर किराए पर लेते हैं, तो रोजाना के हिसाब से लगभग 5लाख से 7 लाख इंडोनेशियाई रुपिया खर्च करना होगा. लेकिन घबराइए नहीं भारतीय पैसे में आपको एक दिन का औसतन 3 हजार रुपये किराए पर खर्च करना होगा. इस तरह 5 दिन में आपको 15 हजार रुपये ट्रांसपोर्टेशन पर खर्च आएगा.
कुल खर्च कितना आएगा
अगर आप कुल खर्च की बात करें तो 35 हजार रुपये फ्लाइट का खर्च आएगा. फिर 10 हजार रुपये होटल का खर्च और 5 हजार रुपये खाने का खर्च आएगा. इसके अलावा 15 हजार ट्रांसपोर्टेशन में आएगा. इस तरह आपको 65 हजार का खर्च आएगा. इसमें दो लोग होंगे तो थोड़ा खर्च कम हो सकता है. इन सबके बावजूद कुछ खरीददारी भी करेंगे. ऐसे में मान के चलिए कि यदि आप 4 नाइट के लिए जाते हैं तो 70 से 80 हजार तक नॉर्मल खर्च होगा. बाकी आप जितना खर्च कर सके, वह आपकी मर्जी है.
Photo: balitourismboardofficial के इंस्टाग्राम पेज से साभार.
बाली द्वीप में क्या-क्या घूमें
- जतिलुविह राइस टेरेस- बाली का राइट टेरेस यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल है. विशाल हरियाली के बीच फैले इन खेतों में ट्रैकिंग करना और प्रकृति के शांत माहौल का आनंद लेना पर्यटकों के लिए एक बेहद सुकून भरा और यादगार अनुभव होता है. यहां की पारंपरिक सुबक सिंचाई प्रणाली सदियों पुरानी सहकारिता और अनूठी कृषि संस्कृति का अद्भुत उदाहरण है.
- उलु दातु बेरतन मंदिर – यह मंदिर भी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामि है. यूं तो बाली द्वीप में हर जगह आपको मंदिर मिल जाएंगे लेकिन यह मंदिर बेहद खास है. बेडुलुक मंदिर में शांत बेरतन झील के पानी के बीच तैरता हुआ सा प्रतीत होता है. पानी के बीच बने इस खूबसूरत पारंपरिक आर्किटेक्चर और यूनेस्को मान्यता प्राप्त सांस्कृतिक महत्व के कारण यह बाली के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा तस्वीरें खींचे जाने वाले स्थलों में शामिल है. इसके चारों ओर कोहरे से घिरे पहाड़ और झील की ठंडी हवाएं इस जगह को बेहद जादुई और आध्यत्मिक बनाती हैं.
- उबुद मंकी फॉरेस्ट- यह उबुद के दिल में बसा एक पवित्र और घना प्राकृतिक सेंच्यूरी है जो सैकड़ों लंबी पूंछ वाले मकाक बंदरों का घर है. इस जंगल के भीतर 14वीं शताब्दी के प्राचीन और सुंदर हिंदू मंदिर भी बने हैं, जिन पर प्राचीन नक्काशी देखने को मिलती है.
- तानाह लॉट मंदिर-यह बाली के सबसे प्रसिद्ध समुद्री मंदिरों में से एक है. यह मंदिर समुद्र के भीतर एक बड़ी चट्टान पर बहुत ही अनोखे ढंग से स्थित है. जब समुद्र में ज्वार आता है तो यह मंदिर चारों तरफ पानी से घिर जाता है और मुख्य भूमि से इसका रास्ता बंद हो जाता है. यहां से शाम के समय डूबते सूरज का नजारा बेहद भव्य और मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से सैलानी आते हैं.
- उलुवातु मंदिर-यह भव्य मंदिर दक्षिण बाली में समुद्र तल से लगभग 70 मीटर ऊंचे एक खड़ी चट्टान के किनारे पर स्थित है. यहां से हिंद महासागर का विशाल और अद्भुत नजारा दिखाई देता है. यहां शाम के वक्त चट्टान के ओपन-एथ थिएटर में होने वाला पारंपरिक केचक फायर डांस प्रदर्शन दुनिया भर में लोकप्रिय है. डूबते सूरज और समुद्र की लहरों की गड़गड़ाहट के बीच इस सांस्कृतिक नृत्य को देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होता है.
- माउंट बातुर –यह बाली का एक सक्रिय और बेहद लोकप्रिय ज्वालामुखी है, जो किंतमानी क्षेत्र में एक खूबसूरत क्रेटर झील के पास स्थित है. यहां की पहाड़ी चोटियों से दिखने वाला प्राकृतिक पैनोरमिक व्यू और ज्वालामुखी के आसपास का शांत वातावरण फोटोग्राफी और नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग के समान माना जाता है.
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