राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन आपके पास सिर्फ 2 दिन का समय है, तो जोधपुर आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है. यहां के ऊंचे किले, खूबसूरत महल, प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्मारक राजस्थान के शाही अतीत की झलक दिखाते हैं. नीले रंग के घरों के कारण ब्लू सिटी कहलाने वाले जोधपुर में ऐसी कई जगहें हैं, जहां घूमना सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास को करीब से जानने का अनुभव बन जाता है. अगर आप कम समय में राजस्थान की संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, तो इन 6 जगहों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं.
1. मेहरानगढ़ किला
जोधपुर की पहचान माने जाने वाले मेहरानगढ़ किले को देखे बिना आपकी राजस्थान यात्रा अधूरी रह सकती है. इस विशाल किले की नींव साल 1459 में राव जोधा ने रखी थी. ऊंची पहाड़ी पर बना यह किला अपनी मजबूत दीवारों, विशाल दरवाजों और शानदार महलों के लिए प्रसिद्ध है. किले के अंदर फूल महल, मोती महल और शीश महल जैसे हिस्से हैं, जो राजघराने की भव्य जीवनशैली की कहानी बताते हैं. यहां मौजूद संग्रहालय में पुराने हथियार, शाही वस्त्र, पालकियां और ऐतिहासिक वस्तुएं भी देखने को मिलती हैं. किले की ऊंचाई से जोधपुर के नीले घरों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. इतिहास और फोटोग्राफी में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जगह खास है.
2. चोखेलाओ बाग
मेहरानगढ़ किले के पास स्थित चोखेलाओ बाग अपनी हरियाली और पारंपरिक बागवानी शैली के लिए जाना जाता है. यहां की खूबसूरत बनावट, पत्थरों से बनी संरचनाएं और आसपास की ऐतिहासिक दीवारें पुराने मारवाड़ की झलक दिखाती हैं. किले की भव्यता देखने के बाद इस बाग में कुछ समय बिताना आपको सुकून का एहसास करा सकता है. यहां घूमते हुए आप प्रकृति और इतिहास के खूबसूरत मेल को महसूस कर सकते हैं. अगर आपको शांत जगहों पर घूमना और तस्वीरें लेना पसंद है, तो चोखेलाओ बाग को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें.
3. महामंदिर मंदिर
जोधपुर का महामंदिर भगवान शिव को समर्पित एक ऐतिहासिक मंदिर है. इसकी सबसे खास बात यहां बने 84 नक्काशीदार खंभे हैं. इन खंभों पर की गई बारीक कलाकारी भारतीय वास्तुकला और शिल्पकला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है. मंदिर का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ इसकी बनावट भी लोगों को आकर्षित करती है. यहां पहुंचकर आप कुछ समय शांत वातावरण में बिता सकते हैं और प्राचीन स्थापत्य कला को करीब से देख सकते हैं. धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह अच्छी है.
4. उम्मेद भवन पैलेस
उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर की सबसे भव्य इमारतों में से एक है. इसका निर्माण महाराजा उम्मेद सिंह ने साल 1929 में शुरू करवाया था. उस समय क्षेत्र में अकाल और रोजगार की समस्या थी. महल के निर्माण से बड़ी संख्या में लोगों को काम मिला. इसके निर्माण में करीब 16 साल लगे. पीले बलुआ पत्थर से बना यह महल अपनी विशाल इमारत, गुंबदों और शाही सजावट के लिए प्रसिद्ध है. आज इसका एक हिस्सा शाही परिवार के निवास और एक हिस्सा आलीशान होटल के रूप में इस्तेमाल होता है. महल के संग्रहालय में पर्यटक पुराने सामान और ऐतिहासिक वस्तुओं को देख सकते हैं. अगर आप राजघरानों की जीवनशैली और शाही वास्तुकला को करीब से जानना चाहते हैं, तो यहां जरूर जाएं.
5. जसवंत थड़ा
मेहरानगढ़ किले के पास स्थित जसवंत थड़ा सफेद संगमरमर से बना एक खूबसूरत स्मारक है. इसे महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की याद में उनके पुत्र महाराजा सरदार सिंह ने बनवाया था. साल 1906 में पूरा हुआ यह स्मारक अपनी बारीक नक्काशी, संगमरमर की जालियों और खूबसूरत गुंबदों के लिए जाना जाता है. इसकी वास्तुकला इतनी आकर्षक है कि यहां पहुंचकर कुछ देर तक इसे निहारने का मन करता है. आसपास का शांत वातावरण और किले का नजारा इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. इतिहास के साथ खूबसूरत तस्वीरें लेने के शौकीनों के लिए यह जगह शानदार है.
6. माचिया सफारी पार्क
अगर आप किले और महल देखने के साथ प्रकृति के करीब भी समय बिताना चाहते हैं, तो माचिया सफारी पार्क जा सकते हैं. यहां विभिन्न वन्यजीवों और पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है. यह जगह खासकर बच्चों और परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए दिलचस्प हो सकती है. पार्क में घूमते हुए आपको राजस्थान के प्राकृतिक परिवेश और वन्यजीवों के बारे में जानने का मौका मिलेगा. यहां जाने से पहले प्रवेश शुल्क और खुलने के समय की जानकारी जरूर जांच लें.
2 दिन में कैसे घूमें जोधपुर?
पहले दिन की शुरुआत मेहरानगढ़ किले से करें. इसके बाद चोखेलाओ बाग घूमें और समय निकालकर महामंदिर मंदिर जाएं. दूसरे दिन उम्मेद भवन पैलेस से शुरुआत करें. इसके बाद जसवंत थड़ा देखें और समय के अनुसार माचिया सफारी पार्क घूमने जाएं. इन जगहों के बीच आने-जाने में लगने वाले समय को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनाएं. (Incredible India से इनपुट के साथ)




