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Udaipur Movie Shooting Location: उदयपुर अपनी झीलों, महलों और ऐतिहासिक खूबसूरती के कारण लंबे समय से फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करता रहा है. बॉलीवुड की कई फिल्मों में शहर की खूबसूरत लोकेशन पर्दे पर नजर आई है. ‘गाइड’ से लेकर ‘प्रेम रतन धन पायो’ तक फिल्मों ने उदयपुर की झीलों और राजसी वास्तुकला को दर्शकों तक पहुंचाया. विश्व बॉलीवुड दिवस पर उदयपुर के इस फिल्मी कनेक्शन को खास तौर पर याद किया जा सकता है.
विश्व बॉलीवुड दिवस मनाया जा रहा है.यह दिन हिंदी सिनेमा की फिल्मों, संगीत और उससे जुड़ी यादों को सेलिब्रेट करने का मौका है। ऐसे में अगर बॉलीवुड और राजस्थान की बात हो तो उदयपुर का जिक्र होना तय है. झीलों की नगरी उदयपुर का बॉलीवुड से रिश्ता आज का नहीं, बल्कि कई दशकों पुराना है. यहां के महल, झीलें, घाट, हवेलियां और पुरानी गलियां लंबे समय से फिल्मकारों को अपनी ओर खींचती रही हैं.
उदयपुर में फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला काफी पुराना है. देव आनंद की ‘गाइड’ को उदयपुर की फिल्मी पहचान से जोड़कर खास तौर पर देखा जाता है. राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार फिल्म के कई हिस्से उदयपुर में फिल्माए गए थे. सूरजपोल, हाथीपोल, फतेहसागर और पुराने शहर की गलियां भी फिल्म में नजर आई थीं.सिटी पैलेस में भी इसके कुछ दृश्य फिल्माए गए थे.
इसके बाद भी उदयपुर फिल्मों के लिए पसंदीदा जगह बना रहा. ‘मेरा साया’, ‘फूल बने अंगारे’, ‘कच्चे धागे’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘जलमहल’, ‘यादें’, ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’, ‘धमाल’, ‘फिजा’, ‘खुदा गवाह’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में भी उदयपुर की लोकेशन का इस्तेमाल हुआ. यानी पुरानी फिल्मों से लेकर नए दौर तक शहर का फिल्मी सफर लगातार चलता रहा.
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उदयपुर एक बार फिर बड़े पर्दे पर काफी चर्चा में आया. ‘ये जवानी है दीवानी’ में गणगौर घाट और सिटी पैलेस जैसी जगहों की झलक दिखाई दी. वहीं संजय लीला भंसाली की ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग उदयपुर पैलेस और गणगौर घाट पर हुई थी.राजस्थान पर्यटन विभाग भी इन दोनों फिल्मों में गणगौर घाट और सिटी पैलेस की मौजूदगी का जिक्र करता है.
इसके बाद ‘प्रेम रतन धन पायो’, ‘धड़क’, ‘मिर्ज्या’, ‘पटाखा’ और ‘अंग्रेजी मीडियम’ जैसी फिल्मों से भी उदयपुर का नाम जुड़ा. ‘प्रेम रतन धन पायो’ में उदयपुर सहित राजस्थान की कई शाही लोकेशन दिखाई गईं, जबकि ‘अंग्रेजी मीडियम’ की कहानी ही उदयपुर से जुड़ी हुई थी.
उदयपुर की खासियत यह है कि यहां फिल्मकारों को एक ही शहर में कई तरह की लोकेशन मिल जाती हैं.पिछोला और फतेहसागर जैसी झीलें, सिटी पैलेस जैसे भव्य महल, गणगौर घाट, हवेलियां और पुराने शहर की गलियां हर कहानी को अलग माहौल देती हैं. राजस्थान पर्यटन विभाग भी शहर के महलों, पुरानी गलियों और प्राकृतिक नजारों को फिल्म शूटिंग के लिए आकर्षक बताता है.
यही वजह है कि उदयपुर में शूट हुई फिल्मों को देखने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी कई जगहें और खास हो जाती हैं. लोग शहर घूमते समय उन लोकेशन को तलाशते हैं, जिन्हें उन्होंने पहले फिल्मों में देखा होता है.यानी उदयपुर सिर्फ फिल्मों का बैकग्राउंड नहीं रहा, बल्कि कई कहानियों में खुद एक किरदार की तरह नजर आया ह.




