अमेरिका इस समय कुदरत का कहर झेल रहा है. देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक विशाल शीतकालीन तूफान ने जनजीवन को लगभग ठप कर दिया है. दुर्लभ और बेहद खतरनाक माने जाने वाले इस ‘बॉम्ब साइक्लोन’ ने वर्जीनिया से लेकर मेन तक के इलाकों को बर्फ की मोटी चादर में ढक दिया है. 4 करोड़ से अधिक लोग बर्फीले तूफान (ब्लिज़ार्ड) की चेतावनी के दायरे में हैं. न्यूयॉर्क सिटी का स्काईलाइन बर्फ से ढका नजर आ रहा है, जबकि सड़कों पर भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के बीच लोगों की आवाजाही लगभग थम गई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह पिछले कई दशकों में आए सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक है और इसका असर अभी भी खत्म नहीं हुआ है. आखिर ये तूफान है क्या? इसकी वजह से लेकर असर तक का हर मामला समझते हैं.
क्या है ‘बॉम्ब साइक्लोन’, जिसने अमेरिका में कहर मचाया हुआ है?
वैज्ञानिक भाषा में ‘बॉम्बोजेनेसिस’ कहलाने वाला बॉम्ब साइक्लोन वह तूफान होता है, जिसकी तीव्रता बेहद कम समय में विस्फोटक ढंग से बढ़ जाती है. जब किसी तूफान का केंद्रीय वायुदाब 24 घंटे में कम से कम 24 मिलीबार तक गिर जाता है, तो इसे बॉम्ब साइक्लोन की कैटिगरी में रखा जाता है. वायुदाब जितना तेजी से गिरता है, तूफान उतना ही अधिक शक्तिशाली हो जाता है. सरल शब्दों में, यह सर्दियों का ‘हरिकेन’ जैसा होता है. तेजी से घूमने वाली निम्न दबाव प्रणाली, जो आर्कटिक की ठंडी हवा को खींच लाती है, बर्फीली आंधी जैसी हवाएं पैदा करती है और इतनी तेज बर्फबारी करती है कि शहरों की व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं. किसी तूफान को आधिकारिक रूप से ब्लिज़ार्ड घोषित करने के लिए 56 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार वाली हवाएं, भारी बर्फबारी और कम से कम 3 घंटे तक दृश्यता एक-चौथाई मील से कम होनी जरूरी है. मौजूदा तूफान इन सभी मानकों को पार कर चुका है.
अमेरिका में इस बर्फीले तूफान की वजह से हालात कितने गंभीर हैं?
यह उच्च-प्रभाव वाला बॉम्ब साइक्लोन वर्जीनिया से मेन तक फैला हुआ है. न्यूयॉर्क सिटी, लॉन्ग आइलैंड, लोअर हडसन वैली, न्यू जर्सी के अधिकांश हिस्सों और दक्षिणी कनेक्टिकट में ब्लिज़ार्ड चेतावनी जारी है. तीनों राज्यों में तटीय बाढ़ की चेतावनी भी लागू है. स्थानीय समयानुसार मध्यरात्रि तक स्टेटन आइलैंड के डोंगन हिल्स इलाके में एक फुट (करीब 30 सेंटीमीटर) से अधिक बर्फबारी दर्ज की जा चुकी थी और हालात लगातार बिगड़ते चले जा रहे थे. मौसम विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क क्षेत्र की सभी 29 काउंटियों में एक साथ ब्लिज़ार्ड चेतावनी जारी की गई है. ऐसी स्थिति 1996 के ऐतिहासिक ब्लिज़ार्ड के बाद पहली बार देखी गई है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने आपातकाल की घोषणा करते हुए रविवार रात 9 बजे से सोमवार दोपहर तक सभी सड़कों, हाइवे और पुलों को बंद करने का आदेश दिया. केवल बहुत आवश्यक और आपात सेवाओं को ही छूट दी गई है.
मेयर ममदानी ने कहा, ‘पिछले एक दशक में न्यूयॉर्क सिटी ने इस स्तर का तूफान नहीं देखा है.’ उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की. बेघर और कमजोर वर्गों के लिए 22 ‘वार्मिंग बसें’ तैनात की गईं, जो पांचों बरो में लोगों को शेल्टर होम तक पहुंचा रही हैं. ‘कोड ब्लू’ लागू किया गया है, जिसके तहत किसी भी जरूरतमंद को शेल्टर से वापस लौटाया नहीं जाएगा.
रोड आइलैंड, पेनसिल्वेनिया, कनेक्टिकट, मैरीलैंड और मैसाचुसेट्स ने भी आपातकाल घोषित किया है. न्यूयॉर्क और मैसाचुसेट्स के गवर्नरों ने नेशनल गार्ड की तैनाती की है. न्यूयॉर्क सिटी के तीन प्रमुख हवाईअड्डों- लागार्डिया एयरपोर्ट, जॉन एफ केनेडी इंटरनैशनल एयरपोर्ट और नेवार्क लिबर्टी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं. जेएफके पर आने वाली दो-तिहाई उड़ानें रद्द कर दी गईं. क्षेत्रीय रेल सेवाओं को भी स्थगित कर दिया गया है. उत्तर-पूर्वी अमेरिका में एक लाख से अधिक उपभोक्ता बिजली आपूर्ति से वंचित हो चुके हैं, जबकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे खराब दौर अभी भी देखा जाना बाकी है.
क्या जलवायु परिवर्तन इस प्राकृतिक आपदा के लिए जिम्मेदार है?
वैज्ञानिक लंबे समय से चेतावनी दे रहे हैं कि भले ही दुनिया का तापमान बढ़ने की वजह से शीतकालीन तूफानों की संख्या घटे, लेकिन जो तूफान आएंगे वे अधिक तीव्र और विनाशकारी साबित हो सकते हैं. ‘पोलर वॉर्टेक्स’ यानी कि आर्कटिक के ऊपर जमी ठंडी हवा की परत में गड़बड़ी को भी जलवायु परिवर्तन से जोड़ा जा रहा है. जब यह कमजोर पड़ता है तो आर्कटिक की ठंडी हवा आबादी वाले इलाकों की ओर धकेल दी जाती है, जिससे विस्फोटक तूफान पैदा होते हैं.
यह तूफान ऐसे समय आया है जब कुछ ही हफ्ते पहले क्षेत्र एक अन्य घातक मौसम प्रणाली से उबरा था, जिससे 100 से अधिक मौतें हुई थीं. जलवायु वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पैटर्न अब नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने साफ शब्दों में कहा, ‘सबसे बुरा दौर तो अभी आना बाकी है.’
अंतरिक्ष से दिखा ‘राक्षस’ जैसा बॉम्ब साइक्लोन
अमेरिका के पूर्वी तट के पास मंडरा रहा यह शक्तिशाली बॉम्ब साइक्लोन उपग्रह तस्वीरों में किसी हरिकेन जैसा दिखाई दे रहा है. अंतरिक्ष से देखने पर यह घने बादलों के विशाल सर्पिल आकार (स्पाइरल) के रूप में नजर आता है, जिसके केंद्र के पास ‘घूमती आंख’ जैसी संरचना दिखाई दे रही है, खासकर न्यू जर्सी के निकट.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रणाली बेहद तेजी से तीव्र हुई है, जो बॉम्ब साइक्लोन की खास विशेषता है. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय वायुदाब लगभग 972 मिलीबार तक गिर चुका है, जो आमतौर पर शक्तिशाली तटीय तूफानों से जुड़ा होता है. कुछ इलाकों में स्थायी हवाओं की गति 75 मील प्रति घंटा (करीब 120 किमी/घंटा) तक पहुंच गई है, जबकि झोंकों की रफ्तार 90 मील प्रति घंटा (करीब 145 किमी/घंटा) तक दर्ज की गई.
तकनीकी रूप से यह हरिकेन नहीं है, क्योंकि यह गर्म समुद्री जल से ऊर्जा नहीं लेता है. इसकी बजाय यह वायुमंडलीय तापमान के तीव्र अंतर से ताकत हासिल करता है. हालांकि बनावट और हवा की ताकत के लिहाज से विशेषज्ञ इसे ‘फंक्शनल तौर पर हरिकेन जैसा’ बता रहे हैं. तूफान के तट के पास में होने से न्यू जर्सी और आसपास के तटीय इलाकों में समुद्र काफी उग्र हो गया है. इसके उत्तर की ओर बढ़ने के साथ न्यूयॉर्क सिटी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय बाढ़ की आशंका जताई गई है.
आपात अधिकारियों ने लोगों से घर के बाहर की हल्की चीजों को सुरक्षित रखने और संभावित बिजली कटौती के लिए तैयार रहने की अपील की है. तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं और बिजली की लाइनें गिर सकती हैं. हवाई यात्रा और फेरी सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है, जबकि तटीय समुदायों को खतरनाक लहरों और कटाव की चेतावनी जारी कर दी गई है.
मौसम विभाग लगातार उपग्रहों के जरिए तूफान की निगरानी कर रहा है. हालांकि, अनुमान है कि जमीन पर पहुंचने के बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन उसके बाद भी कई घंटों तक तेज हवाएं और भारी बारिश जारी रह सकती है. उत्तर-पूर्वी अमेरिका के निवासियों को आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है क्योंकि यह शक्तिशाली बॉम्ब साइक्लोन के साथ देश के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक की ओर बढ़ रहा है.





