घटेंगे स्मार्टफोन के दाम? इंडस्ट्री ने निकाला रास्ता, लेकिन सरकार के पाले में डाली गेंद


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स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां और इंडस्ट्री संगठन मोबाइल फोन पर जीएसटी को 18% से घटाकर 5% करने की मांग कर रहे हैं. इंडस्ट्री का कहना है कि कंपोनेंट लागत और इनपुट फ्रेट बढ़ने से फोन की औसत कीमत बढ़ी है, जिसका सबसे ज्यादा असर ₹10,000 से कम कीमत वाले फोन की मांग पर पड़ा है. अब यह प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल की आगामी दर समीक्षा में चर्चा के लिए रखा जा सकता है, लेकिन अंतिम फैसला सरकार को करना है.

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मोबाइल फोन इंडस्ट्री का कहना है कि स्मार्टफोन पर मौजूदा 18% जीएसटी दर को घटाकर 5% किया जाना चाहिए.

नई दिल्ली. मोबाइल फोन खरीदने वालों के लिए आने वाले समय में राहत की उम्मीद बन सकती है. स्मार्टफोन कंपनियों और इंडस्ट्री संगठनों ने सरकार से मोबाइल फोन पर लगने वाली जीएसटी दर को 18% से घटाकर 5% करने की मांग की है. इंडस्ट्री का कहना है कि पिछले कुछ समय में कंपोनेंट की लागत और इनपुट फ्रेट बढ़ने से स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत लगातार बढ़ी है. इसका असर खासतौर पर एंट्री-लेवल और बजट फोन की मांग पर दिखाई दे रहा है.

इंडस्ट्री अब सरकार से टैक्स में कटौती के जरिए फोन की कीमतों को नीचे लाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, यह फैसला सिर्फ मोबाइल कंपनियों के हाथ में नहीं है. जीएसटी दर में बदलाव पर अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल को करना होगा.

18% से सीधे 5% GST की मांग

मोबाइल फोन इंडस्ट्री का कहना है कि स्मार्टफोन पर मौजूदा 18% जीएसटी दर को घटाकर 5% किया जाना चाहिए. इसके पीछे एक बड़ा तर्क यह है कि मार्च 2020 में मोबाइल फोन पर जीएसटी की दर 12% से बढ़ाकर 18% की गई थी. अब इंडस्ट्री इस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग कर रही है. कंपनियों का कहना है कि टैक्स में कमी होने से फोन की अंतिम कीमत कम हो सकती है और इससे कमजोर हो रही मांग को सहारा मिलेगा.

₹10,000 से कम वाले फोन की मांग पर सबसे ज्यादा असर

स्मार्टफोन की बढ़ती औसत कीमत का सबसे ज्यादा असर एंट्री-लेवल सेगमेंट पर पड़ा है. ₹10,000 से कम कीमत वाले फोन बड़ी संख्या में ऐसे ग्राहकों की जरूरत पूरी करते हैं, जो पहली बार फीचर फोन से स्मार्टफोन पर शिफ्ट कर रहे हैं. इंडस्ट्री का तर्क है कि 18% जीएसटी इस वर्ग के लिए फोन खरीदने की लागत बढ़ाता है. खासकर ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले ग्राहकों के लिए कुछ हजार रुपये का अंतर भी बड़ा फैसला बन जाता है.

कम टैक्स से सरकार को भी फायदा होने का दावा

मोबाइल कंपनियों का तर्क सिर्फ ग्राहकों को सस्ता फोन देने तक सीमित नहीं है. इंडस्ट्री का कहना है कि 5% जीएसटी से प्रति फोन सरकार को मिलने वाला टैक्स कम जरूर होगा, लेकिन कम कीमत के कारण बिक्री का वॉल्यूम बढ़ सकता है. इससे ज्यादा स्मार्टफोन बिकने पर कुल टैक्स कलेक्शन में होने वाली संभावित कमी की भरपाई हो सकती है. साथ ही स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने से डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर

मोबाइल इंडस्ट्री का यह प्रस्ताव जीएसटी दरों की आगामी समीक्षा में विचार के लिए रखा गया है. सरकार के सामने चुनौती यह होगी कि स्मार्टफोन को सस्ता करने की मांग और टैक्स राजस्व के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए. इसके साथ घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना भी एक अहम पहलू है. ऐसे में अब नजर जीएसटी काउंसिल की बैठक पर है. अगर दर में कटौती को मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा असर आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ सकता है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो,…

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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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