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Palash Flower Syrup Benefits: मध्य प्रदेश में गर्मी बढ़ते ही सीधी के जंगलों और गांवों के आसपास खिलने वाले पलाश (टेसू) के फूल एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगे हैं. आग जैसे लाल-नारंगी रंग के ये फूल देखने में जितने सुंदर होते हैं, उतने ही स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई तरह की औषधियों में किया जाता है.
आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पलाश के फूलों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. खासतौर पर पहाड़ी और वन क्षेत्रों में यह पेड़ अधिक मात्रा में पाया जाता है.

डॉ संतोष कुमार के मुताबिक, पलाश के फूलों से बनाया गया शरबत गर्मियों में बेहद लाभकारी माना जाता है. इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. यही वजह है कि कई जगहों पर लोग इसे पारंपरिक पेय के रूप में पीते हैं.

आयुर्वेद में पलाश के फूलों को कफ, पित्त और रक्त विकारों को संतुलित करने वाला बताया गया है. यह पेशाब में जलन या रुकावट की समस्या को कम करने में भी सहायक माना जाता है. इसके अलावा त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में भी इसका उपयोग किया जाता है.
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जंगलों में आग की तरह नजर आने वाले ये टेसू के फूल केवल सुंदर ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. पलाश का उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है और इससे खास तरह का शरबत भी तैयार किया जाता है.

अगर आप चाहें तो घर पर भी पलाश के फूलों से शरबत बना सकते हैं. इसके लिए उबले हुए पानी में पलाश के फूल डालकर 5-7 मिनट तक छोड़ दें. इसके बाद इसमें स्वाद के लिए मिश्री और केसर मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें और ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें.

गर्मियों में बाहर निकलने से पहले इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और प्यास भी कम लगती है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिल सकती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है. यही कारण है कि पलाश का शरबत गर्मियों में सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.

टेसू के फूलों को छाया में अच्छी तरह सुखाकर, एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके सालभर तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इन सूखे फूलों का उपयोग होली के प्राकृतिक रंग, आयुर्वेदिक शरबत या काढ़ा बनाने के लिए किया जा सकता है. नमी से बचाने के लिए इन्हें धूप में सुखाने के बाद नमी-मुक्त जार में रखना सबसे अच्छा है.





