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Jim Corbett Tour: दिल्ली की भागदौड़ और मानसिक थकान से राहत पाने की चाहत है तो इस महीने के आखिर का लॉन्ग वीकेंड आपके लिए बेहद खास हो सकता है. इस बार रक्षा बंधन 28 अगस्त शुक्रवार को पड़ रहा है. इस लिहाज से वह वीकेंड तीन दिनों का होने वाला है. इस लॉन्ग वीकेंड में इस बार आप जिम कॉर्बेट का प्लान कीजिए. बारिश अब लगभग खत्म होने को है और इस मौसम में पूरा जिम कॉर्बेट हरियाली की अलौकिक चादर में लिपट जाती है जो आपको बेहद सुकून देने वाला साबित हो सकता है. आइए दिल्ली से जिम कॉर्बेट जाने का पूरा प्लान बता रहे हैं.
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क.
Jim Corbett Visit: दिल्ली-एनसीआर की आपाधापी और कंक्रीट के जंगलों से आ रही धधक आपको परेशान कर रही है तो अगस्त के आखिर में जिम कॉर्बेट की सैर आपके लिए परफेक्ट वीकेंड हीलिंग प्लान बन सकता है. महज 5 से 6 घंटे की दूरी पर स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी हरी-भरी वादियों, कलकल बहती कोसी नदी और तरह-तरह के वन्यजीवों के लिए मशहूर है. 2 से 3 दिनों की यह ट्रिप आपके शरीर और मन दोनों की थकान मिटाने के लिए काफी है क्योंकि आपकी शारीरिक और मानसिक थकान को दूर करने के लिए प्रकृति की गोद से बेहतर कोई दवा नहीं हो सकती. दिल्ली से महज 260 किलोमीटर पर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक बेहद खूबसूरत और शांत सतरंगी दुनिया बसी हुई है. घने साल के जंगल, बहती नदी का किनारा और पक्षियों का चहचहाना आपके शरीर और मन दोनों की थकान को पल भर में दूर कर देता है. बारिश के बाद पूरा जिम कॉर्बेट हरियाली की चादर ओढ लेता है जो आपको अंदर से रोमांच पैदा करने के लिए काफी है. दो दिनों में यहां से आप पूरी तरह रिचार्ज होकर वापस आएंगे. तो आइए जानते हैं कि कैसे 2 दिनों में जिम कॉर्बेट की यह ट्रिप आपके माइंड और बॉडी के लिए बेस्ट डिटॉक्स बन सकती है.
जिम कॉर्बेट की आधिकारिक वेबसाइट https://corbettgov.org/ से साभार ली गई तस्वीर.
जिम कॉर्बेट भारत का पहला नेशनल पार्क
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) देश का पहला राष्ट्रीय पार्क है जिसकी स्थापना 1936 में हुई थी. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व न केवल भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, बल्कि प्रोजेक्ट टाइगर के तहत शामिल होने वाला देश का पहला राष्ट्रीय उद्यान भी है. यह भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. 1956 में इसका नाम बदलकर जिम कॉर्बेट के सम्मान में रखा गया. जिम कॉर्बेट पहले शिकारी थे लेकिन बाद में पशुओं के प्रति उनका दया भाव संसार में विख्यात हो गया. वे इस जगह पर लाखों पशु-पक्षियों को बचाने में जीवन भर लग गए. पार्क की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. आज कॉर्बेट टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण की सफलता और भारत की समृद्ध जैव विविधता का जीवंत उदाहरण है.
जिम कॉर्बेट की आधिकारिक वेबसाइट https://corbettgov.org/ से साभार ली गई तस्वीर.
कॉर्बेट पार्क की खासियत
जिम कॉर्बेट पार्क नैनीताल जिले में 1,288.31 वर्ग किलोमीटर में फैला है. यहां चारों तरफ मनोरम दृश्य आपके मन को गदगद कर देगा. यहां पहाड़ियां, नदी के किनारे के क्षेत्र, घास के मैदान और एक बड़ा जलाशय मौजूद है. यह जगह समुद्र तल से 1,300 से 4,000 फीट ऊंचाई पर स्थित है. यहां 617 प्रजातियों के पेड़-पौधे, 50 स्तनधारी प्रजातियां, 580 पक्षी प्रजातियां और 25 रेंगने वाली प्रजातियां पाई जाती हैं जो अन्य कहीं नहीं है. यही वजह है कि यह क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. कॉर्बेट दुनिया में बाघों के सबसे अधिक घनत्व के लिए भी जाना जाता है. लगभग 40 प्रतिशत एरिया साल वनों से घिरा हुआ है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व दुनिया के पर्यटकों के लिए इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन है, जहां दुनियाभर से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी पहुंचते हैं.
कॉर्बेट में क्या-क्या देखें
- जंगल सफारी –जिम कॉर्बेट का सबसे बड़ा रोमांच जंगल सफारी है. इसमें आपको पूरे जंगल में विविध तरह के पशु-पक्षियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा. घने जंगलों में बाघ, तेंदुए, एशियाई हाथी, हिरण, चित्तीदार हिरण, सांभर, नीलगाय, भालू और जंगली सूअर जैसे शानदार जानवरों को विचरण करते देखा जा सकता है. इसके साथ ही आपको दुर्लभ पक्षियों को भी देखने का मौका मिलेगा. पेड़ की डालियों पर मोर, हॉर्नबिल, किंगफिशर, चील और विभिन्न प्रकार के सुंदर प्रवासी व स्थानीय पक्षियों का दीदार कर सकते है. नदियों और तालाबों के किनारे मगरमच्छ, घड़ियाल, अजगर और कई तरह के अनोखे जीव धूप सेंकते नजर आते हैं. घने साल और सागौन के जंगल, विशाल घास के मैदान, कल-कल बहती नदियां और खूबसूरत सूर्यास्त का विहंगम दृश्य आपका मन मोह लेगा.
- कॉर्बेट फॉल्स –रामनगर-कालाढूंगी मार्ग पर घने जंगलों के बीच स्थित कॉर्बेट फॉल्स एक बहुत ही खूबसूरत और शांत झरना है. लगभग 60 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी और पक्षियों का चहचहाना पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. यहां पहुंचने के लिए जंगलों के बीच से होकर छोटा सा ट्रेक करना पड़ता है. पिकनिक मनाने और प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिताने के लिए यह जगह स्थानीय और बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है.
- ढिकाला जोन –दिखला जोन नेशनल पार्क का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय कोर एरिया माना जाता है. यहां का विशाल घास का मैदान और रामगंगा नदी का सुंदर किनारा पर्यटकों को प्रकृति का अद्भुत नजारा देता है. जंगल सफारी के दौरान यहाँ बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी और दुर्लभ पक्षियों को देखने का सबसे अधिक मौका मिलता है. यहां कैंटर सफारी बेहद लोकप्रिय है. घने जंगलों के बीच समय बिताना हर किसी के लिए एक बेहद रोमांचकारी और यादगार अनुभव होता है.
- बिजरानी जोन –बिजरानी सफारी जोन प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की विविधताओं से भरा हुआ है. घने सागौन और साल के पेड़ों से घिरा यह क्षेत्र टाइगर्स की साइटिंग के लिए बहुत मशहूर है. पर्यटक यहां जिप सफारी के ज़रिए घने जंगलों की पगडंडियों से गुजरते हुए रोमांच का अनुभव कर सकते हैं. शांत वातावरण, हरियाली और नदी के किनारे फैले नजारे वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों को प्रकृति को काफी करीब से देखने और निहारने का शानदार अवसर प्रदान करते हैं.
- गर्जिया देवी मंदिर –कोसी नदी के बीच स्थित एक ऊंचे टीले पर बना गिरिजा देवी टेंपल एक प्रमुख आध्यात्मिक और प्राकृतिक स्थल है. मंदिर तक पहुंचने के लिए बनी सीढ़ियों और पैदल पुल से बहती नदी और आसपास के हरे-भरे पर्वतों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है. यहां आकर श्रद्धालु न केवल दर्शन करते हैं बल्कि नदी के किनारे बैठकर प्राकृतिक सुंदरता और शांति का आनंद लेते हैं. यह स्थल धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम पेश करता है.
- कॉर्बेट बटरफ्लाई पार्क- कॉर्बेट बटरफ्लाई पार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण साथ-साथ संरक्षण से जुड़े शोध का भी महत्वपूर्ण केंद्र है. पार्क में ऐसे पौधों का चयन किया गया है जो तितलियों को आकर्षित करने के साथ-साथ उन्हें भोजन और प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं. पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यहां विशेष रूप से तैयार किया गया सेंसरी गार्डन भी है. पार्क में तितलियों की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं. इनमें आमतौर पर पाई जाने वाली प्रजातियों से लेकर बेहद दुर्लभ तितलियां तक शामिल हैं. यह तितलियों की अद्भुत विविधता को दर्शाता है. इंटरैक्टिव डिस्प्ले और सूचना बोर्ड के जरिए पर्यटक तितलियों के जीवन चक्र, उनके प्रवास के पैटर्न और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं.
जिम कॉर्बेट कैसे जाएं
दिल्ली से जिम कॉर्बेट पहुंचने के लिए यदि आप सड़क मार्ग से जाते हैं तो आपको हापुड़, मुरादाबाद, काशीपुर होते हुए रामनगर जाना होगा जो लगभग 260 किलोमीटर होगा. इसके लिए 5-6 घंटे का समय लगेगा. यदि आप अपनी कार से जाते हैं तो 1,800-2,200 रुपये का पेट्रोल लगेगा. वन-वे प्राइवेट कैब का किराया 5 हजार के आसपास होगा. हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं तो आपको दिल्ली से नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर उतरना होगा. इसमें 1 घंटे का समय लगेगा फिर वहां से जिम कॉर्बेट लगभग 80 किमी की दूरी टैक्सी से पूरी करनी होगी.
जिम कॉर्बेट में कहां ठहरे
जिम कॉर्बेट के अंदर कई स्टे होटल और रिजॉर्ट मौजूद हैं जहां आप अपने पॉकेट के हिसाब से रह सकते हैं. सामान्य होटल 2 से 5 हजार तक मिलेगा. यदि 3 स्टार होटल में रहना चाहते हैं तो आपको इससे ज्यादा पैसा खर्च करने होंगे. वहीं यदि आप रिजॉर्ट में रहते हैं तो 5 से 7 हजार से आपका बजट शुरू होगा. अगर आप लग्जरी 5 स्टार होटल देख रहे हैं तो दो प्रमुख लग्जरी रिजॉर्ट एंड स्पा है. एक है ताज कॉर्बेट एंड रिजॉर्ट स्पा और दूसरा है जिम कॉर्बेट मैरिएट रिजॉर्ट एंड स्पा आपके लिए बेस्ट होगा. यह उत्तराखंड में धिकुली, रामनगर के पास कोसी नदी के किनारे और जंगल के बीचो-बीच स्थित 5-स्टार लग्जरी रिजॉर्ट है. यह नई दिल्ली से लगभग 240 किमी की दूरी पर स्थित है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के अंदर स्थिति मैरिएट 5-स्टार रिजॉर्ट, हरे-भरे पेड़-पौधों, बंगाल टाइगर, तेंदुए और जंगली हाथियों जैसे वन्यजीवों के बीच प्रकृति के करीब रहने का शानदार अनुभव देता है. रिजॉर्ट में खूबसूरत कमरे और सुइट्स हैं, जहां से कोसी नदी और आसपास के जंगलों का मनमोहक नजारा दिखाई देता है. यहां साल बार में आधुनिक भारतीय स्पिरिट्स का आनंद लिया जा सकता है, जबकि द कॉर्बेट किचन में पूरे दिन स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध है. बड़े खुले लॉन और बिना खंभों वाले विशाल बॉलरूम के कारण यह रिजॉर्ट शादियों और अन्य आयोजनों के लिए भी उपयुक्त है. आराम और सुकून के लिए कुआन स्पा की सुविधा है. परिवार के साथ समय बिताने के लिए गाइडेड नेचर वॉक, जंगल टूर, तारों को निहारना और सुबह की योग गतिविधियों जैसे कई अनुभव उपलब्ध हैं. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बीच प्रकृति की गोद में यादगार सफारी का अनुभव लें और इस लग्जरी रिजॉर्ट में शानदार पलों को हमेशा के लिए यादों में संजोएं.
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मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…
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