Last Updated:
Who is Natalie Harp: नताली हार्प अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे करीबी सहयोगियों में गिनी जाती हैं. 35 साल की हार्प, ट्रंप की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट हैं और उनके इनर सर्कल में खास जगह रखती हैं. तुर्की में नाटो समिट के दौरान ईरानी हत्या के संभावित खतरे के बीच ट्रंप ने एयर फोर्स वन छोड़कर डिकॉय जेट से यात्रा की. इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर हार्प को साथ ले जाना चर्चा का विषय बन गया. हार्प पहले टीवी एंकर रह चुकी हैं और ट्रंप के साथ प्रिंटआउट लेकर चलने की वजह से उन्हें ‘ह्यूमन प्रिंटर’ भी कहा जाता है. उनकी ट्रंप से करीबी कई किताबों में भी चर्चा में रही है. (सभी फोटो AP)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आसपास कई बड़े नाम हैं. विदेश मंत्री मार्को रुबियो से लेकर स्टीफन मिलर और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट तक उनकी टीम में बेहद ताकतवर लोग हैं. लेकिन ट्रंप के बेहद निजी इनर सर्कल में एक ऐसा नाम भी है, जो किसी बड़े सरकारी पद से ज्यादा अपनी खास पहुंच के लिए चर्चा में रहता है. नाम है नताली हार्प. 35 साल की हार्प, ट्रंप की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट हैं और उनकी मौजूदगी लगभग हर अहम मौके पर दिखती है. हालिया तुर्की दौरे की घटना ने उनकी इस करीबी को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
नाटो समिट के दौरान जब ईरान की तरफ से संभावित हत्या के खतरे की जानकारी मिली तो ट्रंप ने सुरक्षा कारणों से एयर फोर्स वन छोड़कर एक डिकॉय जेट से निकलने का फैसला किया. दिलचस्प बात यह रही कि इस खास सफर में ट्रंप के साथ नताली हार्प भी थीं. वहीं मार्को रुबियो, स्टीफन मिलर और स्कॉट बेसेंट जैसे वरिष्ठ अधिकारी एयर फोर्स वन में ही रह गए. डैन स्कैविनो और वाल्ट नौटा भी हार्प के साथ उस सैन्य उड़ान में शामिल थे. यही घटना बताती है कि ट्रंप के भरोसे के घेरे में हार्प की जगह कितनी खास है.
नताली हार्प की कहानी सीधे व्हाइट हाउस से शुरू नहीं होती. उन्होंने पॉइंट लोमा नजारिन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और लिबर्टी यूनिवर्सिटी से एमबीए किया. 2019 में वह तब चर्चा में आईं, जब उन्होंने ट्रंप के ‘राइट टू ट्राई’ कानून की तारीफ की. 2020 के ट्रंप अभियान में उन्हें एडवाइजरी बोर्ड में जगह मिली और रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में बोलने का मौका भी मिला. इसके बाद 2020 से 2022 तक उन्होंने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क में एंकर के तौर पर काम किया. फिर उनका रास्ता ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट तक पहुंचा.
Add News18 as
Preferred Source on Google
हार्प को ट्रंप के साथ काम करते हुए एक अजीब लेकिन दिलचस्प उपनाम मिला ‘ह्यूमन प्रिंटर’. वजह भी कम दिलचस्प नहीं है. बताया जाता है कि वह ट्रंप के लिए समाचारों की बड़ी प्रिंट कॉपी लेकर चलती थीं. इनमें उनके बारे में छपी खबरें, सोशल मीडिया पोस्ट और यहां तक कि ट्रंप की अपनी पोस्ट भी शामिल होती थीं. ट्रंप डिजिटल स्क्रीन पर पढ़ने के बजाय कागज पर चीजें देखना पसंद करते हैं. ऐसे में हार्प की यह भूमिका धीरे-धीरे उनके कामकाज का खास हिस्सा बन गई. यही छोटी-सी बात उनकी ट्रंप तक सीधी पहुंच को समझने में मदद करती है.
हार्प की ताकत किसी बड़े संवैधानिक पद से नहीं आती. उनकी असली ताकत ट्रंप तक सीधी और लगातार पहुंच बताई जाती है. रिपोर्टों के मुताबिक वह राष्ट्रपति की कई बैठकों में मौजूद रहती हैं और ट्रंप के ट्रुथ सोशल अकाउंट से जुड़े काम में भी मदद करती हैं. यानी वह सिर्फ कागज या प्रिंटआउट संभालने वाली सहयोगी नहीं हैं. उनके पास राष्ट्रपति तक सूचनाओं के पहुंचने और उनके आसपास के माहौल को समझने की भी खास भूमिका है. यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन में कई वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उनकी मौजूदगी अलग तरह का प्रभाव पैदा करती है.
तुर्की में सुरक्षा खतरे के बीच ट्रंप का डिकॉय जेट से निकलना अपने आप में बेहद संवेदनशील ऑपरेशन था. लेकिन उससे भी ज्यादा चर्चा इस बात की हुई कि उस सफर में कौन उनके साथ था और कौन नहीं. हार्प का ट्रंप के साथ जाना उनके व्यक्तिगत भरोसे का संकेत माना जा रहा है. इसे सिर्फ सरकारी प्रोटोकॉल से समझना मुश्किल है. ट्रंप की राजनीति में व्यक्तिगत वफादारी का महत्व पहले भी दिखाई देता रहा है. ऐसे में नताली हार्प की कहानी यह बताती है कि व्हाइट हाउस में ताकत हमेशा पद के नाम से तय नहीं होती. कई बार राष्ट्रपति के सबसे करीब खड़ा व्यक्ति ही सबसे ज्यादा प्रभावशाली साबित होता है.




