राजस्थान की सबसे भव्य धरोहरों में शामिल है उदयपुर का सिटी पैलेस, 7 महाराणाओं की विरासत आज भी करती है हैरान


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Udaipur Travel News: उदयपुर का सिटी पैलेस मेवाड़ की शाही विरासत और राजस्थानी वास्तुकला का शानदार प्रतीक है. पिछोला झील के किनारे स्थित इस भव्य महल का निर्माण अलग-अलग समय में 7 महाराणाओं ने करवाया, जिसके कारण इसमें विभिन्न स्थापत्य शैलियों का अनूठा संगम देखने को मिलता है. विशाल आंगन, नक्काशीदार बालकनियां, शीश महल, भव्य दरबार हॉल और ऐतिहासिक संग्रहालय इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनाते हैं. हर साल लाखों पर्यटक यहां मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास, शाही जीवनशैली और अद्भुत कला-संस्कृति को करीब से देखने पहुंचते हैं.

झीलों की नगरी उदयपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है. यहां आने वाला हर पर्यटक सिटी पैलेस की भव्यता को करीब से देखने की इच्छा जरूर रखता है. पिछोला झील के किनारे अरावली की पहाड़ियों पर बना यह राजमहल मेवाड़ राजवंश की समृद्ध संस्कृति, स्थापत्य कला और शाही जीवनशैली का शानदार उदाहरण है. यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक इस महल को देखने पहुंचते हैं.

सिटी पैलेस की खास बात यह है कि इसका निर्माण किसी एक राजा ने नहीं कराया, बल्कि इसे सात अलग-अलग महाराणाओं ने समय-समय पर विस्तार देकर आज का भव्य स्वरूप दिया.इसकी नींव वर्ष 1559 में मेवाड़ के संस्थापक शासक महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने रखी थी.उदयपुर शहर की स्थापना के साथ उन्होंने इस राजमहल का निर्माण शुरू कराया.इसके बाद आने वाले महाराणाओं ने अपनी जरूरतों और समय के अनुसार इसमें नए महल, आंगन, दरबार और भवन जोड़ते गए.

इतिहासकारों के अनुसार महाराणा प्रताप, महाराणा अमर सिंह प्रथम, महाराणा करण सिंह, महाराणा जगत सिंह प्रथम, महाराणा सज्जन सिंह और महाराणा फतेह सिंह सहित कुल सात महाराणाओं ने इस महल को अलग-अलग दौर में विकसित किया. हर शासक ने अपनी पसंद और वास्तुकला के अनुरूप नए हिस्सों का निर्माण करवाया. यही कारण है कि सिटी पैलेस में राजस्थानी, मुगल और यूरोपीय स्थापत्य शैली का अनोखा संगम देखने को मिलता है.

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महल के भीतर स्थित जनाना महल शाही रानियों और राजपरिवार की महिलाओं के निवास के लिए बनाया गया था. इसकी सुंदर नक्काशी, रंगीन कांच की सजावट और आकर्षक आंगन आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. वहीं मर्दाना महल राजकीय बैठकों, दरबार और प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था. इन दोनों महलों की बनावट मेवाड़ की समृद्ध शाही संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती है.

सिटी पैलेस परिसर में स्थित फतेह प्रकाश महल भी अपनी अलग पहचान रखता है. इसका निर्माण महाराणा फतेह सिंह के समय में कराया गया था.वर्तमान में इसका एक हिस्सा विरासत होटल के रूप में संचालित होता है, जबकि दूसरे हिस्से में संग्रहालय बनाया गया है. यहां शाही हथियार, ऐतिहासिक चित्र, राजसी वस्त्र, प्राचीन फर्नीचर और दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जो मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराती हैं.

महल की ऊंची बालकनियों और झरोखों से पिछोला झील, जग मंदिर, लेक पैलेस और उदयपुर शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है.मोर चौक, शीश महल, बाड़ी महल, कृष्ण विलास और दिलखुश महल जैसे हिस्से अपनी अद्भुत कारीगरी के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र हैं. संगमरमर, ग्रेनाइट, रंगीन कांच और महीन नक्काशी से सजे ये भवन राजसी वैभव का शानदार उदाहरण पेश करते हैं.

अगर आप उदयपुर की शाही विरासत को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो सिटी पैलेस की यात्रा जरूर करें. इसकी विशालता और ऐतिहासिक महत्व ऐसा है कि पूरे महल को आराम से देखने और इसकी हर खूबसूरती को निहारने में पूरा दिन भी कम पड़ सकता है.यही कारण है कि सिटी पैलेस केवल एक राजमहल नहीं, बल्कि मेवाड़ के गौरव, इतिहास और संस्कृति का जीवंत प्रतीक माना जाता है.

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