सफेद कोट में छिपा शैतान… मैं रात भर सो नहीं पाती, बाथरूम के सीक्रेट कैमरे से सदमे में महिलाएं, ऐसे खुला राज


वॉशिंगटन/ओहायो. अमेरिका के ओहायो राज्य से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय मूल के एक डॉक्टर को महिला कर्मचारियों के वॉशरूम में गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करने के मामले में जेल की सजा सुनाई गई है. इस घटना ने चिकित्सा जगत और अस्पताल प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है.

टोलिडो (Toledo) के डॉक्टर अद्वैत देशमुख ने अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने टोलेडो हॉस्पिटल के कर्मचारी शौचालयों में महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग की थी. मामले में दोष स्वीकार करने के बाद अदालत ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई है. अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, देशमुख ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के प्रयास के एक मामले और झांकने (Voyeurism) से जुड़े सात मामलों में खुद को दोषी माना था.

सुनवाई के दौरान जज माइकल गोल्डिंग ने देशमुख को जेल की सजा के अलावा कई कड़े निर्देश भी दिए. अदालत ने उन्हें तीन साल की प्रोबेशन, 15 वर्षों तक सेक्स ऑफेंडर के रूप में पंजीकरण, नियमित सेक्सहॉलिक्स एनोनिमस (Sexaholics Anonymous) बैठकों में शामिल होने और मानसिक स्वास्थ्य व यौन अपराधी उपचार कार्यक्रम जारी रखने का आदेश दिया है.

जज ने यह भी बताया कि देशमुख ने अदालत को सूचित किया है कि वह ओहायो के ही फ्रैंकलिन काउंटी में ट्रांसफर होने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, वहां भी उन्हें अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करना होगा और सेक्स ऑफेंडर के रूप में पंजीकृत रहना पड़ेगा.

सजा सुनाए जाने के दौरान देशमुख ने पीड़ितों से माफी मांगी
सजा सुनाए जाने से पहले देशमुख ने पीड़ितों से माफी मांगी. उनके वकील ने कोर्ट से जेल की सज़ा के बजाय प्रोबेशन देने का अनुरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि देशमुख उस व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने के लिए थेरेपी ले रहे थे जिसके कारण ये अपराध हुए. देशमुख के अपराध के छह ज्ञात पीड़ित थे. उनमें से एक ने कोर्ट में बताया कि इस घटना ने उन्हें कितना गहरा सदमा पहुंचाया. टोलेडो हॉस्पिटल की कर्मचारी लिंडसे ने जज को बताया कि वह आज भी बाथरूम में छिपे हुए कैमरों की जांच करती हैं और उन्हें इस बात की चिंता सताती रहती है कि उनकी तस्वीरें कहां-कहां पहुंची होंगी.

उन्होंने कहा, “यह न जानना कि तस्वीरों का क्या किया गया, मुझे रात भर सोने नहीं देता. जैसा कि हम सभी जानते हैं, कोई भी चीज़ कभी पूरी तरह से डिलीट नहीं होती.” उन्होंने कहा कि यह उल्लंघन तब भी जारी रहा जब जांचकर्ताओं, वकीलों और मामले से जुड़े अन्य लोगों ने उन तस्वीरों को देखा, और उन्हें यह भी नहीं पता था कि और कितने लोगों ने उन तस्वीरों को देखा होगा.

वॉशरूम में एक बॉक्स के अंदर मिला सेलफ़ोन
यह मामला जून 2025 में शुरू हुआ, या कम से कम तब सामने आया. टोलेडो हॉस्पिटल के रेनेसां टॉवर में एक यूनिसेक्स रेस्टरूम में, एक बॉक्स के अंदर छिपा हुआ सेलफ़ोन हॉस्पिटल के एक कर्मचारी को मिला. अभियोजकों ने बताया कि जब एक गवाह ने उस डिवाइस को हटाने की कोशिश की, तो देशमुख ने उसे छीन लिया और दावा किया कि वह उनका है. प्रोमेडिका और टोलेडो पुलिस की संयुक्त जाँच में फ़ोन पर फरवरी और मई 2025 के बीच ली गई 82 तस्वीरें मिलीं. जांचकर्ताओं ने छह पीड़ितों की पहचान की, जिनमें से किसी ने भी रिकॉर्ड किए जाने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन उन्होंने कहा कि और भी पीड़ित हो सकते हैं.

अपराध के समय, देशमुख यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोलेडो में एंडोयूरोलॉजी और यूरोलॉजिक ऑन्कोलॉजी में स्पेशलाइज़ेशन कर रहे तीसरे वर्ष के मेडिकल रेज़िडेंट थे. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टोलेडो ने कहा कि डिवाइस मिलने के बाद उन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव लीव पर भेज दिया गया था और आंतरिक जांच के बाद उनकी रेज़िडेंसी नियुक्ति को आगे नहीं बढ़ाया गया.



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