ट्रंप के फैसले का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
ट्रंप की नई घोषणा का असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता भारत है। भारत को अक्सर दुनिया की “फार्मेसी” कहा जाता है, क्योंकि वह दुनिया भर के देशों को बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराता है। भारतीय जेनेरिक दवाएं उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, संक्रामक रोगों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती हैं।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर मूल्य की फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात किया था। यह भारत के कुल 25.8 अरब डॉलर के वैश्विक फार्मा निर्यात का 38 प्रतिशत हिस्सा था। ऐसे में अमेरिका की नई टैरिफ नीति भारतीय दवा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




