लॉन्च से 11 मिनट पहले रुका काउंटडाउन, उड़ान में टूटा संपर्क, फिर भी इतिहास रच गया Skyroot का Vikram-1


Skyroot Aerospace ने भारत का पहला निजी रॉकेट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया है. लेकिन ये मिशन जितना बाहर से आसान दिखा, अंदर बैठे इंजीनियरों के लिए उतना ही तनाव भरा था. लॉन्च से कुछ मिनट पहले तकनीकी दिक्कत आई और उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए रॉकेट से संपर्क भी टूट गया.

भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एरोस्पेस ने अपने Vikram-1 रॉकेट के साथ इतिहास रच दिया. ये भारत का पहला निजी रॉकेट बन गया, जिसने सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा (Orbit) में पहुंचकर अपने सभी ग्राहक सैटेलाइट्स को सही जगह पर छोड़ दिया.

लेकिन ये सफलता इतनी आसान नहीं थी. बाहर से देखने वालों को लॉन्च बिल्कुल सामान्य लगा, लेकिन मिशन कंट्रोल रूम में बैठे इंजीनियरों के लिए हर मिनट किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था.

कंपनी के सह-संस्थापक और CEO पवन कुमार चंदाना ने बताया कि पूरे मिशन के दौरान कई ऐसे पल आए, जब किसी को नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है.

लॉन्च से सिर्फ 11 मिनट पहले आई परेशानी

पवन कुमार चंदाना के मुताबिक, लॉन्च शुरू होने से सिर्फ 11 मिनट पहले एक सॉफ्टवेयर समस्या सामने आ गई. ऑटोमैटिक लॉन्च सिस्टम ने गड़बड़ी पकड़ ली और काउंटडाउन अपने आप रुक गया. अच्छी बात यह रही कि दिक्कत रॉकेट में नहीं थी, बल्कि लॉन्च सिस्टम के सॉफ्टवेयर में एक छोटी सी गड़बड़ी थी.

इंजीनियरों ने तुरंत काउंटडाउन रोककर उसे ठीक किया और फिर दोबारा लॉन्च प्रोसेस शुरू की. दूसरी बार सब कुछ ठीक से काम करने लगा. हालांकि, इसके बाद भी टीम पूरी तरह निश्चिंत नहीं थी. सभी को डर था कि कहीं फिर से कोई नई दिक्कत न आ जाए.

उड़ान के दौरान टूट गया संपर्क

रॉकेट के उड़ान भरने के बाद एक और बड़ी चुनौती सामने आई. जब Vikram-1 अपनी कक्षा में पहुंच रहा था, तभी कुछ समय के लिए कंपनी का रॉकेट से संपर्क टूट गया.

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विदेश में मौजूद एक ग्राउंड स्टेशन से टेलीमेट्री (रॉकेट से आने वाला डेटा) मिलना बंद हो गया. कुछ मिनटों तक इंजीनियरों को यह पता ही नहीं था कि रॉकेट सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं.

बाद में जब रॉकेट ऑस्ट्रेलिया के अगले ग्राउंड स्टेशन की रेंज में पहुंचा, तब दोबारा संपर्क स्थापित हुआ. तब जाकर टीम को पता चला कि रॉकेट ने सभी जरूरी काम सही तरीके से पूरे कर दिए हैं और सभी सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में छोड़ दिया गया है.

आखिरकार जश्न मनाने का मौका मिला

चंदाना ने कहा कि पूरा मिशन किसी सस्पेंस फिल्म जैसा था. हर स्टेज पूरा होने के बाद टीम अगले अपडेट का इंतजार कर रही थी. जब तक हर सिस्टम से सफलता की पुष्टि नहीं मिली, तब तक किसी ने राहत की सांस नहीं ली.

इस मिशन के साथ Skyroot Aerospace ने भारत के स्पेस सेक्टर में नया इतिहास बना दिया. कंपनी दुनिया की उन चुनिंदा निजी कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में रॉकेट को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा तक पहुंचा दिया. सभी सैटेलाइट्स के सही तरीके से तैनात होने की पुष्टि मिलने के बाद ही मिशन कंट्रोल में मौजूद टीम ने अपनी इस बड़ी सफलता का जश्न मनाया.



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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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