Last Updated:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई नीति से 1.5 लाख भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों पर रोजगार छिनने का खतरा पैदा हो गया है. ट्रंप ने अवैध प्रवासियों की जगह अमेरिकी पूर्व सैनिकों को सड़कों पर ट्रक चलाने का मौका देने का फैसला किया है.
ट्रंप की नीति से डेढ़ लाख भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर लटकी तलवार, इस एक कदम से छिन सकता है रोजगार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ट्रकिंग नीति से भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर तलवार लटक गई है. ट्रंप ने अवैध प्रवासी ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे ड्राइवरों की जगह अमेरिकी सैन्य पूर्व सैनिकों (Veterans) को ट्रकिंग सेक्टर में लाएगी. लिहाजा अमेरिका के इस एक कदम से 1.3 से 1.5 लाख भारतीय मूल के ड्राइवरों का रोजगार छिन सकता है.
पेनसिल्वेनिया के एक स्टेट ट्रूपर की मौत से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना में भारी वाहन चला चुके सैनिकों को अब ऑटोमैटिक कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासी अमेरिकी सड़कों पर ट्रक चला रहे हैं और उनकी जगह अब अमेरिकी पूर्व सैनिकों को मौका मिलेगा.
इस फैसले का असर भारतीय मूल, खासकर पंजाबी समुदाय पर भी पड़ सकता है. अनुमान है कि अमेरिका के ट्रकिंग उद्योग में करीब 1.3 लाख से 1.5 लाख भारतीय मूल के ड्राइवर, जिनमें अधिकांश पंजाब और हरियाणा से जुड़े पंजाबी सिख हैं, काम करते हैं.
ट्रंप प्रशासन पहले ही अंग्रेजी दक्षता की अनिवार्यता, कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) के कड़े नियम और गैर-अधिकृत ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर चुका है. इससे कई ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द होने और नौकरी जाने का खतरा बढ़ गया है.
अगर यह सख्ती जारी रही, तो इसका असर पंजाब के उन हजारों परिवारों पर भी पड़ सकता है, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका में काम कर रहे परिजनों द्वारा भेजी जाने वाली रेमिटेंस पर निर्भर है.
About the Author

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें




