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AI Job Displacement: 200 से ज्यादा दिग्गज इकोनॉमिस्ट ने चेतावनी दी है कि एआई बहुत जल्द करोड़ों नौकरियां खत्म कर सकता है. सबसे ज्यादा खतरा वाइट कॉलर जॉब्स पर है. जानिए कौन-सी नौकरियां खतरे में हैं और कब तक सावधान रहने की जरूरत है.
AI Job Displacement: एआई अगले कुछ सालों में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा
नई दिल्ली (AI Job Displacement). इन दिनों ऑफिस पहुंचते ही सबको एक ही डर सताता है- कहीं मेरी जगह कोई एआई टूल न आ जाए! यह डर सिर्फ आम कर्मचारियों का नहीं रहा. दुनिया के सबसे बड़े दिमागों ने भी इस पर मुहर लगा दी है. 15 नोबेल पुरस्कार विजेताओं, OpenAI के चीफ इकोनॉमिस्ट और गूगल के पूर्व सीईओ समेत 200 दिग्गज अर्थशास्त्रियों और वैज्ञानिकों ने सरकारों को चेतावनी दी है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करोड़ों नौकरियां निगल जाएगा.
भारी रहेंगे अगले 10 साल, बहुत तेज आएगा बदलाव
दिग्गजों ने We Must Act Now नाम से ओपन लेटर जारी किया है. इस खत में लिखा है कि अगले एक दशक (10 साल) के अंदर एआई इतना ज्यादा ताकतवर हो जाएगा कि यह पूरी ग्लोबल इकोनॉमी को हिलाकर रख देगा. पहले जब भी कोई नई तकनीक आती थी तो इंसानों को खुद को ढालने के लिए दशकों का समय मिल जाता था. लेकिन एआई इंसानी इतिहास की सबसे तेज बदलने वाली तकनीक है. यह बदलाव इतनी तेजी से होगा कि मौजूदा बेरोजगारी बीमा और सरकारी सिस्टम प्रभावित कर्मचारियों को संभाल भी नहीं पाएंगे.
कौन-कौन सी नौकरियां खा जाएगा AI?
स्टैनफोर्ड और एमआईटी (MIT) के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एआई का सबसे पहला और सीधा हमला उन कामों पर होगा जिन्हें हम ‘ऑफिस वर्क’ कहते हैं.
- डेटा एंट्री और बैक ऑफिस जॉब्स: किसी भी तरह के डेटा को मैनेज करने, फाइल करने या रिकॉर्ड रखने वाली नौकरियां सबसे पहले खत्म हो सकती हैं.
- कस्टमर सपोर्ट और कॉलिंग: चैटबॉट्स इतने एडवांस हो रहे हैं कि वे इंसानों की तरह बात कर सकते हैं.
- कंटेंट राइटिंग और बेसिक कोडिंग: शुरुआती स्तर की कोडिंग, ट्रांसलेशन और बेसिक राइटिंग का काम एआई चुटकियों में कर रहा है.
- फाइनेंशियल एनालिसिस और जूनियर वकील: कानूनी डॉक्यूमेंट्स की जांच करना और मार्केट के डेटा का एनालिसिस करना अब एआई के बाएं हाथ का खेल बन गया है.
एआई से किसे बचने की जरूरत है?
इस बदलाव की सबसे बड़ी मार ‘वाइट कॉलर वर्कर्स’ पर पड़ने वाली है. एमआईटी के इकोनॉमिस्ट डैरोन ऐसमोग्लू का कहना है कि जिस तरह कभी इंडस्ट्रियल रोबोट्स ने फैक्ट्रियों से इंसानों को बाहर कर दिया था, ठीक वैसा ही इस बार ऑफिस में बैठे प्रोफेशनल्स के साथ होने जा रहा है. अगर आप रोज एक ही ढर्रे पर चलने वाला काम करते हैं, जिसमें बहुत ज्यादा क्रिएटिविटी या इंसानी जुड़ाव की जरूरत नहीं होती तो आपको सबसे ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है.
सरकारों को दी खास सलाह
दिग्गजों ने इस खत में सरकारों को कोई रेडीमेड फॉर्मूला या नीति नहीं बताई है, बल्कि चेतावनी दी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि टेक कंपनियों को ऐसे एआई सिस्टम बनाने के लिए बढ़ावा देना चाहिए जो इंसानों को पूरी तरह ‘रिप्लेस’ करने के बजाय उनके काम को और बेहतर (ऑगमेंट) बनाने में मदद करें. अगर एआई इंसानों का मददगार बनने के बजाय उनका विकल्प बन गया तो आने वाले दिनों में बेरोजगारी का संकट बेहद गहरा हो सकता है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…और पढ़ें




