वाशिंगटन: मशहूर एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कंपनी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह ₹1800 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए अपनी आत्मा का सौदा नहीं करेगी. दरअसल पेंटागन चाहता है कि एंथ्रोपिक अपने एआई मॉडल ‘क्लाउड’ से सभी सुरक्षा घेरे यानी सेफ्टी गार्डरेल्स हटा दे. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कंपनी को शुक्रवार तक का अल्टीमेटम दिया था. उन्होंने धमकी दी थी कि अगर बात नहीं मानी गई तो कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, एंथ्रोपिक को देश की सुरक्षा के लिए खतरा (सप्लाई चेन रिस्क) भी घोषित किया जा सकता है. इसके बावजूद कंपनी के सीईओ डारियो अमोदेई अपने फैसले पर अडिग हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि हेगसेथ की धमकियां उनका स्टैंड नहीं बदल सकतीं.
पेंटागन एआई से सुरक्षा की दीवार क्यों हटाना चाहता है?
पेंटागन और एंथ्रोपिक के बीच विवाद की असली जड़ एआई के इस्तेमाल का तरीका है. रक्षा मंत्रालय चाहता है कि उसे एआई तकनीक का बेधड़क इस्तेमाल करने की पूरी आजादी मिले. इसमें सामूहिक निगरानी और स्वायत्त हथियार प्रणाली जैसे खतरनाक काम भी शामिल हो सकते हैं.
दूसरी तरफ, एंथ्रोपिक का कहना है कि वह अपने एआई को लोगों की जान लेने वाले हथियारों में इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा. कंपनी का मानना है कि बिना इंसानी कंट्रोल के एआई को मारक हथियार बनाना मानवता के लिए बड़ा जोखिम है.
क्या पीट हेगसेथ की धमकी एंथ्रोपिक को बर्बाद कर देगी?
- रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई चेन रिस्क’ कैटेगरी में डालने की चेतावनी दी है. यह टैग आमतौर पर दुश्मन देशों की कंपनियों के लिए इस्तेमाल होता है.
- अगर ऐसा हुआ तो अमेरिकी सेना के साथ काम करने वाला कोई भी दूसरा वेंडर एंथ्रोपिक के प्रोडक्ट्स इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. यह कंपनी के लिए बहुत बड़ा फाइनेंशियल झटका होगा.
इसके बावजूद डारियो अमोदेई ने कहा कि आज की तकनीक इतनी भरोसेमंद नहीं है कि उसे बिना सुरक्षा के खुला छोड़ दिया जाए. उन्होंने साफ किया कि डोमेस्टिक सर्विलांस के लिए एआई का इस्तेमाल उनकी नैतिकता के खिलाफ है.
एंथ्रोपिक ने पेंटागन को दिखाया ठेंगा. (Photo : Reuters)
हथियारों की रेस में एआई की एंट्री कितनी खतरनाक है?
हाल के महीनों में अमेरिकी सेना ने कई ऑपरेशन्स में एआई का इस्तेमाल किया है. वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने में भी एआई की मदद ली गई थी. अब पेंटागन ऐसे ड्रोन और सिस्टम चाहता है जो इंसान से संपर्क टूटने के बाद भी खुद फैसला लेकर हमला कर सकें. एंथ्रोपिक इसी ‘किलर रोबोट’ वाली थ्योरी का विरोध कर रही है.
एलन मस्क की कंपनी xAI पहले ही क्लासिफाइड सिस्टम के लिए पेंटागन से हाथ मिला चुकी है. ऐसे में एंथ्रोपिक का यह विरोध पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा टेस्ट बन गया है.
क्या एआई कंपनियां सरकार के दबाव में झुक जाएंगी?
डारियो अमोदेई हमेशा से एआई रेगुलेशन और सुरक्षा के पैरोकार रहे हैं. वहीं पीट हेगसेथ सेना से ‘वोकनेस’ खत्म करने और एग्रेसिव मिलिट्री पॉलिसी के समर्थक हैं. इन दोनों की विचारधाराओं की टक्कर अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है. एंथ्रोपिक ने उम्मीद जताई है कि रक्षा मंत्रालय अपने फैसले पर दोबारा विचार करेगा.
कंपनी ने कहा कि वे देश की सुरक्षा में मदद करना चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों और सुरक्षा मानकों के साथ. अब देखना यह है कि क्या पेंटागन अपनी धमकी को हकीकत में बदलता है या एआई सुरक्षा पर कोई समझौता होता है.





