अमेरिका वापस लौट आया है, मेरी ताकत से झुका ईरान; डोनाल्ड ट्रंप ने किया जीत का दावा, ओबामा-बाइडेन पर बोला हमला


होमदुनियाअमेरिका

अमेरिका वापस लौट आया है, मेरी ताकत से झुका ईरान; ट्रंप का ओबामा-बाइडेन पर हमला

Last Updated:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह गुस्सा अचानक नहीं फूटा है. 19 जून की रात को एनबीसी न्यूज पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का एक विशेष इंटरव्यू प्रसारित किया गया था. इस इंटरव्यू में ओबामा ने ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में ईरान के साथ किए गए शांति समझौते की कड़ी आलोचना की थी, जिससे ट्रंप भड़क गए.

Zoom

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बराक ओबामा पर हमला बोला. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी पीठ थपथपाई है और बराक ओबामा समेत पूर्व राष्ट्रपतियों पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ईरान पर जीत का दावा दोहराया और अमेरिका के हालात को पहले से अब बेहतर बताया. ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रुथ सोशल पर लिखा, “कट्टर वामपंथी और डेमोक्रेट्स अब देख सकते हैं कि ईरान के खिलाफ हमने युद्ध में कितनी बड़ी सफलता हासिल की है. ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह पराजित हो चुका है.”

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर नकद दिए, लेकिन अमेरिकी सेना का इस्तेमाल उस तरह नहीं किया, जैसे ईरान के खिलाफ करना चाहिए था. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को ‘स्लीपी’ बताया. उन्होंने कहा, “ईरान उन्हें एक कमजोर नेता मानता था और इस मामले में वो सौ फीसदी सही हैं.” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान 47 वर्षों तक जवाबदेही से बचता रहा, लेकिन उनके सत्ता में आने के बाद हालात बदल गए. बयान के अंत में उन्होंने कहा- ‘अमेरिका वापस लौट आया है.

दरअसल, शुक्रवार रात को एनबीसी न्यूज में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया. इसमें उन्होंने ट्रंप के हालिया शांति समझौते को पिछले जेपीसीओए समझौते से बदतर करार दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दूसरी पोस्ट में इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर हमला बोला. एक बार फिर उन्होंने जी7 में मेलोनी के उस आग्रह का जिक्र किया जिसमें उन्होंने ट्रंप से कहा था कि वो एक तस्वीर खिंचवाना चाहती हैं.

ट्रंप ने कहा कि इटली में मेलोनी की लोकप्रियता घट रही है. इसकी एक वजह यह है कि उन्होंने ईरान जंग के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं दिया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका हर साल इटली और नाटो सहयोगियों की मदद के लिए सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है लेकिन मेलोनी ने अमेरिका को इटली के हवाई अड्डों और रनवे के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका ने ईरान को हरा दिया है तो अब मेलोनी मशहूर होने के लिए अमेरिका के साथ करीबी दिखाना चाहती हैं.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img