सेना ने स्वीकार किया कि कुछ नागरिक भी आतंकियों की तलाश में शामिल हुए थे, हालांकि उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। हमले के बाद जांच के लिए एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि नाइजर, बुर्किना फासो और माली तीनों देशों में सैन्य शासन है और ये लंबे समय से इस्लामिक आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। नाइजर का यह एयरपोर्ट नागरिक उड़ानों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके कारण यह आतंकियों के निशाने पर रहता है।
इससे पहले जनवरी में भी इसी एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। उस हमले में चार सैनिकों की मौत हुई थी, जबकि 20 हमलावर मारे गए थे। उस समय नाइजर के राष्ट्रपति अब्दुरहमान तियानी ने हमले के लिए फ्रांस और बेनिन पर आरोप लगाए थे तथा हमले को विफल करने में सहयोग के लिए रूस का आभार व्यक्त किया था।




