दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी आज भी गरीबी से जूझ रही है. इसके बाद एक बड़ा वर्ग आता है, जिसे हम और आप मिडिल क्लास कहते हैं. हर देश में गिने-चुने लोग ही मिलियनेयर या बिलियनेयर की लिस्ट में शामिल हो पाते हैं. लेकिन इस पूरी प्लैनेट पर सिर्फ और सिर्फ एक ही ऐसा इंसान है, जिसने अमीरी के सारे रिकॉर्ड तोड़कर खुद को खरबपति बना लिया है. ये कोई और नहीं, बल्कि पूर्व ट्विटर और मौजूदा एक्स (X) के मालिक एलन मस्क हैं. मस्क ने कमाई के मामले में ऐसा गजब कर रखा है, जिसकी गिनती करने बैठेंगे तो अच्छे-अच्छों का दिमाग घूम जाएगा. सोशल मीडिया पर वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स नाम के एक वेरिफाइड अकाउंट ने ट्वीट किया कि मस्क को क्वाड्रिलिनियर बनने के लिए अभी 999 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत है. इस पर मस्क ने तुरंत रिप्लाई करते हुए लिखा कि यह बिल्कुल मुमकिन है. मस्क ने इसके लिए अपना विजन साफ किया कि बस उन्हें चांद और मंगल ग्रह पर अपनी फैक्ट्रियां लगानी होंगी. मस्क के मुताबिक, उस भविष्य में डॉलर जैसी कागजी करेंसी काम नहीं आएगी. उस दौर में करेंसी की जगह सीधे मार्स (Mars) और एनर्जी यानी ऊर्जा ले लेगी.
कितना बड़ा होता है 1 क्वाड्रिलियन डॉलर का आंकड़ा?
अब सबसे बड़ा और हैरान करने वाला सवाल यह है कि आखिर 1 क्वाड्रिलियन डॉलर में कितने जीरो होते हैं. गणित के हिसाब से समझें तो 1 के बाद 15 जीरो लगाने पर एक क्वाड्रिलियन बनता है. इसे संख्या में 1,000,000,000,000,000 डॉलर लिखा जाता है. यह आंकड़ा इतना विशाल है कि इंसानी दिमाग इसे एक बार में प्रोसेस भी नहीं कर सकता.
अगर कोई व्यक्ति हर रोज 10 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए, तो भी उसे 1 क्वाड्रिलियन डॉलर खत्म करने में पूरे 2700 साल का लंबा समय लग जाएगा. मस्क की मौजूदा रफ्तार को देखकर ग्लोबल मार्केट के एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि उनके लिए इस दुनिया में और इस ब्रह्मांड में कुछ भी असंभव नहीं है.
स्पेसएक्स के आईपीओ ने वेल्डिंग करने वाले को कैसे बनाया करोड़पति?
एलन मस्क की स्पेस एक्सप्लोरेशन कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का आईपीओ बीती 12 जून को अमेरिकी बाजार में लॉन्च हुआ था. इस आईपीओ ने आते ही वो तबाही मचाई कि सिर्फ 5 दिनों के भीतर कंपनी के शेयर प्राइस में 63 परसेंट का भारी-भरकम उछाल आ गया. कंपनी का शेयर 135 डॉलर से सीधे रॉकेट की तरह उड़कर 220 डॉलर पर पहुंच गया. इसने न सिर्फ मस्क की नेटवर्थ को आसमान पर पहुंचाया, बल्कि उनके वफादार कर्मचारियों की किस्मत भी पूरी तरह बदल दी.
इस शेयर ब्लास्ट की वजह से स्पेसएक्स के करीब 4400 मौजूदा और पूर्व कर्मचारी रातों-रात करोड़पति की लिस्ट में शामिल हो गए. कंपनी के करीब 400 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके पास मौजूद शेयर्स की वैल्यू 100 मिलियन डॉलर यानी 1000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुकी है. इसमें सबसे हैरान करने वाली कहानी जुआन हर्नांडेज़ नाम के एक साधारण वेल्डर की है. जुआन ने साल 2015 में स्पेसएक्स में एक वेल्डर के तौर पर अपना काम शुरू किया था.
1 ट्रिलियन डॉलर की दौलत से क्या-क्या खरीद सकते हैं मस्क?
एलन मस्क की कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर यानी भारतीय करेंसी के हिसाब से लगभग 95 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है. इस संख्या को लिखने के लिए 95 के बाद 12 जीरो लगाने पड़ते हैं. अगर मस्क अपनी इस पूरी संपत्ति का इस्तेमाल दुनिया की सबसे महंगी चीजें खरीदने में करें, तो वे क्या-क्या कर सकते हैं, यह आंकड़े आपको चौंका देंगे:
7150 टन सोना: मस्क इस पैसे से इतना सोना खरीद सकते हैं, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के टोटल गोल्ड रिजर्व के बिल्कुल बराबर है.
2 करोड़ नई कारें: वे एक साथ दुनिया की चमचमाती 2 करोड़ नई कारें खरीदकर खड़ी कर सकते हैं.
25 लाख आलीशान विला: अमेरिका के सबसे महंगे इलाकों में मस्क 25 लाख आलीशान और लग्जरी घर खरीद सकते हैं.
पूरे शहर की प्रॉपर्टी: मस्क अमेरिका के किसी भी बड़े शहर की एक-एक इंच जमीन और मकान को अकेले खरीद सकते हैं.
10 हजार गल्फस्ट्रीम प्राइवेट जेट: दुनिया का सबसे महंगा और आलीशान माना जाने वाला गल्फस्ट्रीम प्राइवेट जेट मस्क एक-दो नहीं, बल्कि 10 हजार की संख्या में खरीद सकते हैं.
नासा को 40 साल तक फंडिंग: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) का जितना सालाना बजट है, मस्क अकेले दम पर नासा को अगले 40 सालों तक बिना किसी सरकारी मदद के चला सकते हैं.
600 बुर्ज खलीफा: दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा जैसी भव्य बिल्डिंग को मस्क 600 बार कैश पेमेंट देकर खरीद सकते हैं.
सभी स्पोर्ट्स टीमें: अमेरिका की सभी फुटबॉल और बास्केटबॉल टीमों को खरीदने के बाद भी मस्क की जेब में 500 अरब डॉलर नगद बच जाएंगे.
देशों से भी अमीर: मस्क की अकेले की नेटवर्थ स्विट्जरलैंड, ताइवान और सिंगापुर जैसे अमीर देशों की कुल संपत्ति से ज्यादा है. पूरी दुनिया में सिर्फ 20 देश ही ऐसे बचे हैं, जिनकी जीडीपी 1 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर है.
एलन मस्क. (File Photo : Reuters)
चॉकलेट बेचने वाले लड़के से दुनिया का सबसे बड़ा डॉन बनने का सफर कैसा रहा?
आज भले ही पूरी दुनिया एलन मस्क की अकूत दौलत के कसीदे पढ़ रही है, लेकिन वे हमेशा से ऐसे नहीं थे. मस्क का जन्म साउथ अफ्रीका के एक बेहद सामान्य परिवार में हुआ था. उनका बचपन भारी आर्थिक तंगहाली में बीता. मस्क अपने शुरुआती दिनों में जेब खर्च निकालने के लिए घर-घर जाकर हाथ से बनी चॉकलेट बेचा करते थे. लेकिन उनके भीतर बचपन से ही कोडिंग और कंप्यूटर का गजब का टैलेंट मौजूद था. उन्होंने महज 12 साल की उम्र में खुद से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखकर ‘ब्लास्टर’ नाम का एक वीडियो गेम बना डाला था. इस गेम को एक मैगजीन को बेचकर उन्होंने अपनी जिंदगी की पहली कमाई के रूप में 500 डॉलर हासिल किए थे.
साउथ अफ्रीका से निकलकर मस्क किसी तरह कनाडा पहुंचे. इसके बाद वे स्टूडेंट वीजा का जुगाड़ करके पढ़ाई के लिए अमेरिका आ गए. अमेरिका की सिलिकॉन वैली में उन्होंने कई छोटी-मोटी इंटर्नशिप की. इसके बाद वे एच-1-बी वीजा पर अमेरिका में बकायदा नौकरी करने लगे. मस्क की लाइफ में असली टर्निंग पॉइंट साल 1995 में आया, जब उन्होंने 24 साल की उम्र में अपने भाई के साथ मिलकर ‘Zip2’ नाम की एक सॉफ्टवेयर कंपनी खड़ी की. यह कंपनी अखबारों के लिए ऑनलाइन सिटी गाइड और डिजिटल मैप तैयार करती थी.
साल 1999 में कॉम्पैक कंप्यूटर्स ने मस्क की इस कंपनी को 341 मिलियन डॉलर में खरीद लिया. इस पहली बड़ी बिजनेस डील ने मस्क को महज 28 साल की उम्र में मिलियनियर बना दिया था. मस्क यहीं पर नहीं रुके. उन्होंने तुरंत इस पैसे का इस्तेमाल करके 1999 में ही ‘X.com’ नाम से एक ऑनलाइन बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी की शुरुआत की. यही कंपनी आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी पेमेंट गेटवे ‘PayPal’ बनी. साल 2002 में ई-बे (eBay) ने पेपैल को 1.5 बिलियन डॉलर में एक्वायर कर लिया. इस ऐतिहासिक डील के बाद मस्क के नाम के आगे हमेशा के लिए बिलियनियर का टैग लग गया. इस पूरी कमाई को मस्क ने किसी सुरक्षित जगह पर रखने के बजाय भारी जोखिम उठाते हुए स्पेसएक्स और टेस्ला जैसी पूरी तरह से नई और अनिश्चित कंपनियों में झोंक दिया.
पेपैल से निकाले जाने और दिवालिया होने के दौर में मस्क ने क्या खोया?
एलन मस्क की सफलता की कहानी जितनी सुनहरी दिखती है, उनकी असफलताओं और संघर्षों का अंधेरा भी उतना ही डरावना रहा है. साल 2000-2001 में जब पेपैल कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही थी, तब उनके सह-संस्थापकों और मैनेजमेंट के साथ मस्क का गंभीर विवाद हो गया. मस्क को उनके खराब मैनेजमेंट स्टाइल का हवाला देकर सीईओ (CEO) के पद से बेइज्जत करके हटा दिया गया. यह उनके करियर का सबसे पहला और गहरा मानसिक झटका था.
इसके बाद साल 2002 से लेकर 2008 तक का समय मस्क की जिंदगी का सबसे काला दौर साबित हुआ. उनकी नई कंपनी स्पेसएक्स के पहले तीन रॉकेट लॉन्च एक के बाद एक पूरी तरह आसमान में ही ब्लास्ट हो गए. मस्क का करोड़ों डॉलर का निवेश धुएं में तब्दील हो चुका था. दूसरी तरफ उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भी शुरुआती दिनों में भयंकर प्रोडक्शन और फंडिंग की समस्याओं से घिर गई थी.
एलन मस्क. (File Photo : Reuters)
साल 2008 के ग्लोबल आर्थिक मंदी के दौरान मस्क की दोनों कंपनियां पूरी तरह दिवालिया होने की कगार पर खड़ी थीं. मस्क के पास बैंक खाते में केवल आखिरी के 40 मिलियन डॉलर बचे थे. अगर वे चाहते तो इस पैसे से पूरी जिंदगी आराम से गुजार सकते थे. लेकिन उन्होंने एक बार फिर अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा जुआ खेला. उन्होंने वो पूरे 40 मिलियन डॉलर अपनी दोनों कंपनियों को बचाने में लगा दिए, जिसमें से 20 मिलियन डॉलर केवल टेस्ला का वजूद बचाने के लिए थे. उस खौफनाक दौर में मस्क डिप्रेशन में चले गए थे और वे हफ्ते में 100-100 घंटे से ज्यादा खुद फैक्ट्रियों के फर्श पर सोकर काम करते थे.
मस्क की पर्सनल लाइफ भी कभी आसान नहीं रही. साल 2010 से 2020 के बीच उनके कई तलाक हुए, बच्चों की कस्टडी को लेकर कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़े और उनके निजी रिश्ते लगातार टूटते रहे. साल 2022 में मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा. इसके तुरंत बाद कंपनी भयंकर घाटे में चली गई, बड़े एडवर्टाइजर्स ने प्लेटफॉर्म छोड़ दिया और मस्क को बड़े पैमाने पर एम्प्लॉइज की छंटनी करनी पड़ी. टेस्ला में वे बार-बार अपनी कारों की डिलीवरी डेडलाइन मिस करते रहे, जबकि स्पेसएक्स के स्टारशिप प्रोजेक्ट के कई बड़े रॉकेट टेस्ट आज भी लाइव टीवी पर फेल होकर फट जाते हैं. लेकिन मस्क की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वे हर बड़े ब्लास्ट के बाद मुस्कुराते हुए अगली सुबह फिर से काम पर लग जाते हैं.
आम भारतीय को मस्क जितनी दौलत कमाने में क्यों लगेंगे 3 करोड़ साल?
अब बात करते हैं उस कड़वे सच की, जो एक आम इंसान और एलन मस्क के बीच के फासले को बयां करता है. मस्क की 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ के सामने दुनिया का हर अमीर पानी भरता नजर आता है. अगर एक आम भारतीय नागरिक मस्क जितनी दौलत कमाने का सपना देखता है, तो उसका गणित कुछ इस प्रकार होगा:
- अगर आपकी सालाना सैलरी 30 लाख रुपये है, जो कि भारत के लिहाज से एक बहुत ही बेहतरीन पैकेज माना जाता है. मान लीजिए कि आप अपनी इस पूरी सैलरी में से एक भी रुपया खर्च नहीं करते, कोई टैक्स नहीं चुकाते और पूरे के पूरे 30 लाख रुपये हर साल बचा लेते हैं. इस रफ्तार से आपको एलन मस्क के 1 ट्रिलियन डॉलर के बराबर पहुंचने में पूरे 2.9 करोड़ साल (लगभग 3 करोड़ साल) का समय लगेगा.
- अगर आप भारत के किसी बड़े शहर के टॉप बिजनेसमैन हैं और आप हर साल पूरे 10 करोड़ रुपये की शुद्ध सेविंग करते हैं. तब भी आपको मस्क की मौजूदा वेल्थ के बराबर आने में 86 हजार साल का समय लग जाएगा.
- कमाने की बात तो पूरी तरह असंभव है ही, लेकिन अगर मस्क की इस दौलत को खर्च करने का प्लान बनाया जाए, तो भी इंसान थक जाएगा. अगर आप हर एक मिनट में 1 मिलियन डॉलर यानी करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये की नकदी हवा में उड़ाना शुरू कर दें, तो मस्क की मौजूदा 1 ट्रिलियन डॉलर की तिजोरी को पूरी तरह खाली करने में आपको 100 साल से भी ज्यादा का वक्त लगेगा.
एलन मस्क. (File Photo : Reuters)
मस्क की 6 जादुई कंपनियां, जो हर सेकंड उगल रही हैं अरबों रुपये
एलन मस्क कोई मंथली सैलरी या फिक्स बोनस नहीं लेते हैं. उनकी पूरी कमाई उनकी इन 6 एडवांस टेक कंपनियों के शेयर्स की वैल्यू बढ़ने से होती है:
| कंपनी का नाम | कंपनी का मुख्य काम | टोटल मार्केट वैल्यूएशन | मस्क की हिस्सेदारी |
|---|---|---|---|
| Tesla | इलेक्ट्रिक और ड्राइवरलेस कारें, ह्यूमनॉयड रोबोट्स | $1.47 ट्रिलियन | लगभग 17% |
| SpaceX | रॉकेट, स्पेस ट्रैवल और स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट | $2.2 ट्रिलियन | लगभग 42% |
| X (Twitter) | ग्लोबल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म | $45 बिलियन | लगभग 74% |
| xAI | एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटबॉट | $97 बिलियन | लगभग 58% |
| Neuralink | ब्रेन-मशीन इंटरफेस और चिप इंप्लांट तकनीक | $9 बिलियन | लगभग 50%+ |
| The Boring Company | अंडरग्राउंड टनल और हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर | $5.7 बिलियन | 100% (अकेले मालिक) |
जैसे-जैसे दुनिया भर के शेयर मार्केट में इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ती है, वैसे-वैसे मस्क की नेटवर्थ भी रॉकेट की रफ्तार से ऊपर चली जाती है.
क्या एलन मस्क की ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति सिर्फ एक कागजी धोखा है?
इतनी भारी-भरकम संपत्ति सुनने के बाद हर किसी के मन में यही आता होगा कि मस्क के पास कोई बहुत बड़ा प्राइवेट बैंक लॉकर होगा, जिसमें नोटों की गड्डियां और सोने के सिक्के ठंस-ठंस कर भरे होंगे. लेकिन कॉर्पोरेट जगत की कड़वी असलियत बिल्कुल अलग है. मस्क की यह पूरी दौलत असल में ‘पेपर वेल्थ’ यानी कागजी संपत्ति है.
इसका सीधा सा मतलब यह है कि मस्क की नेटवर्थ का 95 परसेंट से ज्यादा हिस्सा उनकी कंपनियों के शेयर्स के रूप में लॉक है. शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव के हिसाब से ये शेयर्स हर सेकंड ऊपर-नीचे होते रहते हैं. यह वो कैश पैसा बिल्कुल नहीं है, जिसे मस्क जब चाहें अपने एटीएम (ATM) से निकालकर शॉपिंग करने चले जाएं.
अगर कल को अमेरिकी शेयर बाजार में टेस्ला या स्पेसएक्स के शेयर क्रैश हो जाते हैं, तो मस्क की यह ट्रिलियन डॉलर वाली अमीरी भी कागजों पर चंद मिनटों में आधी रह जाएगी. मस्क अपनी इस पूरी वेल्थ को कभी भी एक साथ बेचकर कैश में कन्वर्ट नहीं कर सकते. अगर वे ऐसा करने की कोशिश भी करेंगे, तो मार्केट में पैनिक फैल जाएगा और उनकी कंपनियों के शेयर कौड़ियों के दाम पर आ जाएंगे. इसलिए नेट वर्थ और रियल कैश के बीच हमेशा जमीन-आसमान का अंतर होता है.
एलन मस्क. (File Photo : Reuters)
47 लाख के फोल्डेबल घर में क्यों रहता है दुनिया का सबसे बड़ा खरबपति?
यह कुल मिलाकर सिर्फ 400 स्क्वायर फीट का एरिया है, जो हमारे देश के एक सामान्य 1BHK फ्लैट से भी छोटा होता है. इस घर को ‘फोल्डेबल हाउस’ कहा जाता है. यह एक प्रीफैब्रिकेटेड रेडीमेड घर है, जो फैक्ट्री के भीतर तैयार होता है और इसे गाड़ी पर लादकर किसी भी जमीन पर सीधे फिट कर दिया जाता है. इस छोटे से बॉक्स के अंदर ही मस्क का लिविंग एरिया, एक छोटा सा बेडरूम, एक छोटा किचन और एक बाथरूम बना हुआ है. मस्क ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि इस $50,000 (47 लाख रुपये) के घर को भी उन्होंने अपनी ही कंपनी स्पेसएक्स से किराए पर लिया हुआ है.
मस्क की मां मेये मस्क ने खुद एक्स (X) पर एक बेहद मजेदार वाकया शेयर किया था. उन्होंने बताया था कि जब वे एक बार अपने बेटे से मिलने उसके इस स्टारबेस वाले घर पर गईं, तो वहां के हालात देखकर हैरान रह गईं. घर के फ्रिज के अंदर खाने-पीने का कोई सामान नहीं था. वॉशरूम के भीतर केवल एक सिंगल तौलिया टंगा हुआ था. दुनिया के सबसे अमीर इंसान की मां को उस रात किसी लग्जरी बेड पर नहीं, बल्कि मस्क के गैराज के फर्श पर गद्दा बिछाकर सोना पड़ा था. मस्क भले ही घरों पर पैसा बर्बाद नहीं करते, लेकिन उन्हें पुरानी और ऐतिहासिक कारों को कलेक्ट करने का एक जबरदस्त शौक है. उनके पास 1908 में बनी ऐतिहासिक फोर्ड टी-मॉडल कार मौजूद है. इसके अलावा जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में इस्तेमाल होने वाली वो मशहूर कार भी मस्क ने करोड़ों की नीलामी में खरीदी है, जो पानी के अंदर जाते ही सबमरीन यानी पनडुब्बी में तब्दील हो जाती है.
क्या एआई के खौफनाक दौर में पूरी तरह रद्दी और बेकार हो जाएगा पैसा?
दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन चुके मस्क इन दिनों अपनी एक बेहद डरावनी और चौंकाने वाली भविष्यवाणी को लेकर ग्लोबल मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं. मस्क का साफ मानना है कि आने वाले कुछ ही सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उनके द्वारा बनाए जा रहे ह्यूमनॉयड रोबोट्स इस पूरी दुनिया का नक्शा और इंसानी लाइफस्टाइल को पूरी तरह से बदलकर रख देंगे.
मस्क के मुताबिक, भविष्य में एआई और रोबोट्स इंसानों के हर छोटे-बड़े काम को पूरी तरह टेकओवर कर लेंगे. इसके बाद इस दुनिया से ‘पैसा’ नाम की चीज पूरी तरह से रद्दी और बेकार हो जाएगी. मस्क ने इसके पीछे का लॉजिक समझाते हुए कहा कि जब रोबोट्स बिना थके, बिना सैलरी लिए 24 घंटे काम करेंगे, तो वे इतनी भारी मात्रा में गुड्स और सर्विसेज का प्रोडक्शन करेंगे कि दुनिया में किसी भी चीज की कोई कमी या किल्लत ही नहीं बचेगी. जब अनाज, कपड़े, दवाइयां, गाड़ियां और घर सब कुछ बिना किसी लिमिट के हर किसी के लिए मुफ्त या बेहद सस्ते में उपलब्ध होगा, तो समाज में पैसे की वैल्यू अपने आप खत्म हो जाएगी. इंसानी काम करने की एक शारीरिक सीमा होती है, लेकिन मशीनों की कोडिंग की कोई सीमा नहीं होती. जब रोबोट्स इंसानों से हजार गुना बेहतर और तेज काम करेंगे, तो इंसानों के पास करने के लिए कोई भी ट्रेडिशनल जॉब नहीं बचेगी.
एलन मस्क. (File Photo : Reuters)
बिना हाथ-पैर हिलाए हर सेकंड कितनी कमाई कर रहे हैं मस्क?
मस्क की नेटवर्थ और उनकी कंपनियों का मार्केट कैप इतना बड़ा हो चुका है कि वे रात को जब चैन की नींद सो रहे होते हैं, तब भी उनके बैंक खातों में पैसों की ऐसी बाढ़ आती है जिसे संभालना नामुमकिन है. मस्क केवल अपनी कंपनियों के मार्केट इंटरेस्ट और शेयर डिविडेंड के दम पर बिना कुछ किए हर सेकंड करोड़ों रुपये की शुद्ध कमाई कर रहे हैं.
अगर मस्क की इस लाइव ऑटोमैटिक अर्निंग का लाइव मीटर देखा जाए, तो आंकड़े पूरी दुनिया को हैरान करने के लिए काफी हैं:
- हर सेकंड की कमाई: $1622 (भारतीय करेंसी में करीब 1.5 लाख रुपये हर सेकंड)
- हर मिनट की कमाई: $97,320 (भारतीय करेंसी में करीब 92 लाख रुपये हर मिनट)
- पिछले 5 मिनट की कमाई: $4,86,600 (भारतीय करेंसी में करीब 4 करोड़ 60 लाख रुपये)
इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि जितने समय में आपने मस्क के खरबपति बनने और उनके इस पूरे बिजनेस एम्पायर की इस रिपोर्ट को पूरा पढ़ा है, उतनी ही देर के भीतर एलन मस्क की नेटवर्थ में बिना किसी मेहनत के, बिना कोई काम किए चुपचाप 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो चुका है. मस्क की दौलत का यह पहिया अब एक ऐसे चक्रव्यूह में बदल चुका है, जिसे रोकना अब इस दुनिया के किसी भी शेयर मार्केट या किसी भी सरकार के बस की बात नहीं रही.




