France G7 Summit: फ्रांस के इवियन-ले-बैंस में चल रहे जी7 समिट के दौरान मंगलवार को एक मजेदार वाकया सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस वीडियो में ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति की अमीरी का मजाक उड़ाते नजर आ रहे हैं. मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जब एक जर्नलिस्ट ने ट्रंप से सवाल पूछना शुरू किया तब ट्रंप ने उस जर्नलिस्ट के लुक की जमकर तारीफ की. ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब आप इतने अमीर होते हैं तो इतनी धीमी आवाज में बात कर सकते हैं. ट्रंप की इस बात पर वहां मौजूद सभी अधिकारी और जर्नलिस्ट जोर से हंस पड़े.
ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति के सामने क्या मजाक किया?
जी7 समिट के साइडलाइंस पर जब प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी तब यह मजेदार घटना घटी. एक जर्नलिस्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गंभीर सवाल पूछने का प्रयास किया. ट्रंप ने सवाल का जवाब देने के बजाय उस व्यक्ति के गुड लुक्स की तारीफ शुरू कर दी. ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह कितना अच्छा दिखने वाला व्यक्ति है. ट्रंप ने तुरंत यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से पूछा कि क्या यह आपके देश से है. इस पर मोहम्मद बिन जायद ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि हां यह बिल्कुल हमारे देश से ही है. ट्रंप यहीं पर नहीं रुके और उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि इसका अंदाज बहुत ही ज्यादा अच्छा और संभला हुआ है. इसके बाद ट्रंप ने अपने ही देश के लोगों पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘मेरे लोग बहुत मतलबी हैं.’ ट्रंप का इशारा सीधे तौर पर अमेरिकी मीडिया के उन धड़ों की तरफ था जो अक्सर उनकी आलोचना करते रहते हैं.
ट्रंप के कमेंट पर यूएई के राष्ट्रपति ने क्या सलाह दी?
ट्रंप के इस मजाकिया अंदाज को देखकर वहां मौजूद सभी लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए. जब ट्रंप अमेरिकी मीडिया को मतलबी कह रहे थे तब यूएई के राष्ट्रपति ने उन्हें एक हल्की सी चेतावनी दी. मोहम्मद बिन जायद ने बहुत ही दोस्ताना अंदाज में हंसते हुए कहा, ‘थोड़ा सावधान रहिए.’ इसके बाद ट्रंप ने उस जर्नलिस्ट की तारीफ में एक और मजेदार बात जोड़ दी. उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति ऐसा दिखता है जैसे इसे किसी हॉलीवुड फिल्म में होना चाहिए. ट्रंप की इस बात पर वहां उपस्थित सभी अधिकारी और मीडिया कर्मी जोर-जोर से हंसने लगे. सोशल मीडिया पर यह वीडियो क्लिप बहुत तेजी से वायरल हो रही है. लोग इस वीडियो को शेयर करके दोनों नेताओं के बीच की पर्सनल केमिस्ट्री की तारीफ कर रहे हैं. डिप्लोमैटिक बैठकों में आमतौर पर बहुत गंभीरता देखी जाती है लेकिन इस वाकये ने माहौल को पूरी तरह से हल्का और खुशनुमा बना दिया.
दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर क्या बातचीत हुई?
इस हंसी-मजाक के बीच दोनों वैश्विक नेताओं ने बेहद गंभीर और रणनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत पूरी की. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अमेरिका द्वारा उनके देश को मिलने वाले लगातार सपोर्ट के लिए आभार जताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूएई और अमेरिका के संबंध आपसी सहयोग का एक बेहतरीन मॉडल पेश करते हैं. यह रणनीतिक पार्टनरशिप पूरे मिडिल ईस्ट रीजन में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अबू धाबी और वाशिंगटन के रिश्तों की खुलकर सराहना की. ट्रंप ने दोनों देशों के संबंधों के बारे में कहा, ‘यह पूरी तरह से फैंटास्टिक है.’ उन्होंने यूएई को अमेरिका का एक बेहद महान और भरोसेमंद सहयोगी बताया. ट्रंप ने कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर दोनों देशों के बीच लगातार को-ऑर्डिनेशन और सहयोग बना रहना चाहिए.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप ने क्या बड़ा दावा किया?
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया एग्रीमेंट पर भी विस्तार से चर्चा की गई. ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अगले शुक्रवार तक पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी तरह की कोई फीस नहीं ली जाएगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनकी एडमिनिस्ट्रेशन आने वाले कुछ दिनों में ऑफिशियल चैनलों के जरिए तेहरान के साथ हुए इस समझौते की पूरी डिटेल्स दुनिया के सामने रखेगी. ट्रंप ने आगे बताया कि अगर सभी पक्ष इस एग्रीमेंट की शर्तों का पूरी तरह पालन करते हैं तो इसके दूसरे फेज को बहुत तेजी से लागू किया जा सकता है. यह घोषणा वैश्विक तेल बाजार और व्यापार के लिए बहुत बड़ी खबर मानी जा रही है.
ईरान के साथ हुए नए एग्रीमेंट पर कांग्रेस का क्या रुख है?
ट्रंप ने मीडिया को बताया कि ईरान के साथ हुए इस नए समझौते को रिव्यू के लिए अमेरिकी कांग्रेस के सामने भेजा जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी न्यूक्लियर वेपन हासिल न कर सके. बातचीत के दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा साल 2015 में किए गए न्यूक्लियर एग्रीमेंट की एक बार फिर कड़ी आलोचना की.
ट्रंप का मानना है कि ओबामा के समय हुआ वह समझौता पूरी तरह से फ्लॉप था क्योंकि उसने ईरान को मिलिट्री न्यूक्लियर क्षमता विकसित करने का एक आसान रास्ता दे दिया था. ट्रंप ने दावा किया कि उनका नया समझौता ईरान के परमाणु मंसूबों को पूरी तरह से रोकने पर फोकस्ड है.




