जून 2026 के पहले 15 दिन दुनिया की कई वायु सेनाओं के लिए बेहद चिंताजनक रहा. मात्र 15 दिनों के भीतर अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के कम से कम 11 विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं का शिकार हुए. इनमें प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान हुए हादसे, तकनीकी खराबी, आपातकालीन लैंडिंग के प्रयास और ऑपरेशनल मिशनों के दौरान हुई दुर्घटनाएं शामिल हैं. इन घटनाओं में पाकिस्तान, रूस, अमेरिका, भारत, फ्रांस, चिली, ब्रिटेन और ताइवान जैसे देशों के सैन्य विमान शामिल रहे हैं. कुछ हादसों में पायलटों की जान बच गई, जबकि कई मामलों में सैन्यकर्मियों की मृत्यु भी हुई. इन घटनाओं में प्रशिक्षण विमान, लड़ाकू विमान, बमवर्षक, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल रहे.
15 जून: तीन अलग-अलग देशों से गंभीर दुर्घटनाएँ सामने आईं
– पाकिस्तान: मर्दान (खैबर पख्तूनख्वा) के पास एक T-37 ट्रेनर विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई और जमीन पर मौजूद तीन नागरिक घायल हुए.
– उसी दिन रूस में Tu-22M3 रणनीतिक बॉम्बर इरकुत्स्क ओब्लास्ट के पास एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तेज़ गोता लगाकर क्रैश हो गया. राहत की बात यह रही कि क्रू समय रहते बाहर निकलने में सफल रहा.
– इसी तारीख को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस पर B-52H स्ट्रैटोफोर्ट्रेस टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. शुरुआती रिपोर्टों में क्रू की स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जिससे यह घटना और गंभीर मानी गई.
13 जून: भारत और अमेरिका में दो बड़े हादसे
– भारत के असम स्थित जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर 43 स्क्वाड्रन का An-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में आग लग गई और पाँच कर्मियों की मौत हो गई, जबकि सह-पायलट बच गया.
– इसी दिन अमेरिका में F/A-18D हॉर्नेट लड़ाकू विमान वॉशिंगटन राज्य के कैस्केड्स क्षेत्र में कम ऊंचाई वाली प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. पायलट समय रहते इजेक्ट कर गया और बच गया.
10 जून: पाकिस्तान में सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश
– 10 जून को पाकिस्तान आर्मी एविएशन का Mi-17 हेलीकॉप्टर, मुज़फ्फराबाद के पास तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में सभी 21 सवार कर्मियों की मृत्यु हो गई.
9 जून: होर्मुज़ के पास अमेरिकी अपाचे पर हमला
– एक अमेरिकी AH-64D/E अपाचे हेलीकॉप्टर, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास गश्त पर था, कथित रूप से ईरानी फायरिंग में गिरा दिया गया. हालांकि पायलटों को एक नौसैनिक ड्रोन बोट की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया. यह घटना सीधे सैन्य तनाव से जुड़ी मानी जा रही है.
7 जून: फ्रांस में गेंडारमेरी हेलीकॉप्टर हादसा
– फ्रांस के ब्रे-सेंट-अनियॉन क्षेत्र के पास EC135 T2+ हेलीकॉप्टर गश्त के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में एक अधिकारी की मौत हुई और दो गंभीर रूप से घायल हुए.
3 जून: एक ही दिन कई देशों से घटनाएँ दर्ज की गईं
– चिली में T-35 प्रशिक्षण विमान इंजन फेल होने के बाद आपात लैंडिंग के दौरान जलकर नष्ट हो गया, हालांकि दोनों पायलट बच गए.
– ब्रिटेन में AW101 Merlin हेलीकॉप्टर ओकेहैम्पटन के पास रात के प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें तीनों क्रू की मौत हो गई.
– उसी दिन अमेरिका ने अपने TAV-8B Harrier फ्लीट को आधिकारिक रूप से रिटायर किया, जो चार दशकों से सेवा में था. साथ ही TAV-8B ट्रेनर भी सेवा से बाहर कर दिए गए. हालांकि ये दुर्घटनाएं नहीं थीं, लेकिन इन्हें सैन्य विमानन घटनाओं की सूची में शामिल किया गया क्योंकि इन विमानों का दशकों लंबा सेवा काल समाप्त हुआ.
2 जून: ताइवान में ट्रेनर विमान हादसा
– ताइवान एयर फ़ोर्स का T-34 ट्रेनर विमान गंगशान एयरबेस के पास सिम्युलेटेड इंजन फेल्योर अभ्यास के दौरान क्रैश हो गया. इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई.
हालांकि इन सभी घटनाओं के पीछे कारण अलग-अलग हैं, लेकिन एक बात समान है कि अधिकांश हादसे प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान हुए. यह दर्शाता है कि सैन्य विमानन में प्रशिक्षण चरण भी उतना ही जोखिमपूर्ण होता है जितना वास्तविक युद्धक अभियान. दुनिया की लगभग हर बड़ी वायु सेना को आज उड़ान सुरक्षा, रखरखाव और पायलट प्रशिक्षण की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जून 2026 के पहले 15 दिनों में सामने आए ये 11 हादसे दिखाते हैं कि आधुनिक सैन्य विमानन जितना उन्नत हुआ है, उससे जुड़े जोखिम भी उतने ही बड़े बने हुए हैं.




