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Dehradun news: पर्यतन स्थल देहरादून में लोगों का आवागन मुश्किल हो गया है. चारों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें और टूरिस्ट स्पॉट पर पैर रखने तक की जगह न होने की वजह से कई लोगों का अनुभव काफी निराशाजनक रहा है. आइए जानते हैं कि यहां घूमने आए लोगों का क्या कहना बै,
देहरादून: वीकेंड आते ही पहाड़ों की रानी मसूरी और राज्य की राजधानी देहरादून की ओर रुख करने वाले पर्यटकों के चेहरे इस बार कुछ उतरे हुए नजर आए. ‘वॉटर वेकेशन’ का आनंद लेने और तपती गर्मी से राहत पाने की चाहत में पहुंचे पर्यटकों को न तो वैसी सड़कें मिलीं जैसी उम्मीद थी, और न ही सुकून के पल. चारों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें और टूरिस्ट स्पॉट पर पैर रखने तक की जगह न होने की वजह से कई लोगों का अनुभव काफी निराशाजनक रहा है.
मैदानी इलाकों से देहरादून और मसूरी की ओर आने वाले कई पर्यटकों का कहना है कि कनेक्टिविटी बेहतर होने के दावों के बावजूद, जमीनी स्तर पर ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़कों की हालत वैसी नहीं है, जैसी एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन की होनी चाहिए. जगह-जगह लग रहे लंबे जाम के कारण पर्यटकों के सफर का आधा समय गाड़ियों में ही बीत रहा है.
ब्लॉगर्स का वीडियो देखकर आए
देहरादून घूमने आए पर्यटक मुकेश ने बताया कि वह गुजरात के रहने वाले हैं और देहरादून तक लंबा सफर इसलिए उन्होंने किया, ताकि वह अपने परिवार के साथ इंजॉय कर सकें. उन्होंने बताया कि अपने बच्चों के साथ वह पानी वाली जगह घूमना चाहते थे, इसीलिए देहरादून के कई ब्लॉगर्स की वीडियो देखकर वह यहां चले आए. उन्होंने बताया कि यहां पहाड़ों से निकलने वाला पानी बहुत ठंडा है, गर्मी से राहत मिली है लेकिन हमें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार घूमने आए और वहां से उन्होंने देहरादून का रुख किया. उन्होंने बताया कि वह हरिद्वार से सुबह के समय चले थे, लेकिन शाम को देहरादून पहुंच पाए और यहां रॉबर्स में भी इतनी ज्यादा भीड़ मिली कि उन्हें बहुत परेशान होना पड़ा. उन्होंने कहा कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सड़क अच्छी होनी चाहिए, लेकिन हमने जैसा सोचा था वैसा नहीं हुआ. यहां सड़कों में गड्ढे, यातायात जाम और भीड़भाड़ से काफी परेशान होना पड़ा है. यहां टूरिस्ट प्लेस में इतनी ज्यादा महंगा फास्ट फूड रहा है. टिकट भी बढ़ता जा रहा है.
लंबे ट्रैवल में स्ट्रेस मिल गया
वहीं शामली से मसूरी के लिए घूमने आए नासिर बताते हैं कि पहले 3 घंटे में वह शामली से मसूरी पहुंच जाया करते थे, लेकिन धीरे-धीरे देहरादून में इतनी भीड़ बढ़ती जा रही है कि देहरादून पहुंचकर उन्हें बस में भीड़भाड़ मिल रही है. सार्वजनिक वाहनों की संख्या ज्यादा न होने से प्राइवेट गाड़ियों वाले ज्यादा पैसा मांग रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वह रात तक मसूरी पहुंच पाएंगे और महंगा रूम उन्हें लेना पड़ेगा, क्योंकि आते समय बस नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि मन की शांति के लिए हम देहरादून की तरफ आए थे, लेकिन इस तरह ट्रैफिक जाम और लंबा ट्रैवल इंसान को तनाव में पहुंचा देता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.




