लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने शुक्रवार को लेबनान सरकार और इजरायल के बीच हुए नए सीजफायर समझौते का विरोध करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेहरान को वाशिंगटन के साथ बातचीत में लेबनान का इस्तेमाल मोलभाव करने वाले हथियार के तौर पर नहीं करना चाहिए।
दरअसल, ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि अगर इजरायल लेबनान से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता है, तो इलाके में शांति नहीं होगी। ऐसे में अमेरिकी मीडिया सीएनएन को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा, “हमारे देश में दखल देना आपका (ईरान का) काम नहीं है। मैं इस बयान को पूरी तरह से खारिज करता हूं, क्योंकि हमारे लोग मारे जा रहे हैं। हमारे घर तबाह किए जा रहे हैं।”




