Last Updated:
Trump vs Cuba 75000 Crore Property Dispute: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बाद क्यूबा को लेकर धमकी दी है. दोनों देशों के बीच 1959 की क्रांति से जुड़ा 75 हजार करोड़ रुपए का पुराना विवाद है. अमेरिका ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार द्वारा जब्त संपत्तियों के मुआवजे की मांग की है. क्यूबा की आर्थिक हालत खराब होने के कारण वह यह बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ है. अब देखना होगा कि ट्रंप इस पर क्या नया कदम उठाएंगे.
क्यूबा से 75000 करोड़ रुपए कैसे वसूलेगा ट्रंप का अमेरिका? (Photo made with AI)
डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के दलदल से निकले नहीं हैं लेकिन क्यूबा पर लार टपकाना छोड़ नहीं रहे. उन्होंने आज तंज कसने के अंदाज में कहा कि एक बार ईरान से निपटने दो. IRGC गार्ड्स को गटर में पहुंचाकर जब आर्मी लौटेगी तो क्यूबा में थोड़ा आराम करेगी. दरअसल यह धमकी है क्यूबा को जिसके 60 साल पुराना रार है अमेरिका का. अह और इसमें 9 अरब डॉलर की जंग बहुत अहम है. ये लड़ाई ना बंदूक की है ना बॉर्डर की बल्कि पैसे और संपत्ति की है.हम इसी पर फोकस करेंगे. 9 अरब डॉलर का मतलब है भारत के रुपए में 75000 करोड़. तो है क्या यह पूरा मामला? दरअसल 1959 में क्यूबा में क्रांति हुई. फिदेल कास्त्रो की सरकार आई. उन्होंने सत्ता में आते ही बड़े फैसले किए. देश भर में जमीन,चीनी मिले, बैंक, तेल कंपनियां और कई बड़े उद्योग सरकार ने अपने कब्जे में ले लिए. ये अमेरिका के पड़ोस में कम्युनिस्ट सत्ता की आंधी थी. सभी प्राइवेट संपत्तियों पर सरकार का कंट्रोल हो गया. लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों की भी संपत्तियां शामिल थी.
उस समय अमेरिका ने लगभग 6000 संपत्तियों पर दावे किए जिन्हें क्यूबा की सरकार ने जबरदस्ती अपने नियंत्रण में लिया. उसकी कुल कीमत तब आंकी गई थी 1.9 अरब डॉलर और ब्याज जोड़ते-जड़ते यह रकम अब हो गई है ₹75000 करोड़.
— President Trump on Cuba:
It’s sort of collapsed.I like to do one thing at a time. We’ll take care of the Islamic Republic of Iran, and as soon as that is done, on our way, back we’ll just make a brief stopover. pic.twitter.com/4Dqy2rAEWm




