Last Updated:
दिल्ली-एनसीआर में लगातार आंधी, बारिश और बिजली कड़कने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने और वोल्टेज के अचानक ऊपर-नीचे होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. ऐसे मौसम में टीवी, एसी, फ्रिज, कंप्यूटर और वाई-फाई राउटर जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं. एक छोटी सी लापरवाही हजारों या लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप अपने घर के इलेक्ट्रॉनिक सामान को बिजली के तगड़े झटकों, पावर सर्ज और वोल्टेज फ्लक्चुएशन से सुरक्षित रख सकते हैं.
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे सेंसिटिव उपकरणों को सर्ज प्रोटेक्टर वाले बोर्ड से जोड़ा जाए. (AI)
दिल्ली-एनसीआर में इस समय मौसम पूरी तरह बदला हुआ है. कहीं तेज आंधी चल रही है तो कहीं बिजली कड़क रही है. ऐसे मौसम में सबसे बड़ी परेशानी बार-बार होने वाले पावर कट और वोल्टेज फ्लक्चुएशन की होती है. आमतौर पर लोग इसे सिर्फ बिजली जाने की समस्या मानते हैं, लेकिन असली खतरा तब होता है जब बिजली वापस आती है. विशेषज्ञों के मुताबिक बिजली कड़कने या ग्रिड में अचानक बदलाव होने पर पावर लाइन में हाई वोल्टेज सर्ज पैदा हो सकता है. यह सर्ज कुछ सेकंड के लिए आता है, लेकिन इतना शक्तिशाली होता है कि टीवी, एसी, फ्रिज, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
कई लोग सोचते हैं कि टीवी या एसी को रिमोट से ऑफ कर देना ही पर्याप्त है. लेकिन यह सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है. अगर बाहर तेज बिजली कड़क रही हो या आंधी चल रही हो, तो डिवाइस का मुख्य स्विच बंद करके उसका प्लग भी सॉकेट से निकाल देना चाहिए. इससे बिजली के झटके सीधे उपकरण तक नहीं पहुंच पाते और नुकसान की संभावना काफी कम हो जाती है.
एसी और फ्रिज के लिए स्टेबलाइजर जरूरी
फ्रिज और एसी जैसे उपकरणों में कंप्रेसर लगा होता है, जो वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. अगर आपके इलाके में अक्सर बिजली का वोल्टेज ऊपर-नीचे होता रहता है, तो एक अच्छी क्वालिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर लगाना समझदारी होगी. स्टेबलाइजर वोल्टेज को नियंत्रित करके उपकरण तक सुरक्षित बिजली पहुंचाता है और महंगे रिपेयरिंग खर्च से बचाता है.
सर्ज प्रोटेक्टर बन सकता है बड़ा रक्षक
आज भी कई घरों में कंप्यूटर, टीवी और होम थिएटर सामान्य एक्सटेंशन बोर्ड में लगाए जाते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे सेंसिटिव उपकरणों को सर्ज प्रोटेक्टर वाले बोर्ड से जोड़ा जाए. सर्ज प्रोटेक्टर अचानक आने वाले हाई वोल्टेज को रोकता है और उसे उपकरण तक पहुंचने से पहले ही अवशोषित कर लेता है.
कंप्यूटर और राउटर के लिए UPS सबसे अच्छा विकल्प
वर्क फ्रॉम होम करने वालों और छात्रों के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट बेहद जरूरी हो चुके हैं. ऐसे में यूपीएस (UPS) एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करता है. बिजली जाने पर यह बैकअप देता है और साथ ही पावर सप्लाई को फिल्टर करके उपकरणों को सुरक्षित रखने में मदद करता है. इससे डेटा लॉस और हार्डवेयर डैमेज का खतरा भी कम हो जाता है.
बिजली आते ही तुरंत न करें ये गलती
अधिकांश लोग जैसे ही बिजली वापस आती है, तुरंत एसी, फ्रिज और अन्य उपकरण चालू कर देते हैं. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती कुछ सेकंड या मिनटों में वोल्टेज पूरी तरह स्थिर नहीं होता. इसलिए बिजली आने के कम से कम 2 से 3 मिनट बाद ही बड़े उपकरणों को चालू करना चाहिए. इससे कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता.
इन बातों का भी रखें ध्यान
आंधी-तूफान के दौरान खुले में पड़े केबल और वायरिंग की जांच करते रहें. अगर घर में पुरानी वायरिंग है तो उसकी समय-समय पर सर्विसिंग कराना जरूरी है. अर्थिंग सिस्टम सही होना भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि खराब अर्थिंग की स्थिति में बिजली के झटकों का असर उपकरणों पर ज्यादा पड़ सकता है.
छोटी सावधानी, बड़ा फायदा
दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में कुछ मिनट निकालकर अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समझदारी होगी. प्लग निकालना, स्टेबलाइजर और सर्ज प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करना और बिजली आने के बाद थोड़ी देर इंतजार करना जैसी छोटी सावधानियां आपके हजारों रुपये बचा सकती हैं और महंगे गैजेट्स को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकती हैं.
About the Author

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें




