Agency:एजेंसियां
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डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी अदालत से करारा झटका लगा है! कोर्ट ने सेना में ट्रांसजेंडर सैनिकों पर लगाए बैन को पलटते हुए ट्रंप सरकार को जमकर लताड़ा है. जज ने साफ कहा कि यह फैसला सेना के भले के लिए नहीं, बल्कि एक खास तबके को नुकसान पहुंचाने की जिद में लिया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
डोनाल्ड ट्रंप सरकार को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है. एक फेडरल अपीलीय कोर्ट ने सोमवार को अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर सैनिकों पर लगाए गए प्रतिबंध को पूरी तरह असंवैधानिक माना है. जज साहब ने ट्रंप सरकार को लताड़ लगाते हुए साफ कहा कि यह फैसला किसी सेना के भले के लिए नहीं, बल्कि समाज के एक खास तबके को सिर्फ और सिर्फ नुकसान पहुंचाने की जिद में लिया गया फैसला लगता है.
अदालत ने यह फैसला 2-1 के बहुमत से सुनाया और निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसने रक्षा मंत्रालय के हाथ बांध दिए थे. इस फैसले के बाद अब सरकार सेना में पहले से मौजूद किसी भी ट्रांसजेंडर सैनिक को उसकी जेंडर पहचान के आधार पर नौकरी से नहीं निकाल पाएगी.
क्या था पूरा बखेड़ा?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडरों की सेवा पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इससे सेना की युद्ध क्षमता पर असर पड़ता है और उनके मेडिकल का खर्चा बहुत ज्यादा आता है. ट्रंप के इस फरमान के बाद सेना में हड़कंप मच गया था और नौकरी से निकाले जाने के डर से कई ट्रांसजेंडर सैनिकों ने सरकार के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिन्हें अब जाकर बड़ी राहत मिली है.
फैसले में एक पेंच भी
हालांकि, इस फैसले में एक पेंच भी है. कोर्ट ने साफ किया है कि यह राहत फिलहाल सिर्फ उन मौजूदा सैनिकों को मिली है जिन्होंने कोर्ट में केस लड़ा था. इसका मतलब यह हुआ कि जो पहले से सेना में हैं उनकी नौकरी तो बच जाएगी, लेकिन नए ट्रांसजेंडर युवाओं की सेना में भर्ती पर पेंटागन जो रोक लगाना चाहता है, उस पर यह फैसला कोई पाबंदी नहीं लगाता.
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