Trekking Tips: पहाड़ों पर ट्रेकिंग का बना रहे हैं प्लान? निकलने से पहले बैग में जरूर रखें ये जरूरी चीजें


Last Updated:

पहाड़ों की खूबसूरती और ट्रेकिंग का रोमांच हर किसी को आकर्षित करता है, लेकिन बिना तैयारी के यह सफर मुश्किल भी बन सकता है. मौसम, स्वास्थ्य और जरूरी सामान का ध्यान रखकर ही ट्रेकिंग पर निकलना चाहिए, ताकि यात्रा सुरक्षित और यादगार बन सके.

ऋषिकेश: पहाड़ों की खूबसूरती हर किसी को अपनी ओर खींचती है. बर्फ से ढकी चोटियां, झरनों की आवाज और बादलों के बीच चलना किसी सपने जैसा लगता है. लेकिन ट्रेकिंग सिर्फ रोमांच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है. कई लोग बिना सही तैयारी के ट्रेक पर निकल जाते हैं और बाद में उन्हें मौसम, थकान या जरूरी सामान की कमी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए अगर आप भी किसी ट्रेक की प्लानिंग कर रहे हैं, तो उत्साह के साथ तैयारी पर भी पूरा ध्यान देना बेहद जरूरी है.

ट्रेक पर जाने से पहले सबसे जरूरी है मौसम की जानकारी लेना. पहाड़ों का मौसम कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता. ऐसे में बैग में रेनकोट या पोंचो जरूर रखें.

पानी की बोतल, एनर्जी बार, ड्राई फ्रूट्स और हल्के स्नैक्स साथ होना चाहिए ताकि रास्ते में शरीर को ऊर्जा मिलती रहे. ट्रेकिंग के दौरान शरीर जल्दी थकता है, इसलिए खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है. साथ ही एक छोटा फर्स्ट एड किट जरूर रखें जिसमें बैंडेज, दर्द की दवा, एंटीसेप्टिक क्रीम और जरूरी दवाइयां हों.

Add News18 as
Preferred Source on Google

ट्रेकिंग के लिए सही जूते सबसे ज्यादा मायने रखते हैं. कई बार लोग स्टाइलिश जूते पहनकर निकल जाते हैं, लेकिन पहाड़ों में फिसलन भरे रास्तों पर मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज ही सुरक्षित रहते हैं. इसके अलावा गर्म कपड़े, ग्लव्स और अतिरिक्त मोजे भी बैग में रखें क्योंकि ऊंचाई पर तापमान अचानक गिर सकता है. मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज रखें और जहां संभव हो वहां पावर बैंक भी साथ रखें. किसी करीबी को अपनी ट्रेकिंग लोकेशन और रूट की जानकारी देकर निकलना हमेशा सुरक्षित माना जाता है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि ट्रेक पर जाते समय कुछ हेल्थ से जुड़ी चीजें साथ रखना बेहद जरूरी है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि ट्रेकर्स को ORS, बेसिक मेडिसिन, सनस्क्रीन, लिप बाम और जरूरी होने पर इनहेलर या पर्सनल दवाइयां जरूर रखनी चाहिए. ऊंचाई वाले इलाकों में कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द या उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं, इसलिए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ट्रेक से पहले अच्छी नींद लेना और शरीर को फिट रखना जरूरी है ताकि सफर के दौरान कमजोरी महसूस न हो.

वहीं ट्रेक एक्सपर्ट्स सौरभ का कहना है कि पहाड़ों में जल्दबाजी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है. उनका मानना है कि ट्रेक के दौरान धीरे-धीरे चलना चाहिए ताकि शरीर ऊंचाई के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर सके. एक्सपर्ट्स हमेशा हल्का लेकिन जरूरी सामान रखने की सलाह देते हैं क्योंकि ज्यादा वजन सफर को मुश्किल बना सकता है.

वे यह भी कहते हैं कि प्लास्टिक या कूड़ा पहाड़ों में बिल्कुल न फैलाएं और नेचर को साफ रखने की जिम्मेदारी हर ट्रेकर की है. ट्रेकिंग सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि रास्ते को महसूस करने का अनुभव भी है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img