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Iran Israel Deal Trump: ईरान के साथ शांति डील को लेकर डोनाल्ड ट्रंप अपनी ही पार्टी में घिर गए हैं. रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया कि यह समझौता ओबामा की पुरानी परमाणु डील जैसा कमजोर है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी डील बिल्कुल उलटी है और आलोचक बिना देखे हल्ला मचा रहे हैं. उधर ईरान ने भी ट्रंप के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप.
Iran Israel Deal Trump: ईरान के साथ शांति समझौते का डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया में ढोल पीट रहे हैं. लेकिन वह अपनी ही पार्टी और अमेरिका नें निशाने पर आ गए हैं. रिपब्लिकन नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि जिस जंग को परमाणु खतरे के नाम पर शुरू किया गया, अगर उसी के बाद ईरान को राहत देकर युद्ध खत्म किया गया, तो फिर अमेरिका ने हासिल क्या किया? इस आलोचना के बाद ट्रंप खुद मैदान में उतर आए हैं और बचाव करने में जुट गए हैं. सोशल मीडिया पर अपनी डील का बचाव करते हुए बोले कि उनकी डील ओबामा वाली नहीं, बल्कि उसका ‘ठीक उलटा’ है. अमेरिका में इस युद्ध के कारण महंगाई बढ़ी है. सांसदों की शिकायत है कि पब्लिक लगातार उन्हें फोन करके इसके लिए भला-बुरा कहती है. वहीं नवंबर में मिडटर्म चुनाव है, जिस कारण भी रिपब्लिकन नेता ट्रंप के साथ नहीं खड़े हो पा रहे हैं.
दरअसल, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जिस ड्राफ्ट समझौते पर बातचीत चल रही है, उसमें पहले युद्ध रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और लंबा युद्धविराम देने पर जोर है. लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तुरंत फैसला नहीं होगा. यही बात ट्रंप की अपनी पार्टी के नेताओं को खटक रही है, क्योंकि व्हाइट हाउस ने फरवरी में जब ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, तब उसका बड़ा तर्क यही था कि ईरान के परमाणु खतरे को रोकना जरूरी है.
डील पर इज्जत बचा रहे ट्रंप
इस आलोचना के बीच ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लंबा पोस्ट लिखकर पलटवार किया. ट्रंप ने लिखा, ‘अगर मैं ईरान के साथ डील करता हूं, तो वह अच्छी और सही डील होगी. ओबामा वाली डील जैसी नहीं, जिसने ईरान को भारी नकदी दी और परमाणु हथियार तक साफ रास्ता दे दिया.’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘हमारी डील बिल्कुल उसका उलटा है, लेकिन किसी ने इसे देखा नहीं है और किसी को पता नहीं है कि इसमें क्या है. यह अभी पूरी तरह तय भी नहीं हुई है. इसलिए उन हारने वालों की बात मत सुनो, जो ऐसी चीज की आलोचना कर रहे हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं. मुझसे पहले वालों को यह समस्या सालों पहले सुलझा लेनी चाहिए थी, लेकिन मैं खराब डील नहीं करता.’
ट्रंप की सफाई पर भी नहीं माने सांसद
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के रिश्ते अब ‘ज्यादा पेशेवर और ज्यादा अच्छी बातचीत की’ दिशा में जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका कभी ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा. लेकिन ट्रंप की इस सफाई से उनकी पार्टी के कई नेता शांत नहीं हुए. रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर ने एक्स पर लिखा, ‘अगर यह 60 दिन का युद्धविराम इस भरोसे पर है कि ईरान ईमानदारी से बातचीत करेगा, तो यह तबाही होगी. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से जो हासिल हुआ, वह सब बेकार हो जाएगा.’ रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी चेतावनी दी कि ऐसा समझौता ‘मिडिल ईस्ट में ताकत का संतुलन बदल सकता है और लंबे समय में इजरायल के लिए डरावना सपना बन सकता है.’
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





