best places to visit in bahraich | must visit places near bahraich | बहराइच में घूमने की जगह |


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Best Places to Visit in Bahraich: अगर आप इस गर्मी की छुट्टी का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं, तो अब आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है. बहराइच और उसके आस-पास ही कई ऐसी शानदार जगहें मौजूद हैं, जहां आप बेहद कम खर्च में अपना पूरा दिन बड़े आराम से बिता सकते हैं. इन जगहों पर बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए मनोरंजन, इतिहास और कुदरत के खूबसूरत नजारे देखने को मिल जाते हैं, जिन्हें आप अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद कर सकते हैं. आइए जानते हैं इन खास टूरिस्ट स्पॉट्स के बारे में.

अगर आप गर्मी की छुट्टियों का पूरा मजा लेना चाहते हैं, तो बहराइच के लोग पड़ोसी जिले श्रावस्ती का रुख कर सकते हैं. बहराइच मुख्यालय से इसकी दूरी मात्र 50 किलोमीटर है. यहां आपको अंगुलिमाल डाकू की गुफा, सहेट-महेट और भव्य बुद्ध टेंपल जैसे कई ऐतिहासिक और रहस्यमयी स्थान देखने को मिल जाएंगे. सुंदर नजारों से भरपूर यह जगह बच्चों और बड़ों, दोनों को खूब पसंद आती है और आप इन पलों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सकते हैं.

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अगर आपका बजट बहुत कम है और आप किसी बेहतरीन जगह पर शांति से समय बिताना चाहते हैं, तो बहराइच मुख्यालय से महज 8 से 10 किलोमीटर दूर गोंडा रोड पर स्थित चित्तौरा झील और महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल सबसे बेस्ट ऑप्शन है. यहां आप झील के किनारे बैठकर कुदरत के शांत माहौल को निहार सकते हैं. बच्चों के मनोरंजन के लिए यहां पार्क और झूले भी बने हुए हैं. यहां जाने के लिए आप अपनी मोटरसाइकिल या फिर ऑटो-रिक्शा का सहारा आसानी से ले सकते हैं.

लोकल में आप बहराइच मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर कतर्नियाघाट टूरिस्ट पैलेस का प्लान कर सकते हैं.जहां आप अपना सुबह से शाम तक का समय देकर भरपूर आनंद उठा सकते हैं जहां पर आप बोट राइडिंग,जिप्सी सफारी, घड़ियाल सेंटर,जैसी चीजों से प्राकृतिक को बड़े करीब से देख सकते हैं अगर आप पूरे परिवार से जाते हैं, तो आपका खर्चा बस 4 से ₹5000 का ही होता है.

प्रकृति और वन्यजीवों के शौकीन लोगों के लिए बहराइच मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित कतर्नियाघाट एक परफेक्ट चॉइस है. यहां आप सुबह से लेकर शाम तक बोट राइडिंग, जिप्सी सफारी और घड़ियाल सेंटर का लुत्फ उठा सकते हैं. घने जंगलों के बीच से प्रकृति को करीब से देखने का यह अनुभव बेहद रोमांचक होता है. अगर आप पूरे परिवार के साथ यहां जाते हैं, तो 4 से 5 हजार रुपये के बजट में आपकी यह ट्रिप बड़े आराम से हो जाएगी.

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लोकल में आप चाहे तो स्वर्ण जयंती, पार्क रिसिया का भी आनंद उठा सकते हैं जहां एंट्री के लिए मंत्र ₹10 पर पर्सन खर्च करने पड़ते हैं.यहा जाकर आप पेड़, पौधे सुंदर वातावरण झूले, नर्सरी का आनंद बड़े आराम से उठा सकते हैं यहां भी जाने से मन को मिलती है शांति और लगता है अच्छा.

वहीं, बहराइच लोकल में ही छोटी सी पिकनिक के लिए आप रिसिया स्थित स्वर्ण जयंती पार्क का प्लान भी बना सकते हैं. इस पार्क की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां एंट्री फीस बहुत ही कम है, आपको प्रति व्यक्ति मात्र 10 रुपये का टिकट लेना पड़ता है. पार्क के अंदर सुंदर पेड़-पौधे, हरी-भरी नर्सरी और बच्चों के लिए झूले मौजूद हैं. शांत और साफ-सुथरे वातावरण की वजह से यहां आकर मन को बेहद सुकून मिलता है.

गर्मी की छुट्टी में आप अपने परिवार को बिल्कुल बाहर जैसा फील करना चाहते हैं तो बहराइच से लगभग 70 किलोमीटर दूर श्रावस्ती जिले के किनारे नेपाल बॉर्डर पर स्थान सोनपथरी,जहां जाने के बाद वापस आने का नहीं करता है मन,जहां पर आपको कुदरत का सुंदर करिश्मा देखने को मिलता है.दूर ऊपर पहाड़ों का दृश्य झरने से गिरता हुआ पानी और नहर में सुंदर अनेकों पत्थर मानो ऐसा फील करते हो जैसे कहीं दूर पहुंच गए हो जहां भी आप लुफ्त उठा सकते हैं.यहां पास में एक मंदिर भी मौजूद है अगर आप वहां भी जाना चाहते हैं तो अपना आधार कार्ड अपने साथ ले जाएं क्योंकि थोड़ी ही दूरी पर चलने पर नेपाल का एरिया आ जाता है और आधार कार्ड दिखाने पर ही आपको मंदिर के दर्शन होते हैं.

अगर आप इन छुट्टियों में अपने परिवार को किसी हिल स्टेशन जैसा अहसास कराना चाहते हैं, तो बहराइच से लगभग 70 किलोमीटर दूर श्रावस्ती जिले की सीमा से सटे नेपाल बॉर्डर पर स्थित ‘सोनपथरी’ जरूर जाएं. दूर दिखते पहाड़ों का खूबसूरत नजारा, झरनों से गिरता पानी और नहर में बिखरे सुंदर पत्थर आपको ऐसा फील कराएंगे मानो आप किसी पहाड़ी वादी में आ गए हों. यहां पास में ही एक प्रसिद्ध मंदिर भी है. ध्यान रखें कि मंदिर जाने वाले रास्ते पर कुछ ही दूरी के बाद नेपाल का क्षेत्र शुरू हो जाता है, इसलिए सुरक्षा जांच के लिए अपना पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड साथ ले जाना न भूलें, क्योंकि इसे दिखाने के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिलती है.

बहराइच शहर में मौजूद राजकीय उद्यान पार्क जो कपूरथला पार्क नाम से भी फेमस है.आप चाहे तो यहां भी जाकर अपने बच्चों को इंजॉय कर सकते हैं और हसीन वादियों के साथ सुंदर पेड़ पौधों को देखकर लुफ्त उठा सकते हैं.जहां पर, पर पर्सन ₹10 शुल्क देना होता है.सुबह शाम यहां जमकर भीड़ लगती है शहर के लोग आकर यहां पर समय बिताते हैं.

बहराइच शहर के भीतर ही शाम बिताने के लिए कपूरथला पार्क के नाम से मशहूर राजकीय उद्यान एक बहुत अच्छी जगह है. शहर की भागदौड़ के बीच बने इस पार्क में सुंदर पेड़-पौधों के बीच आप बच्चों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं. यहां भी एंट्री फीस मात्र 10 रुपये प्रति व्यक्ति है. सुबह और शाम के समय यहां स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है, जहां लोग टहलने और ताजी हवा का आनंद लेने आते हैं.

अगर आप शहर में एक ही दिन में पार्क में घूम कर थक गए हैं तो आप धार्मिक स्थल का भी प्लान बना सकते हैं.इसमें आप बहराइच शहर की मशहूर मंदिर पांडव कालीन गुल्लाबीर जा सकते है,जहां पर स्वच्छ सुंदर खुला हुआ वातावरण नवनिर्मित तालाब देवी देवताओं की सुंदर प्रतिमा और मंदिर का प्रांगण लगे हुए तमाम पेड़, पौधे आपको यहां समय बीतने पर मजबूर कर देंगे. बच्चों के खेलने के लिए भी यहां पर मैदान पड़ा हुआ है आप चाहे तो यहां भी समय बिता सकते हैं.

यदि आप पार्क घूमकर कुछ अलग देखना चाहते हैं और किसी शांत धार्मिक स्थल पर जाना चाहते हैं, तो शहर में स्थित पौराणिक गुल्लाबीर मंदिर जा सकते हैं. पांडव कालीन माने जाने वाले इस मंदिर का प्रांगण बहुत ही खुला और स्वच्छ है. यहां नवनिर्मित सुंदर तालाब, देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमाएं और चारों तरफ लगे छायादार पेड़-पौधे आपका मन मोह लेंगे. बच्चों के खेलने के लिए भी यहां बड़ा मैदान उपलब्ध है, जहां आप परिवार के साथ शांति से समय बिता सकते हैं.

बहराइच और गोंडा जिले के बॉर्डर पर बना हुआ राजा का महल जिसको लोग भूल भुलैया के नाम से भी जानते हैं.जो हुजूरपुर क्षेत्र में बना हुआ है, जिसकी देखरेख अब एक पुजारी करते हैं.यहां पास में एक घाट भी बना हुआ है.जिस घाट का पानी इतना स्वच्छ रहता है कि आपको हर वक्त इसमें तैरती हुई मछलियां दिखाई दे जाएंगे. आप यहां पर भी जाकर इस राजा के महल को अच्छे से देखकर अपना समय बिता सकते हैं. जो आज भी कई राज यह महल अपने अंदर समेटे हुए हैं.

बहराइच और गोंडा जिले के बॉर्डर पर हुजूरपुर क्षेत्र में स्थित राजा का महल भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जिसे लोग ‘भूल भुलैया’ के नाम से भी जानते हैं. इस ऐतिहासिक महल की देखरेख अब यहां के एक पुजारी करते हैं. महल के पास ही एक सुंदर घाट बना हुआ है, जिसका पानी इतना साफ है कि आपको उसमें तैरती हुई मछलियां हर वक्त साफ दिखाई दे जाएंगी. आज भी अपने भीतर कई ऐतिहासिक रहस्यों को समेटे हुए इस महल को देखना एक अनोखा अनुभव है.

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