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White House Shooting Suspect: अमेरिका के व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम अचानक गोलीबारी से हड़कंप मच गया. हमलावर की पहचान 21 साल के नसीरे बेस्ट के रूप में हुई, जिसने कथित तौर पर चेकपॉइंट पर तैनात अधिकारियों पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस ने उसे गोली मार दी, बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना के वक्त डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे.
व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग हुई.
White House Shooting Suspect: अमेरिका के ‘राष्ट्रपति भवन’ यानी व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी की घटना हुई है. शनिवार शाम हुई इस सनसनीखेज घटना में 21 साल के नसीरे बेस्ट (Nasire Best) नाम के युवक ने कथित तौर पर व्हाइट हाउस सुरक्षा घेरा के पास तैनात अधिकारियों पर फायरिंग कर दी. जवाब में सीक्रेट सर्विस ने गोली मारकर उसे घायल कर दिया. बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई. जब यह घटना हुई उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
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कैसे हुआ हमला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना स्थानीय समय के मुताबिक शनिवार शाम 6 बजे के बाद हुई. जगह थी 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू NW, जो व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर सुरक्षा चेकपॉइंट वाला इलाका है. सीक्रेट सर्विस के अनुसार, आरोपी अपने बैग से बंदूक निकालकर अचानक अधिकारियों की तरफ फायरिंग करने लगा. लगभग 20-30 राउंड फायर हुए. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की. एक राहगीर भी गोलीबारी में घायल हुआ, हालांकि यह साफ नहीं है कि उसे आरोपी की गोली लगी या जवाबी फायरिंग में सीक्रेट सर्विस की फारिंग में घायल हुआ.
सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को पहले भी पकड़ा
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नसीरे बेस्ट पहले से सीक्रेट सर्विस के रिकॉर्ड में था. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 26 जून 2025 को उसने एजेंट्स को रोककर कथित धमकियां दी थीं. 10 जुलाई 2025 को वह प्रतिबंधित इलाके में घुसने के आरोप में पकड़ा गया था. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें थीं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह खुद को ‘यीशु मसीह’ समझता था और उस पर पहले व्हाइट हाउस से दूर रहने का कोर्ट आदेश भी था. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उसके हमले के पीछे की मंशा पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
गोलियों की आवाज से मचा हड़कंप
व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उन्होंने लगातार कई गोलियों की आवाज सुनी. ABC News की रिपोर्टर सेलिना वांग उस समय वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं. उन्होंने बताया कि अचानक गोलियां चलने लगीं और सभी को दौड़कर प्रेस ब्रीफिंग रूम में शरण लेने को कहा गया. एक कनाडाई पर्यटक ने कहा कि उसे पहले लगा जैसे 20-25 पटाखे फूटे हों, लेकिन बाद में पता चला कि वह असल में गोलियां थीं.
ट्रंप पर पहले भी हुए हमले
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस और FBI की तैनाती हुई. पीले क्राइम-सीन वाले टेप लगे दिख रहे हैं. यह घटना ऐसे समय हुई है जब डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई सुरक्षा खतरों का सामना कर चुके हैं. पिछले महीने व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान भी फायरिंग की घटना हुई थी. वहीं 2024 में पेनसिल्वेनिया रैली में ट्रंप के कान पर गोली लगी थी.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





